पुरुषों की यौन स्टेमिना को बेहतर बनाता है मुसली पाक, जानें बनाने और सेवन करने की विधि

कल्याण आयुर्वेद- आजकल की बदलती लाइफस्टाइल में अनियमित खानपान, खानपान में पौष्टिक तत्वों की कमी, घर, ऑफिस और परिवार की बढ़ती जिम्मेदारियां आदि के कारण ज्यादातर पुरुष तनाव में रहते हैं. जिसका प्रभाव उनके स्वास्थ पर पड़ता है. जिससे शारीरिक और मानसिक कमजोरी हो जाती है. इतना ही नहीं उनकी यौन स्टेमिना भी प्रभावित होने लगती है. जिसके कारण कई बार उनकी शादीशुदा जिंदगी तबाह हो जाती है.

पुरुषों की यौन स्टेमिना को बेहतर बनाता है मुसली पाक, जानें बनाने और सेवन करने की विधि 

लेकिन यदि पुरुष खानपान के साथ कुछ आयुर्वेदिक चीजों का नियमित सेवन करते हैं तो इससे उनकी शारीरिक और मानसिक कमजोरी दूर होने के साथ ही यौन स्टेमिना में बढ़ोतरी होगी.

आज हम एक ऐसे ही  आयुर्वेदिक पाक के बारे में बताने जा रहे हैं. इसका सेवन यदि पुरुष नियमित करते हैं तो सभी तरह की यौन समस्याएं दूर होकर यौन स्टेमिना में वृद्धि होगी.

जी हां हम जिस आयुर्वेदिक पाक के बारे में बता रहे हैं उसका नाम है मूसली पाक. आप इसे बाजार से भी खरीद सकते हैं या फिर घर पर बना कर सेवन कर सकते हैं.

तो चलिए जानते हैं मूसली पाक बनाने की विधि-

इस पाक को बनाने के लिए इन चीजों की जरुरत होगी.

  1. सफेद मूसली- 375 ग्राम.
  2. स्याह ( काली ) मूसली- 375 ग्राम.
  3. गाय का दूध- 6 लीटर.
  4. गाय का घी-  375 ग्राम.
  5. चीनी- 740 ग्राम.
  6. गोक्षुर- 50 ग्राम.
  7. तालमखाना- 50 ग्राम.
  8. शतावरी- 50 ग्राम.
  9. हरीतकी बड़ी- 50 ग्राम.
  10. पिपली बड़ी- 50 ग्राम.
  11. कौंच बीज- 50 ग्राम.
  12. तेज पत्ता- 50 ग्राम.
  13. लौंग- 50 ग्राम.
  14. पिंड खजूर- 50 ग्राम.
  15. जावित्री- 50 ग्राम.
  16. नारिकेल मज्जा- 50 ग्राम.
  17. बादाम मज्जा- 50 ग्राम.
  18. चिरौंजी बीज-50 ग्राम.
  19. सफेद चंदन- 50 ग्राम.
  20. मुनक्का- 50 ग्राम.
  21. जायफल- 50 ग्राम.
  22. छोटी इलायची- 50 ग्राम.
  23. तगर- 50 ग्राम.
  24. वंग भस्म- 50 ग्राम. 

बनाने की विधि-

दोनों प्रकार की मूसली को अलग-अलग सूक्ष्म चूर्ण कर लें. गोक्षुर से लेकर तगर तक के सभी द्रव्यो का भी सूक्ष्म चूर्ण कर ले. सर्वप्रथम दोनों मूसली के चूर्ण को गाय के दूध में मिलाकर एक स्टेनलेस  स्टील के भगोने में रखकर मध्यम अग्नि से युक्त चूल्हे पर पाक करें. जब दूध गाढ़ा होकर खोवा जैसा हो जाए तो उसमें गोघृत मिलाकर उस मूसली युक्त खोवे को धीरे-धीरे भून लें. पुनः खोवे को अलग करके भगौने को साफ कर उस में चीनी और थोड़ा सा पानी मिला कर चासनी तैयार करें. तीन तार की चासनी होने पर 6 से 24 संख्या वाली सभी औषधियों के चूर्ण को अच्छी तरह से मिला लें. अब इस पाक से 10 ग्राम वजन के वटक या गोली बनाकर कांच के पात्र में सुरक्षित रख लें.
मात्रा और अनुपान

दो वटक सुबह- शाम गाय के घी के साथ लें और बाद में गुनगुना दूध पी ले. सिर्फ दूध के साथ भी सेवन कर सकते हैं.

मुसली पाक सेवन करने के फायदे-
प्रबल वाजीकारक योग है, इसके सेवन से वृद्ध भी तरुण स्त्रियों के साथ रमण कर सकता है, पुनः पुनः स्त्रियों के साथ रमण मे प्रवृत्त होता है. इसके सेवन से बल वीर्य पुरुष की वृद्धि होती है और नेत्र रोग नष्ट हो जाते हैं.  इसके सेवन से स्वप्नदोष की समस्या खत्म होती है. नपुसंकता के लिए यह रामबाण है. स्टेमिना बढ़ाता है. यह शरीर को सुदृद्ध और शक्तिशाली बनाता है.

नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उदेश्य से लिखा गया है. इसके सेवन से किसी तरह की हनी नही होती है फिर भी एक बार योग्य वैध की सलाह जरुर लें. धन्यवाद.


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