मधुमेह, मोटापा से लेकर कई बीमारियों का काल है यह पौधा, कहीं मिल जाए तो जरूर लें आयें घर

कल्याण आयुर्वेद- हमारे आसपास कई ऐसे पेड़ पौधे होते हैं जो वातावरण को शुद्ध करते ही हैं साथ ही औषधीय गुणों से भी भरपूर होते हैं. इतना ही नहीं कई पेड़ पौधों को शुभ और अशुभ से भी जोड़कर देखा जाता है उन्हीं पौधों में से एक है नागफनी का पौधा. यह कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है.

मधुमेह, मोटापा से लेकर कई बीमारियों का काल है यह पौधा, कहीं मिल जाए तो जरूर लें आयें घर

चलिए जानते हैं विस्तार से-

नागफनी एक ऐसा पौधा होता है जिसका तना पत्ते की तरह ही होता है. इसकी तना कहें या पत्ता पूरी तरह से गुद्देदार होता है. इसे मरुभूमि का पौधा कहा जाता है क्योंकि यह पौधा पानी के अभाव में होता है. इसलिए नागफनी के पौधे को हम सूखे क्षेत्र का पौधा भी सकते हैं. इसकी पत्तियों पर कांटे लगे होते हैं. यह पौधा बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है और काफी लंबे समय तक बिना पानी के भी आसानी से जीवित रहता है.

अगर नागफनी की प्रजाति की बात की जाए तो इसकी 25 प्रजातियां पाई जाती है. यह विशेषकर मेक्सिको, दक्षिण अमेरिका आदि में पाई जाती है. भारत में भी नागमणि का पौधा आसानी से देखने को मिल जाता है. इसे कैक्टस कहते हैं.

नागफनी में कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम शामिल होते हैं. नागफनी कैलोरी में कम वसा से भरपूर कोलेस्ट्रोल में कम होने के साथ ही कई तरह के पोषक तत्वों का बेहतर स्रोत होता है. इसके फलों को सुखाकर और पीसकर मवेशियों को भी खिलाया जाता है.

तो चलिए जानते हैं नागफनी के फायदे-

हड्डियों के लिए-

नागफनी का पौधा हड्डियों के लिए बहुत लाभदायक होता है क्योंकि इसमें कैल्शियम के अलावा कई उपयोगी तत्व भी पाए जाते हैं. यह क्षतिग्रस्त होने के बाद मजबूत हड्डियों के निर्माण और हड्डियों की रिपेयर का एक अनिवार्य हिस्सा है.

पाचन क्रिया में है मददगार-

नागफनी में प्रचुर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है. इसमे आहार फाइबर बहुत ही आवश्यक होता है क्योंकि यह आंतों के लिए एक बेहतरीन बल्क जोड़ होता है. यह गैस और कब्ज के लक्षण भी कम करता है.

मधुमेह-

नागफनी के पत्तों से तैयार अर्क के अंदर मौजूद ग्लूकोज के स्तर के लिए शक्तिशाली होता है. यह डायबिटीज वाले मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. यह ग्लूकोज के स्तर में कम स्पाईक को पैदा कर सकता है.

मोटापा कम करे कम-

यह भूख को बढ़ाने वाला हार्मोन होता है इसमें वसा और कोलेस्ट्रोल भी बहुत कम होता है. इसमें मौजूद विटामिन बी6, थियामिन और रिबोफ्लेबिन की उपस्थिति भी पाचन जल्दी करता है.

नींद ना आना-

इस पौधे में मैग्नीशियम भी प्रचुर मात्रा में होता है जो अनिद्रा, चिंता और बेचैनी से ग्रस्त लोगों में नींद को पैदा करने के लिए एक बेहद ही उपयोगी खनिज होता है. यह शरीर में सेरोटोनिन को रिलीज करने में मददगार होता है.

त्वचा के लिए-

इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल और एंटीऑक्सीडेंट गुण समय से पहले उम्र के लक्षणों के खिलाफ एक अच्छा रक्षात्मक तंत्र है. सेलुलर के बाद मुक्त कण त्वचा पर रह जाते हैं. यह आपकी त्वचा को प्रभावित कर सकते हैं.

अल्सर के लिए-

नागफनी में मौजूद तरल पदार्थ और रेशेदार पदार्थ गैस्ट्रिक अल्सर के विकास को रोकते हैं और अल्कोहल के अत्यधिक खपत के कारण विकसित होते हैं. इसलिए ऐसे लोगों के लिए जो नियमित रूप से अल्सर से ग्रस्त हैं उनको इस शक्तिशाली जड़ी-बूटी को अपने आहार में शामिल करना फायदेमंद होता है.

नोट- यह पोस्ट शैक्षनिक उद्देश्य से लिखा गया है प्रयोग और मात्रा के लिए किसी योग्य वैध से सलाह लें. धन्यवाद.

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