जानें- मरने के बाद नाक, कान में क्यों रखे जाते है सोने के कण और रुई से क्यों करते हैं बंद

अक्सर आपने देखा होगा कि कि व्यक्ति के मरने के बाद नाक और कान में रुई डालकर बंद कर दिया जाता है. लेकिन आप जानते हैं ऐसा क्यों किया जाता है. अगर नही जानते तो आगे पढ़ते रहिए.

जानें- मरने के बाद नाक, कान में क्यों रखे जाते है सोने के कण और रुई से क्यों करते हैं बंद
मृत व्यक्ति के लगभग सभी छिद्र बंद हो जाते है नाक और कान को छोड़कर अगर मुंह खुले भी रह जाते है तो उसे बंद करने पर बंद हो जाते हैं.नाक और कान को रुई से इसलिए बंद कर दिया जाता है कि मृत व्यक्ति के शरीर में बाहर का कीटाणु प्रवेश न कर सके.हालाँकि इंसान मर गया तो कीटाणु क्या कर लेंगे.

मरने के बाद नाक में रुई डालने के एक और कारण होता है कि मृत व्यक्ति को नहला कर साफ किया जाता है और नाक से मरने के बाद एक तरल निकलता है. जिससे शरीर गन्दा न हो जाय इसलिए भी नाक और कान में रुई लगाईं जाती है क्योंकि रुई तरल को सोख लेता है.

अब शास्त्रों कि माने तो मरने के बाद व्यक्ति के नाक,कान,मुंह या अन्य जगहों में सोने के कण रखे जाते हैं जिसे साधारण भाषा में तुस्स कहते हैं.

इसके पीछे मान्यता है कि सोना सबसे पवित्र होता है और यह शरीर के नौ अंगों में रखने से उसकी आत्मा को शांति मिलता है और उसके जिंदगी में किये पापों का नाश होता है.

सोने के कण नाक और कान में रखने के बाद गिर न जाय इसलिए भी इन छिद्रों को बंद करने के लिए रुई से नाक और कान बंद कर दिए जाते हैं.

इस तरह मृत व्यक्ति के नाक और कान में कई बार हम फिल्मों में या घर में लगे देखते हैं और हम समझ नही पाते है कि पूर्वजों ने ऐसा नियम क्यों बनाया.

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