जोड़ों के दर्द, ह्रदय रोग, मोटापा को दूर करने में मददगार है काला नमक, जानें कैसे करें इस्तेमाल

kalyan ayurved- कालानमक कब्ज,पेट फूलना,इर्ष्या,सूजन,गण्डमाला इत्यादि रोगों में तो प्रयोग किया जाता है. रसोई घर के नमक की अपेक्षा कालानमक में सोडियम की मात्रा कम होता है. यही कारण है कि उच्च रक्तचाप में भी इसका इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा सकता है. कालानमक में आयरन और अन्य विटामिन की मात्रा ज्यादा होती है. कालानमक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर सलाद,आचार,चटनी आदि में किया जाता है.

जोड़ों के दर्द, ह्रदय रोग, मोटापा को दूर करने में मददगार है काला नमक, जानें कैसे करें इस्तेमाल
तो आइये जानते हैं कालानमक का प्रयोग-

1 .जोड़ों के दर्द -जोड़ों का दर्द काफी कष्टदायक होता है. यह बुजुर्गों की जिंदगी कष्टदायक बना देता है जो काला नमक के प्रयोग से राहत पाया जा सकता है. इसके लिए कालानमक का एक सूती कपडे में पोटली बनाकर गरम पानी में डुबोकर इस पोटली से जोड़ों की सिकाई करने से बहुत राहत मिलता है. इसका इस्तेमाल दिन में 2-3 बार करना ज्यादा फायदेमंद होता है.

2 .ह्रदय-ह्रदय रोग बैड कोलेस्ट्रोल के कारण होता है और कालानमक बैड कोलेस्ट्रोल को कम करने और जरुरी कोलेस्ट्रोल को पूर्ति करने में सहायक होता है. इससे रक्त की धमनियां मोटे होने से बच सकती है और आप बैड कोलेस्ट्रोल कम होने से सीधे आपका दिल का स्वास्थ ठीक रहता है. जिससे आप स्वस्थ रहते हैं.

3 .सांस-कालानमक का इस्तेमाल सासों से जुडी कई समस्याओ जैसे सर्दी खांसी,दमा ब्रोंकियल पैसेज की एलर्जी को ठीक करने में सहायक है क्योंकि कालानमक में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो सांस नालियों में होनेवाले संक्रमण को ठीक करने की क्षमता रखते हैं.

4 .वजन-एक गिलास पानी में कालानमक मिलाकर पीने से वजन कम होती है क्योंकि इससे मेटाबोलिज्म स्तर काफी हद तक कम हो जाता है और भूख कम हो जाती है. जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है.

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