यौवनारंभ होने पर लड़कियों में आते हैं ये बदलाव

कल्याण आयुर्वेद- बचपन जैसे ही खत्म होता है और जब लड़की किशोरावस्था में कदम रखती है तो धीरे-धीरे उसके शरीर में ना चाहते हुए भी कई तरह के बदलाव आने लगता है. मानसिक विचारधारा के साथ-साथ शारीरिक बदलाव भी होने लगते हैं. जब शारीरिक व यौन परख लक्षण विकसित होने लगते हैं जो यौवन की शुरुआत हो जाती है.

यौवनारंभ होने पर लड़कियों में आते हैं ये बदलाव

आपको बता दें कि ऐसा हार्मोन के कारण होता है. इस बदलाव की वजह से लड़कियां प्रजनन के योग्य बनते हैं. यौवनारंभ हर किसी में अलग-अलग समय पर शुरू होता है और अलग-अलग अवधी तक रहता है. बदलते जीवनशैली और खानपान की वजह से वर्तमान में काफी लड़कियों 9 साल की अवस्था से शुरू हो जाता है. वैसे आमतौर पर इसे 13 वर्ष की अवस्था से आरंभ माना जाता है.

लड़कियों में यौवनारंभ में आते हैं ये बदलाव-

* स्तनों के आकार में वृद्धि होना.

* त्वचा का तैलीय हो जाना, कुछ लड़कियों में मुंहासे निकलना.

* प्रजनन अंगों में भी आ जाता है बदलाव.

* शरीर की लंबाई और नितंबों का आकार बढ़ जाना.

* बगल और योनि के आसपास बाल आने शुरू हो जाना.

* मासिक धर्म का शुरू हो जाना.

नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है अधिक जानकारी के लिए डॉक्टरी सलाह लें. धन्यवाद.

स्रोत- आरोग्य प्रकाश.

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