पेट के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है यह पौधा, गमले में भी आसानी से रख सकते हैं

कल्याण आयुर्वेद- आज के समय में शायद ही कोई व्यक्ति हो जो पेट की समस्या से परेशान नहीं रहता हो. अरुचि, अपच, अतिसार, अफारा इत्यादि बहुत ही आम समस्या है जो कभी भी और किसी को भी हो सकता है. हालांकि आजकल ऐसी समस्या होने पर तुरंत ही लोग अंग्रेजी दवाइयों का सेवन करना शुरू कर देते हैं. लेकिन यदि घर में कुछ पौधे लगाकर रखे जाएं तो ऐसी छोटी-मोटी समस्याओं से निजात दिलाने में वह आपकी मदद कर सकता है.

पेट के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है यह पौधा, गमले में भी आसानी से रख सकते हैं

जी हां, हम जिस पौधे के बारे में बात करने जा रहे हैं वह है पुदीना. पुदीना अरुचि, अपच, अतिसार, अफारा, स्वास, कास, ज्वर, मूत्र रोग इत्यादि में बहुत ही लाभदायक माना गया है. वैसे तो पुदीना पूरे वर्ष पाया जाता है लेकिन इसका सर्वाधिक उपयोग गर्मियों में होता है. पुदीने में पाए जाने वाला एपटाइजर पेट संबंधी समस्याओं के लिए काम करता है जिससे पाचन तंत्र संतुलित रहता है.

पुदीने के अंदर पाए जाने वाले सुगंध मात्र से ही लार ग्रंथि सक्रिय हो जाता है जो पाचन क्रिया में अहम भूमिका निभाता है. पुदीने का प्रतिदिन थोड़ा सा किसी न किसी रूप में सेवन करना तथा योगासन के अंतर्गत आने वाला वज्रासन पाचन तंत्र को सक्रिय रखने के लिए सबसे अच्छा उपाय है. यह याद रहे की भोजनोंपरांत 10 मिनट तक वज्रासन में बैठने से पाचन क्रिया तीव्र किया संतुलित रहती है.

गर्मियों में चलने वाली लू द्वारा शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को भी पुदीना से निर्मित पन्ना नाकाम कर देता है. पुदीना का एक सबसे महत्वपूर्ण गुण यह है कि एसिडिटी के कारण उत्पन्न होने वाले पेट में जलन व सूजन को ठीक करता है.

पुदीने की पत्तियों को पीसकर माथे पर लेप करने से माइग्रेन के दर्द से भी राहत मिलती है.

पुदीने के सेवन से स्वास की बदबू भी पूरी तरह से नियंत्रित हो जाती है. आमतौर पर उच्च रक्तचाप व निम्न रक्तचाप दोनों की दवा अलग-अलग होती है. किंतु पुदीना रक्तचाप की ऐसी औषधि है जो निम्न और उच्च दोनों ही रक्तचाप के लिए फायदेमंद है. यह ध्यान रहे कि उच्च रक्तचाप के मरीज पुदीना शक्कर व नमक का प्रयोग न करें तथा निम्न रक्तचाप के मरीज को पुदीने में काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर सेवन करना चाहिए.

यदि भोजन के साथ पुदीना की पत्तियों से बने चटनी का नियमित सेवन किया जाए तो पेट से जुड़ी समस्याएं दूर रहती है. चटनी के रूप में पुदीने का सेवन करना किसी भी मौसम में नुकसानदायक नहीं होता है.

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