अगर आप भी करते हैं ये काम तो हो सकती है स्पर्म काउंट में कमी, हो जाएँ सतर्क

कल्याण आयुर्वेद- सुन्दर सपने और खुशहाल जिंदगी जीने के लिए स्पर्म काउंट का सही मात्रा में होना आवश्यक है. अगर स्पर्म काउंट सही न हो तो आपको कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आपको पिता बनने में दिक्कते आती है और आप खुश नही रह पाते हैं. जब स्पर्म की कमी होने लगती है तो नपुंसकता बढ़ने लगती है. जिससे शारीरिक सम्बन्ध के साथ बच्चे पैदा करने में दुबिधा खडी हो जाती है. एक स्वस्थ पुरुष में 15 मिलियन स्पर्म की कोशिकाओं का होना आवश्यक होता है. लेकिन कुछ कारण वश इसमें कमी आने लगती है और आपको बाप बनने में परेशानी होने लगती है.

अगर आप भी करते हैं ये काम तो हो सकती है स्पर्म काउंट में कमी, हो जाएँ सतर्क
तो आइये जानते हैं स्पर्म काउंट कम होने के कारण-

1 .खान-पान-आज के आधुनिक युग में खान-पान में बहुत बदलाव आते जा रहे हैं जो हमारे स्वस्थ के साथ कई बिमारियों को दावत दे रहे है, क्योंकि आज के खान-पान में पौष्टिक तत्वों की मात्रा न के बराबर मिल रही है जो पुरुषों में नपुंसकता का कारण बनती जा रही है क्योंकि रोज आपके खाए जा रहे जंकफूड प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं. जिस कारण स्वास्थ और स्पर्म काउंट दोनों पर असर पड़ रहा है.

इसलिए अपने नीत दिन के सेवन में पौष्टिकता भरी चीजों का सेवन करना जरुरी है. स्वास्थवर्धक और हेल्दी खाना खाने से प्रोटीन,विटामिन्स और मिनरल्स मिलते है जो आपके स्पर्म काउंट को बनाए रखने में मददगार होते है. आप नीत दिन के खाने में पत्तेदार सब्जियां,फल,फाइबर युक्त आहार का सेवन जरुर करें इसके सेवन से शरीर को नई उर्जा मिलती है.

2 .व्यायाम न करना-वैसे तो बढती उम्र में स्पर्म काउंट प्रभावित होता ही है लेकिन नियमित रूप से व्यायाम नही करना भी आपके स्पर्म काउंट को प्रभावित करता है लेकिन बढ़ती उम्र में कई प्रकार की जबाब देही आपके ऊपर आ जाती है और समय नही मिल पाता है लेकिन इस समस्या से लड़ने का सबसे बढ़िया उपाय व्यायाम ही है जो समय निकालकर करना चाहिए.

3 .धुम्रपान-धुम्रपान और शराब भी ज्यादा मात्रा में सेवन करना स्पर्म काउंट को प्रभावित करता है इसलिए शराब और धुम्रपान से बचना चाहिए.

4 .मनोरंजक दवाइयों का इस्तेमाल-कुछ लोग शारीरिक सम्बन्ध शक्ति बढाने के लिए मनोरंजक दवाइयों का इस्तेमाल करते है जो स्पर्म काउंट को प्रभावित करते है जिससे स्पर्म की संख्या कम या कमजोर होती है.

5 मानसिक तनाव-स्पर्म काउंट को प्रभावित करने में मानसिक तनाव का भी बहुत बड़ा हाथ होता है लेकिन हमारे जीवन में कई तरह की परेशानियाँ आते रहती है जो तनाव का कारण बनती है और तनाव के समय हमारे शारीर में ब्लड सर्कुलेशन उच्च हो जाता है और हार्मोन बढ़ने लगते हैं जिससे स्पर्म काउंट में कमी आने लगती है जो आपके जीवन में परेशानी ला सकती है इसलिए ज्यादा से ज्यादा तनाव से बचना चाहिए.

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