जानें- अंकुरित अनाजों में क्यों बढ़ जाती है पौष्टिकता, जानें कौन से अनाज खाने क्या फायदे हैं

कल्याण आयुर्वेद- आप कई लोगों से सुने होंगे की अंकुरित अनाज खाना फायदेमंद होता है. इसमें पौष्टिकता ज्यादा होती है. अंकुरित अनाज नियमित खाने से आप कई बिमारियों से बच सकते है. लेकिन क्या आपको पता है कि अंकुरित अनाज में पौष्टिकता क्यों बाद जाती है. अगर नही जानते तो आगे पढ़ें.

अंकुरित अनाज में क्यों बढ़ जाती है पौष्टिकता-

अनाज अंकुरित होने के बाद हमारा शरीर अंकुरित अनाज की फलियों और दालों को सब्जियों के रूप में पहचान करता है. अंकुरित अनाज की प्रक्रिया जीवित पौधों के रूप में बदल देती है. जिससे हमारे शरीर को पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है. साथ ही अनाज को पचाने में लिवर को कम ताकत लगती है और अंकुरित अनाज जल्दी पच जाता है.

आइये जाने कौन से अंकुरित अनाज खाने क्या लाभ होता है-

1 .चना-अंकुरित अनाजों में लोग या डॉक्टर चना खाने की सलाह देते है क्योंकि चना में विटामिन बी 6 अच्छी मात्रा में होता है जो हारमोंस के उत्पादन और न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में उपयोगी है चने में प्रोटीन अधिक और बसा की मात्रा कम होती है काबुली चने में फाइबर,कार्बोहाइड्रेट,विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं जो पाचन तंत्र को ठीक रखते है और ह्रदय रोगों का खतरा कम हो जाता है.

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2 .मेथी-मेथी में डायबिटीज,रुमेटाइड अर्थराइटिस को कम करने की शक्ति होती है साथ ही तंत्रिका तंत्र के लिए भी अच्छे होते है इसलिए अंकुरित मेथी का सेवन करना चाहिए.
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3 .दाल-अंकुरित दालों में फोलेट और पोटेशियम की अच्छी मात्रा होती है जो आयरन की नई उत्पादन और कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं.
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अंकुरित अनाज को खूब चबा-चबाकर खाना चाहिए और एक बार अधिक मात्रा में नही खाना चाहिए. ऐसे पोस्ट पाने के लिए फॉलो और कमेन्ट जरुर करें.

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