डायबिटीज के मरीज रखें इन बातों का ध्यान, रहेंगे पूरी जिंदगी स्वस्थ्य

कल्याण आयुर्वेद- आज के समय में डायबिटीज एक आम बीमारी बनती जा रही है जिससे काफी लोग प्रभावित हो रहे हैं. डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो किसी को एक बार हो जाए तो पूरी जिंदगी उसका साथ नहीं छोड़ता है. ऐसे में डायबिटीज के मरीजों को खान-पान से लेकर रहन- सहन तक का विशेष ध्यान रखना पड़ता है और इसमें जो व्यक्ति लापरवाही बरतते हैं उनके शरीर में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगते हैं. खासकर किडनी से जुड़ी समस्याएं, आंखों से जुड़ी समस्याएं, लीवर का कमजोर हो जाना जैसी समस्याएं होने लगती है.

डायबिटीज के मरीज रखें इन बातों का ध्यान, रहेंगे पूरी जिंदगी स्वस्थ्य

चलिए जानते हैं विस्तार से-

शरीर में इंसुलिन हार्मोन के स्राव में कमी से डायबिटीज की बीमारी होता है. डायबिटीज अनुवांशिक या उम्र बढ़ने पर या मोटापे के कारण या तनाव के कारण हो सकता है. डायबिटीज एक ऐसा रोग है जिसमें व्यक्ति को काफी परहेज करना पड़ता है क्योंकि परहेज नहीं करने से दूरगामी परिणाम बुरे होते हैं. लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो डायबिटीज के मरीज एक स्वस्थ जीवन बिता सकते हैं?

डायबिटीज के मरीजों का आहार केवल पेट भरने के लिए ही नहीं होता है बल्कि उनके शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा को संतुलित रखने में मददगार होता है क्योंकि यह रोग जीवन भर रहता है. इसलिए वह अपने खान-पान पर हमेशा ध्यान रखें. आमतौर पर मरीज ब्लड शुगर की नार्मल रिपोर्ट आते ही लापरवाह हो जाते हैं. डायबिटीज के मरीज के मुंह में गया हर चीज उसके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है इसलिए जो भी खाएं सोच समझकर खाएं.

* डायबिटीज के मरीज को आंखों और किडनी के रोग, सूनापन आना जैसी समस्याएं हो सकती है. इसलिए सदैव यही प्रयत्न करना चाहिए कि ब्लड शुगर लेवल फास्टिंग 70- 110 मिलीग्राम / डीएल व खाना खाने के 2 घंटे के बाद 100- 140 मिलीग्राम / डीएल बना रहे. इसके लिए इन्हें खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए. 45 मिनट से एक घंटा तीव्र गति से पैदल चलना या अन्य कोई भी एक्सरसाइज करना चाहिए. सही समय पर दवाई या इंसुलिन लेना चाहिए. डायबिटीज व्यक्ति को अपने वजन व लंबाई के अनुसार प्रस्तावित कैलोरी से पांच प्रश कम कैलोरी का सेवन करना चाहिए.

उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति की लंबाई 5 फुट 4 इंच है तो उसका आदर्श वजन 55 किलोग्राम होना चाहिए. व्यक्ति की क्रियाशीलता यदि कम है जैसे कि वह बैठे-बैठे काम करता है तो उसे 2400 कैलोरी लेना चाहिए.

* डायबिटीज हो तो इसका मात्रक समर्थक 2280 कैलोरी आहार उसके लिए सही रहेगा. यदि वह मोटा हो तो उसे 200- 300 कैलोरी और घटा देना चाहिए. ब्लड ग्लूकोस लेवल फास्टिंग 70- 110 मिलीग्राम / डीएल व खाना खाने के 2 घंटे के बाद का 100- 140 मिलीग्राम / डीएल बना रहे. इसके लिए इन्हें खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए. 45 मिनट से एक घंटा तीव्र गति से पैदल चलना या अन्य कोई एक्सरसाइज करना चाहिए.

* सामान्य डायबिटिक व्यक्ति को अपने आहार में कुल कैलोरी का 40% कार्बोहाइड्रेट युक्त पदार्थों से 40% फैट युक्त पदार्थों से व 20% प्रोटीन युक्त पदार्थों से लेना चाहिए. एक व्यस्क अधिक वजनी डायबिटिक व्यक्ति को 60% कार्बोहाइड्रेट से 20% से 20% प्रोटीन से कैलोरी लेना चाहिए.

* डायबिटीज के रोगियों को प्रोटीन अच्छी मात्रा में व उच्च गुणवत्ता वाला लेना चाहिए. जैसे- दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली, सोयाबीन आदि का नियमित सेवन करना चाहिए. इंसुलिन ले रहे डायबिटिक व्यक्ति एवं गोलिया ले रहे डायबिटीज व्यक्ति को खाना सही समय पर खाना चाहिए. ऐसा न करने पर हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है. जिसके यह लक्षण है- कमजोरी लगना, भूख अधिक लगना, पसीना आना, आंखों से धुंधला या डबल दिखाई देना, ह्रदय गति तेज होना, झटके आना एवं गंभीर स्थिति होने पर मूर्छा भी हो सकता है.

* डायबिटीज से ग्रसित को हमेशा अपने साथ कोई मीठी चीज जैसे- ग्लूकोस, शक्कर, चॉकलेट, मीठे बिस्किट में से कुछ रखना चाहिए एवं ऐसे लक्षण होने पर तुरंत इनका सेवन करना चाहिए. एक सामान्य डायबिटीज व्यक्ति को अपने आहार में निम्न बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है कि यह थोड़ी- थोड़ी देर में कुछ खाते रहें. दो या ढाई घंटे में कुछ खाएं एक समय पर बहुत सारा खाना ना खाएं.

* तले हुए पदार्थ, मिठाइयां, बेकरी के पदार्थों से परहेज रखना चाहिए. दूध, सदैव डबल टोंड का ही प्रयोग करना चाहिए, कम कैलोरी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें. जैसे- भुना चना छिलके सहित, परमल, अंकुरित अनाज, सलाद आदि का ज्यादा सेवन करें. दही से बनाया हुआ ले सकते हैं. छाछ का सेवन करना फायदेमंद होता है. मेथी दाना दर्दरा पिसा हुआ आधा से एक चम्मच खाना खाने के 15 मिनट पहले सेवन करने से शुगर लेबल नियंत्रण में रहता है. रोटी के आटे को बिना चोकर निकाले सेवन करना चाहिए और इसकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इसमें सोयाबीन भी मिला सकते हैं.

* तेल का सेवन दिन भर में 20 ग्राम से अधिक नहीं करना चाहिए. अतः सभी सब्जियों को कम से कम तेल का प्रयोग करके पकाना चाहिए. हरे पत्तेदार सब्जियां खाना चाहिए, अपनी कैलोरीज का निर्धारण कुशल डाइटिशियन से बनवाकर उनके अनुसार चले तो निश्चित ही लाभ होगा व भोजन में विकल्प ज्यादा मिल सकते हैं. जिससे आपका भोजन वैरायटी वाला हो सकता है वह बोरियत भी नहीं होगी.

तो डायबिटीज के मरीज इन बातों का ध्यान रखकर एक स्वस्थ डायबिटीज जीवन बिता सकते हैं.

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