रिसर्च में दावा- कोरोना संक्रमण की चपेट में आए लोगों की जान बचा सकता है गांजा

कल्याण आयुर्वेद- इस समय कोरोना संक्रमण का खतरा टला नहीं है और इससे बचाव के लिए दुनिया भर के वैज्ञानिक इलाज ढूंढने में लगे हुए हैं. अब एक कनाडा की यूनिवर्सिटी ने दावा किया है कि गांजे के इस्तेमाल से कोरोनावायरस के प्रति सबसे अधिक खतरे में रहने वाले आयु वर्ग के लोगों और गंभीर बीमारियों को मौत से बचाया जा सकता है. इस रिसर्च के अनुसार शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए गांजा को इस्तेमाल में लाया जा सकता है. कोरोनावायरस से गंभीर रूप से पीड़ित लोगों पर गांजा से मिले तत्वों का इस्तेमाल शुरू किया जा सकता है.

रिसर्च में दावा- कोरोना संक्रमण की चपेट में आए लोगों की जान बचा सकता है गांजा

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार कनाडा की लेथब्रिज यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च टीम ने यह दावा किया है कि इम्यून सिस्टम में खराबी के कारण से साइटोकाइन स्टॉर्म नाम की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. इसमें वायरस के साथ-साथ शरीर के स्वस्थ सेल्स भी शिकार बन जाते हैं.

कोविड की कई गंभीर मामलों में यही मौत की वजह भी बनता है. गांजे के पेड़ से मिले तत्व साइटोकाइन स्टॉर्म को रोक सकते हैं. उन्हें ऐसे स्ट्रेन मिले हैं जो इसे पैदा करने में मदद करने वाले दो केमिकल्स interleukin-6 और tumour necrosis factor alpha की मात्रा को कम कर सकते हैं?

आपको बता दें कि महामारी की शुरुआत में ही मेडिकल  जगत साइटोकाइन स्टॉर्म को रोकने के तरीके खोजने में जुट गया था. वायरस के शरीर से निकलने के बाद भी यह प्रक्रिया जारी रहती है और इससे एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम हो सकता है? जिससे जान जा सकती है? इससे लंग फाइब्रोसिस भी हो सकता है? जिससे फेफड़ों के टिशू खराब हो सकते हैं और काम करना बंद कर सकते हैं.

शोधकर्ताओं ने गांजे के 200 से ज्यादा स्ट्रेंस को देखने के बाद 7 पर स्टडी की. यह रिसर्च रिसर्च स्क्वेयर में प्री प्रिंट हुई है और अभी इसे पियर रिव्यु नहीं किया गया है. इस स्टडी में ऐसे तीन नए स्ट्रेंस पाए गए हैं जबकि पहले की स्टडीज में भी ऐसे स्ट्रेंस का पता चला है.  इन स्ट्रेंस को नंबर 4,8 और 14 कहा गया है. इन्हें आईसीयू में भर्ती कोरोनावायरस के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए टेस्ट करने का प्लान है.

स्रोत-news18.

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