जीवन में सुख- शांति और समृद्धि के लिए माघ महीने में करने के लिए बताए गए हैं यह उपाय, आप भी जानें

धर्मशास्त्र- हिंदू पंचांग के मुताबिक माघ महीना की शुरुआत हो चुकी है. यह मास वर्ष का 11वां महीना होता है. इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान और दान का काफी महत्व होता है. माघ स्नान, माघ शुक्ल पूर्णिमा शनिवार 27 फरवरी 2021 को पूरा होगा. धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से शास्त्रों में माघ स्नान को मोक्ष प्रदाता बताया गया है. शास्त्रों में बताया गया है कि माघी पूर्णिमा पर स्वयं भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं. इसलिए इस पावन महीने में गंगाजल का स्पर्श मात्र भी अति पुण्य दाई होता है. माघ शब्द का संबंध श्री कृष्ण के स्वरूप माधव से है और यही माघ हो गया.

जीवन में सुख- शांति और समृद्धि के लिए माघ महीने में करने के लिए बताए गए हैं यह उपाय, आप भी जानें

जीवन में सुख- शांति और समृद्धि के लिए माघ महीने में कुछ नियम और उपाय-

* सुबह उठकर स्नान करना हितकारी है, गर्म पानी को छोड़कर सामान्य पानी से स्नान करना शुरू कर देना चाहिए.

* इस महीने में हल्के भोजन करना हितकारी बताया गया है.

* जल में तिल डालकर स्नान करना श्रीहरि को तिल अर्पित करना तथा नियमित तिल और गुड़ का सेवन करना विशेष फायदेमंद है.

* प्राचीन ऋषि-मुनियों के अनुसार इस महीने में एक समय भोजन करें तो आरोग्य और एकाग्रता की प्राप्ति होती है.

* प्रतिदिन गीता पाठ करने से सोच- समझ और समृद्धि में वृद्धि होती है.

 * प्रतिदिन भगवान कृष्ण को पीले फूल और पंचामृत अर्पित करें.

* प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करना भी अति फलदाई बताया गया है.

धार्मिक कथा-

धार्मिक कथाओं के अनुसार महाभारत के युद्ध के दौरान धर्मराज युधिष्ठिर के कई परिजन मारे गए थे. उन्हें वीरगति दिलाने के लिए युधिष्ठिर ने कल्पवास किया था. इसके अलावा भगवान को गौतम ऋषि के श्राप से मुक्ति तब मिली जब उन्होंने माघ महीने पवित्र नदी में स्नान किया. हर साल माघ महीने में लोग शाही स्नान करने के लिए पवित्र नदियों पर जमा होते हैं.

प्रयागराज में माघ मेला लगता है, हजारों भक्त गंगा- यमुना के संगम स्थल पर माघ महीने में पूरे 30 दिनों तक यानी पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक कल्पवास करते हैं.

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