आपके यहां भी है यह पेड़ तो एक बार जरूर पढ़ें ये खबर, वरना पछताएँगे

कल्याण आयुर्वेद- हमारे घर के आस-पास के पौधे का होना वातावरण को शुद्ध बनाने के साथ ही सेहत को ठीक रखने में उपयोगी होने के साथ-साथ धार्मिक दृष्टिकोण से और वास्तु के हिसाब से अच्छा माना जाता है. उन्हीं में से है परिजात के पौधे, जो धार्मिक दृष्टिकोण से तो फायदेमंद माना ही जाता है लेकिन सेहत से जुड़े भी कई खूबियां इसमें होती है.

चलिए जानते हैं विस्तार से-

पारिजात के पौधे कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. इसे हरसिंगार के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक दृष्टिकोण से ही हरसिंगार का बहुत महत्व है. आज हम आपको हरसिंगार स्वास्थ्य को होने वाले फायदों के बारे में बताने की कोशिश करें.

हरसिंगार के फूलों से लेकर पत्तियां, छाल एवं बीज भी स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी होते हैं. इसकी चाय न केवल स्वाद में बेहतरीन होती है बल्कि सेहत के गुणों से भी भरपूर होती है. इस चाय को आप अलग-अलग तरीकों से बना सकते हैं और सेहत व सौंदर्य के कई फायदे ले सकते हैं.

चलिए जानते हैं हरसिंगार के फायदे-

1 .जोड़ों के दर्द में हरसिंगार के 6-4 पत्ते तोड़कर इसे पीसने के बाद इस पेस्ट को पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक कि पानी आधा ना रह जाए, तब इसे ठंडा करके प्रतिदिन सुबह खाली पेट में नियमित रूप से इसका सेवन करने से जोड़ों से संबंधित समस्याएं दूर हो जाती है.

2 .खांसी हो या फिर सूखी खांसी हरसिंगार के पत्तों को पानी में उबालकर पीने से बिल्कुल खत्म हो जाती है. आप चाहे तो इसे सामान्य चाय में उबालकर भी पी सकते हैं या फिर शहद के साथ ही सेवन कर सकते हैं.

3 .किसी भी तरह के बुखार को दूर करने में हरसिंगार मददगार होता है. इसके लिए हरसिंगार की पतियों की चाय पीना फायदेमंद होता है. डेंगू से लेकर मलेरिया या फिर चिकनगुनिया तक हर तरह के बुखार को खत्म करने की क्षमता हरसिंगार में होती है.

4 .साइटिका से परेशान लोगों के लिए हरसिंगार किसी अमृत से कम नहीं है. इसके लिए दो कप पानी में हरसिंगार के 8- 10 पतियों को धीमी आंच पर उबालें. जब पानी आधा रह जाए तो इसे ठंडा करके सुबह-शाम खाली पेट पिएं. एक सप्ताह में आपको फर्क नजर आने लगेगा.

5 .बवासीर को दूर करने में भी हरसिंगार काफी मददगार होता है. इसके लिए हरसिंगार के बीज का सेवन या फिर उनका लेप बनाकर बवासीर के मस्सों पर लगाना लाभदायक होता है.

6 .त्वचा संबंधी समस्याओं को भी दूर करने में हरसिंगार मददगार होता है. इसके लिए हरसिंगार की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बना लें. जिस हिस्से में त्वचा से संबंधित बीमारी है वहां अप्लाई करें. आधे घंटे के बाद गुनगुने पानी से धोकर नारियल तेल लगाएं. इससे दाद, खाज दूर हो जाती है.

7 .हरसिंगार के फूलों को पीसकर पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने चेहरा गोरा एवं आकर्षक हो जाता है.

8 .हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए भी हरसिंगार बहुत ही मददगार औषधि है. इसके लिए 15 से 20 फूलों के रस का सेवन करना लाभदायक होता है.

9 .अस्थमा, सांस से संबंधित बीमारियों में हरसिंगार के छाल का चूर्ण बनाकर पान के पत्ते में डालकर खाने से लाभ होता है. इसके लिए सुबह- शाम खाना चाहिए.

10 .शास्त्रों के अनुसार जो भी व्यक्ति दो या अधिक हरसिंगार के पौधों का रोपण श्री हनुमान जी के मंदिर में या नदी के किनारे या किसी भी सामाजिक स्थल पर करता है तो उसे एक लक्ष्य तोला स्वर्ण दान के जितना पुण्य प्राप्त होता है और उसे जीवन भर श्री हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है. हरसिंगार की पूजा करने के बाद लाल कपड़े में लपेट कर तिजोरी में रखे तो आपको कभी धन की कमी नही होगी.

हरिवंश पुराण इस वृक्ष और फूलों का विस्तार से वर्णन किया गया है इन फूलों को खासतौर पर लक्ष्मी पूजन के लिए इस्तेमाल किया जाता है यह वृक्ष जिसके घर आंगन में होता है वहां हमेशा शांति और समृद्धि का निवास रहता है.

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