जानें- बुखार होने के कारण, लक्षण और जड़ से खत्म करने के आयुर्वेदिक उपाय

कल्याण आयुर्वेद- जब भी मौसम में बदलाव आता है तो ज्यादातर लोग खांसी, जुकाम के साथ बुखार की शिकायतें करते हुए नजर आते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि साधारण सा दिखने वाला बुखार कितने प्रकार का होता है. इन सब बुखार के लक्षण कारण और उपचार भी अलग-अलग होते हैं. इसलिए आज हम आपको बुखार क्या है? बुखार कितने प्रकार के होते हैं? बुखार के कारण, बुखार के लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार के बारे में बताएंगे.

जानें- बुखार होने के कारण, लक्षण और जड़ से खत्म करने के आयुर्वेदिक उपाय

बुखार क्या है?

आमतौर पर शरीर के सामान्य तापमान से अधिक होने की स्थिति को बुखार कहा जाता है. चिकित्सा विज्ञान में बुखार हमारे शरीर को संक्रमण से बचाने का एक तरीका भी है, इसलिए बुखार को संक्रमण यानी इंफेक्शन से होने वाली बीमारी भी माना जाता है क्योंकि बुखार होने पर हमारे शरीर पर इंफेक्शन यानी बुरे बैक्टीरिया का हमला होता है जिसे बचाने के लिए शरीर में मौजूद वाइट ब्लड सेल्स सक्रिय हो जाते हैं. जिससे शरीर का तापमान बढ़ता है और शरीर में कपकपी महसूस होती है.

बुखार कितने प्रकार के होते हैं?

1 .वायरल फीवर.

2 .मलेरिया.

3 .कमजोरी से होने वाला बुखार.

4 .दिमागी बुखार.

5 .टाइफाइड फीवर.

6 .चिकनगुनिया.

7 .डेंगू फीवर.

बुखार होने के कारण-

बुखार कई कारणों से हो सकता है जैसे- थकान की वजह से होने वाला बुखार, बारिश में भीगने की वजह से भी बुखार हो जाता है. मच्छर के काटने से बुखार होता है. इसके अलावे टीकाकरण की वजह से भी बुखार हो सकती है?

बुखार के लक्षण-

बदन टूटना व थकान महसूस होना, कपकपी व चक्कर आना, गले व जोड़ों में दर्द होना, मांस पेशियों में खिंचाव होना.

बुखार के घरेलू उपचार-

सबसे पहले बुखार की जांच करवाएं.

यदि बुखार बढ़ रहा है और आपके नजदीक कोई उपचार केंद्र नहीं है तो माथे पर ठंडे पानी की पटिया रखें और उपलब्ध हो तो तुलसी और गिलोय के पत्तों के काढ़े का सेवन करें. इससे बुखार नॉर्मल हो जाता है.

यदि उपलब्ध हो सके तो तत्काल बुखार उतारने के लिए पेरासिटामोल टेबलेट का सेवन करें.

बुखार को जड़ से खत्म करने के लिए आयुर्वेदिक उपाय-

किसी भी तरह के बुखार जड़ से खत्म करने के लिए दो- दो गोली सुबह- शाम महासुदर्शन वटी का सेवन करें.

इसके साथ ही अमृतारिष्ट 15 मिलीलीटर की मात्रा में सुबह- शाम सेवन करें.

नोट- महासुदर्शन वटी और अमृतारिष्ट के सेवन से किसी भी तरह के बुखार में काफी लाभ होता है. यदि आप इलाज कराने के बाद बुखार से निवृत हो गए हैं तो इन दोनों का 1 से 2 महीना लगातार सेवन कर लेने से फिर जल्दी बुखार की समस्या नहीं होती है. यह आजमाया हुआ दवा है.

यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है, किसी भी प्रयोग से पहले आप योग्य डॉक्टर या वैद्य की सलाह जरूर लें और जानकारी अच्छी लगे लाइक, शेयर करें. धन्यवाद.

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