क्या होता है ब्लड कैंसर? जानें लक्षण और इलाज के तरीके

कल्याण आयुर्वेद- हमारे खून का निर्माण 3 तरह के सेल से होता है. जिन्हें लाल रक्त सेल्स, प्लेटलेट्स और सफेद रक्त सेल के नाम से जाना जाता है. आमतौर पर यह सेल स्टेम सेल से आते हैं. जिसका काम किसी भी तरह के लाल सेल को बनाना है और उसे विकसित करना है. स्टेम सेल इस प्रकार कार्य नहीं कर पाता है तो उसे ब्लड कैंसर कहा जाता है.

क्या होता है ब्लड कैंसर? जानें लक्षण और इलाज के तरीके

कितने प्रकार के होते हैं ब्लड कैंसर?

ब्लड कैंसर मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं- 

1 .ल्यूकेमिया- यह ब्लड कैंसर का प्रमुख प्रकार है. जिसमें सफेद रक्त सेल की मात्रा लाल रक्त सेल की तुलना में काफी ज्यादा हो जाती है. अक्सर ऐसा देखा गया है कि कुछ लोगों में ल्युकेमिया कैंसर की शुरुआत धीरे-धीरे होती है और कुछ समय के बाद यह काफी घातक रूप धारण कर लेता है.

2 .ल्यूमफोमा- जब किसी व्यक्ति के शरीर में लिंफोसाइट का विकास असामान्य तरीके से हो जाता है तो उस स्थिति को ल्यूमफोमा कहा जाता है. हालांकि इसका इलाज दवाई अथवा रेडिएशन थेरेपी के द्वारा करना संभव है. लेकिन यदि यह लंबे समय तक इलाज न किया जाए तो उस स्थिति में इसके लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है.

3 .माइलोमा- माइलोमा कैंसर से तात्पर्य से कैंसर से है. जिसमें प्लाज्मा सेल प्रभावित होता है और इसके परिणाम स्वरूप इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. इस कैंसर की वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती है और उस स्थिति में चिकित्सक कैल्शियम की गोलियां देते हैं ताकि उसके शरीर में कैल्शियम की मात्रा बढ़ सके.

क्या है ब्लड कैंसर के लक्षण ?

* एनीमिया या बुखार होना- ब्लड कैंसर के शुरुआती स्टेज में आपको एनीमिया यानी खून की कमी जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं. हर समय थकावट, कमजोरी, हल्का सा बुखार भी ब्लड कैंसर का संकेत होते हैं.

* गले में सूजन- ब्लड कैंसर होने पर गले में या अंडरआर्म्स में हल्का दर्द और सूजन आ जाती है. इसके अलावा अगर आपके पैरों में लगातार सूजन और सीने में जलन रहती है तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाएं क्योंकि यह ब्लड कैंसर के शुरुआती लक्षण हैं. मुंह में छाले पड़ जाना जो ठीक नहीं होना भी ब्लड कैंसर के लक्षणों में शामिल है.

* ब्लीडिंग- अगर आपके मुंह, नाक या शौच से खून निकल रहा है तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल ना करें. इसके बारे में सचेत होकर आपको जल्दी से डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और ब्लड कैंसर की जांच करवाएं.

* न्यूमोनिया होना- न्यूमोनिया होना, मुंह में घाव हो जाना, त्वचा पर रैशेज, सिर दर्द होना, हल्का बुखार या गले में इंफेक्शन को भूलकर भी इग्नोर न करें. इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराएं.

* वजन कम होना- अचानक वजन कम होना या भूख ना लगना भी ब्लड कैंसर का संकेत होता है. जिन लोगों को कैंसर होता है. उनका वजन असामान्य रूप से कम होने लगता है. अगर बिना किसी प्रयास के शरीर का वजन ज्यादा कम हो जाए तो यह ब्लड कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकता है?

* थकावट होना- ब्लड कैंसर के दौरान शरीर में हीमोग्लोबिन की संख्या तेजी से कम होने लगती है और ऑक्सीजन शरीर के अंगों तक सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता है. इस वजह से शरीर के सभी अंग काम करना बंद कर देते हैं और थकावट महसूस होने लगती है.

* हड्डियों और जोड़ों में दर्द- हड्डियों और जोड़ों में दर्द होना सिर्फ अर्थराइटिस ही नहीं बल्कि ब्लड कैंसर का भी लक्षण हो सकता है. ब्लड कैंसर अस्थि मजा में होने वाला रोग है जो कि हड्डियों और जोड़ों के आसपास ज्यादा मात्रा में पाया जाता है. यह मैरो में सफेद रक्त कोशिकाओं की मात्रा बढ़ जाने के कारण होता है.

* पेट की समस्याएं- असामान्य सफेद रक्त कोशिकाएं लीवर में जमा होने से एकत्र हो जाती है, इससे पेट में सूजन और अन्य समस्याएं हो जाती है. इस तरह की सूजन से आपकी भूख भी कम हो सकती है थोड़ा सा खाने पर ही आपका पेट भरा महसूस होने लगता है. ऐसे में आपको डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. क्योंकि यह ब्लड कैंसर के लक्षणों में शामिल है.

ब्लड कैंसर के इलाज के तरीके-

दवाई का सेवन- ब्लड कैंसर का इलाज करने का सबसे आराम करने का तरीका है. डॉक्टर ब्लड कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को कुछ दवाइयां देते हैं. यह दवाइयां कैंसर को विकसित होने से रोकती है. ताकि भविष्य में ब्लड कैंसर का इलाज आसानी से किया जा सके.

रेडिएशन थेरेपी- हालांकि यह थेरेपी कई बार असफल हो जाती है. लेकिन फिर भी इसका उपयोग डॉक्टर द्वारा किया जाता है क्योंकि यह एक प्रभावी प्रक्रिया है. जिसके द्वारा ब्लड कैंसर का इलाज बेहतर तरीके से किया जा सकता है.

कीमो थेरेपी- अक्सर डॉक्टर ब्लड कैंसर का इलाज करने के लिए कीमोथेरेपी का भी इस्तेमाल करते हैं. कीमोथेरेपी सर्जरी में कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है. ताकि यह शरीर के अन्य अंगों में न फैले तो इससे पीड़ित शख्स बेहतर जिंदगी जी सके.

मॉनिटरिंग करना- कई बार ब्लड कैंसर का इलाज करने के लिए मॉनिटरिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाता है. इस प्रक्रिया में शरीर के की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाती है और फिर उसके अनुसार ब्लड कैंसर का इलाज किया जाता है.

सर्जरी कराना- जब ब्लड कैंसर का इलाज किसी और अन्य तरीकों से नहीं हो पाता है तो डॉक्टर कैंसर सर्जरी करने की सलाह देते हैं. कैंसर सर्जरी ब्लड कैंसर का इलाज करने का सबसे बेहतर तरीका है.

नोट- यह पोस्ट शैक्षनिक उद्देश्य से लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए आप योग्य डॉक्टर की सलाह लें. धन्यवाद.

स्रोत- प्रस्तुति डॉ राजेश जैन.

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