जीवनशैली में करें ये बदलाव बचे रहेंगे हार्ट ब्लॉकेज जैसी घातक बीमारी से

कल्याण आयुर्वेद- एक जगह बैठ कर काम करने से शरीर का वजन बढ़ सकता है. आप मोटापे का शिकार हो सकते हैं. इसलिए नियमित अंतराल पर बॉडी पॉश्चर बदलते रहे, शारीरिक क्रियाकलाप जरूर करें. इससे रक्त संचार तेज होगा और अधिक मात्रा में शरीर से हानिकारक पदार्थ फिल्टर होकर पसीना और मूत्र मार्ग से बाहर निकलेंगे.

जीवनशैली में करें ये बदलाव बचे रहेंगे हार्ट ब्लॉकेज जैसी घातक बीमारी से

सर्दी के मौसम में पर्याप्त गरम कपड़ा पहनकर घर से निकलें. सुबह में धूप निकलने के बाद 20 से 30 मिनट योग और प्राणायाम करें. डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज ठंड में विशेष सावधानी बरतें.

व्यायाम-

शरीर की ताकत के अनुसार व्यायाम करें, इससे शरीर स्वस्थ रहता है और ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है. जिससे हार्ट ब्लॉकेज का जोखिम कम हो जाता है. व्यायाम करने के बाद शरीर को धीरे-धीरे मलें. इससे कार्य करने की क्षमता, स्थिरता और पाचन शक्ति बढ़ती है. वात व पीत रोगी, अधिक बीमार, छोटे बालक, ज्यादा वृद्ध, भूखे और प्यासे व्यक्ति व्यायाम ना करें. यदि आप थके हो तो व्यायाम से परहेज करें. इससे वात और पीत में वृद्धि होती है.

संतुलित भोजन लें-

भोजन साधारण संतुलित मात्रा में और उचित समय पर करें, भोजन की मात्रा प्रत्येक व्यक्ति की पाचन शक्ति पर निर्भर करती है. कुछ खाद पदार्थ जैसे- चावल, जौ का दलिया, खिचड़ी आदि पचने में हल्के होते हैं. यह हमारे शरीर को तुरंत एनर्जी प्रदान करते हैं. इन हल्के पदार्थों से वात और अग्नि तत्व की अधिकता होती है. ऐसे पदार्थ भूख को बढ़ाते हैं. जिससे पाचन क्रिया सुचारू रहती है. भोजन करते समय बातचीत करना, चलते हुए भोजन करना आयुर्वेद के अनुसार निषिद्ध माना गया है. भोजन करते समय मन शांत एवं शरीर स्थिर हो.

भोजन करते समय मनुष्य को काम, क्रोध, लोभ, मोह और चिंता नहीं होना चाहिए. आयुर्वेद के अनुसार ऐसे समय में भोजन करने से कितना भी पौष्टिक और सुस्वादु भोजन हो वह हमारे शरीर को नहीं लगता है और हमारा शरीर कमजोरी का शिकार हो जाता है. जिससे कई बीमारियां हावी होने लगती है.

इन बातों का रखें विशेष ध्यान-

* हरी सब्जियां, सलाद और प्रोटीन डाइट प्रतिदिन लें.

* ऑयली, जंग फूड, कोल्ड ड्रिंक आदि चीजों से परहेज करें.

* फ्रिज का ठंडा पानी ना पिए गुनगुना या सामान्य पानी पिएं.

* जितनी भूख हो उससे थोड़ा कम खाएं.

* भोजन करने के तुरंत बाद न सोए, खाने और सोने में कम से कम दो-तीन घंटे का अंतराल जरूर रखें.

* सर्दियों में उबले हुए भोजन को प्राथमिकता दें.

* सर्दियों में अमूमन प्यास कम लगती है, लेकिन पानी पीते रहना चाहिए. इससे शरीर के विषैले पदार्थ निकलते हैं और डिहाइड्रेशन की समस्या भी नहीं होती है.

* प्रदूषण का स्तर अधिक हो तो घर से ना निकले और बहुत जरूरी हो तो नाक, मुंह ढककर ही निकलें. इसके लिए आप मास्क का प्रयोग कर सकते हैं.

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