जानिए- बच्चेदानी में सूजन होने के कारण, लक्षण और दूर करने के घरेलू नुस्खे

कल्याण आयुर्वेद- मौसम में बदलाव और गलत खान-पान के कारण कई बार बच्चेदानी में सूजन आ जाती है. क्योंकि बदलता वातावरण गर्भाशय को बहुत प्रभावित करता है. जिसके कारण महिलाओं में यह समस्या देखने को मिलती है. इसके कारण महिलाओं को असहनीय पेट दर्द, बुखार, सिर दर्द और कमर दर्द का सामना करना पड़ता है. समय रहते इस समस्या का इलाज करने पर यह ठीक हो जाती है. अन्यथा कैंसर होने की संभावना अधिक हो जाती है.

जानिए- बच्चेदानी में सूजन होने के कारण, लक्षण और दूर करने के घरेलू नुस्खे


बच्चेदानी में सूजन होने पर लक्षण-

* पेट की मांसपेशियों में कमजोरी होना.
* पेट दर्द, गैस तथा कब्ज की समस्या लगातार रहना.
* पीठ में दर्द और बुखार होना.
* प्राइवेट पार्ट में खुजली या जलन होना.
* मासिक धर्म के दौरान ठंड लगना और असहनीय दर्द होना.
* संबंध बनाने में दर्द महसूस होना या जलन होना.
* बार- बार यूरिन आना, लूज मोशन और उल्टी होना.
बच्चेदानी में सूजन होने के कारण-
बदलते मौसम के कारण बच्चेदानी में सूजन होने के अलावे अधिक औषधियों के सेवन करने, ज्यादा एक्सरसाइज करने, अधिक भूख लगने पर या भूख से अधिक खाना खाने से, ज्यादा तंग कपड़े पहनने से, प्रसव के समय असावधानी बरतने से, अधिक संबंध बनाने इत्यादि कारणों से बच्चेदानी में सूजन आ जाती है.
बच्चेदानी में सूजन दूर करने के घरेलू नुस्खे-
1 .नीम-
नीम के पत्ते और सोंठ को पानी में उबालकर गाढ़ा पेस्ट बना लें. अब इसे प्रतिदिन प्राइवेट पार्ट में लगाने से बच्चेदानी में सूजन की समस्या से राहत मिलती है. इसके अलावा नहाते समय नीम की पत्ती डालकर उबाला हुआ पानी का इस्तेमाल करने से राहत मिलती है.
2 .हल्दी-
हल्दी, भुना हुआ सुहागा को फ्रेश मकोय के ताजे रस में मिलाएं. अब कॉटन की मदद से इसे योनि में लगाकर रखें. इससे बच्चेदानी की सूजन कम हो जाएगी.
3 .अरंडी-
अरंडी के पत्तों को पानी में उबालकर इसे छान लें. अब इसमें कॉटन भिगोकर योनि के अंदर रखें. तीन-चार दिन नियमित ऐसा करने से पेट में मौजूद सभी कीटाणु मर जाएंगे और सूजन की समस्या से राहत मिलेगी.
4 .बादाम-
रात को एक चम्मच बादाम पाउडर को तीन चम्मच वनफसा और खांड पानी में भिगो दें. सुबह उठकर इस पानी का सेवन करने से गर्भाशय में गर्मी पैदा होती है. जिससे बच्चेदानी की सूजन दूर होती है.

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