जानें- मासिक धर्म अनियमित होने के कारण, लक्षण और ठीक करने के आयुर्वेदिक उपाय

 कल्याण आयुर्वेद- ऋतुकालीन अत्यार्तव, मेट्रोरेजिया ( Metrorrhagia )

मासिक स्राव के बीच में अनियमित रक्त स्राव होता है. परंतु आर्तव चक्र में कोई परिवर्तन नहीं होता है. आर्तव चक्र 28 दिनों का ही स्वाभाविक होता है. यह रोग प्रायः 30 वर्ष की उम्र के बाद मिलता है.

अनियमित मासिक धर्म होने के कारण-

इस रोग के कारणों में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर तथा टयूमर, भग तथा योनि में अर्बुद और खून की कमी इत्यादि आते हैं.

अनियमित मासिक धर्म के लक्षण-

अनियमित आर्तव स्राव या तो रुक- रुक कर होता है अथवा लगातार चालू रहता है. कभी-कभी किसी महिला को ठीक 24 में दिन थोड़ी देर के लिए थोड़ा सा रक्त स्राव होता है.

अनियमित मासिक धर्म का आयुर्वेदिक एवं घरेलू इलाज-

1 .इस रोग की चिकित्सा विशेष नहीं करनी पड़ती है पर अर्बुद आदि की उपस्थिति में उसी के अनुरूप चिकित्सा करनी पड़ती है. लेखन क्रिया की आवश्यकता पड़ सकती है.

2 .खाड़, मुलेठी, सोठ, तिल तेल एवं दही इन सब को बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से लाभ होता है.

3 .आंवला, रसौत एवं हरड़ का चूर्ण जल के साथ सेवन करने से लाभ होता है.

4 .लसोड़े के पत्तों का चूर्ण चावल के चूर्ण के साथ मिलाकर सेवन करने से अनियमित मासिक धर्म दूर होता है.


5 .सरफोका की जड़ का चूर्ण 1 ग्राम लेकर तन्दुलोदक के साथ पीने से अनियमित मासिक धर्म से छुटकारा मिलता है.


6 .अशोकारिष्ट, उशीरासव तथा लोध्रासव तीनों को मिलाकर 20 मिलीलीटर की मात्रा में सुबह- शाम पीने से अनियमित मासिक धर्म सही हो जाता है.

6 .शतावरी घृत तथा कुष्मांड खांड का सेवन करना फायदेमंद होता है.

7 .पुष्यानुग चूर्ण तथा रोहितक की छाल का कल्क पानी में मिलाकर पिलाना फायदेमंद होता है.

8 .अनियमित मासिक धर्म ठीक करने के लिए रात भर दो चम्मच तिल को पानी में भिगोकर रखें. सुबह उसे छानकर दिन में दो बार पिएं.


9 .जीरे का पानी मासिक धर्म को नियंत्रित करने में मददगार होता है. साथ ही मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द से भी आराम दिलाता है. आपको बता दें कि जीरे में आयरन की मात्रा होती है. जो महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान कम हो जाता है. इसके लिए एक चम्मच जीरे के साथ एक चम्मच शहद का सेवन करना फायदेमंद होता है.


10 .अनियमित मासिक धर्म एवं मासिक धर्म से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में कच्चा पपीता मददगार होता है. आपको बता दें कि कच्चे पपीता में एंटीऑक्सीडेंट और कई बीमारियों को दूर करने की क्षमता होती है. इसलिए अनियमित मासिक धर्म से जूझ रहे महिलाओं को कच्चे पपीते का सेवन करना फायदेमंद होता है.


11 .अनियमित मासिक धर्म को दूर करने में गुड़हल का अहम भूमिका होता है क्योंकि गुड़हल के फूल का सेवन करने से शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन के बैलेंस को ठीक रखता है और मासिक धर्म को नियमित करता है.

12 .अनियमित मासिक धर्म को नियमित करने में तुलसी का पत्ता बहुत फायदेमंद होता है. इसके लिए तुलसी के पत्ते से एक चम्मच रस निकालकर एक चम्मच मधु के साथ सेवन करें. इससे मासिक धर्म नियमित हो जाएगा.

13 .शरीर में खून की कमी होने से भी मासिक धर्म अनियमित हो जाता है. इसके लिए अंगूर का सेवन करना फायदेमंद होता है. अंगूर का जूस प्रतिदिन पीने से अनियमित मासिक धर्म से छुटकारा मिलता है.

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