जानें- पुराने से पुराना बवासीर को जड़ से ख़त्म करने के आजमाया हुआ आयुर्वेदिक उपाय

कल्याण आयुर्वेद- आजकल बवासीर की समस्या से बहुत से लोग परेशान रहते हैं. बवासीर अधिक गर्म पदार्थ, तीखे पदार्थ खाना, शराब पीना, एक जगह अधिक समय तक बैठे रहना तथा मोटापा से गुदा के अंदर या गुदा के बाजू में मांस के अंकुर निकलते हैं. यह छोटे या बड़े अंकुर के समान होते हैं.

जानें- पुराने से पुराना बवासीर को जड़ से ख़त्म करने के आजमाया हुआ आयुर्वेदिक उपाय
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आयुर्वेद के अनुसार बवासीर पांच प्रकार की होती है. बातज, कफज, पीतज, त्रिदोषज और सहज बात और कफ अर्श के लक्षण प्रायः मिलते-जुलते हैं जिन्हें बादी बवासीर कहते हैं. पीत और रक्त अर्श के लक्षण समान होते हैं जिन्हें खूनी बवासीर कहते हैं. सहज अर्थात जिस व्यक्ति के माता-पिता को बवासीर रोग हो उस समय गर्म हो जाए तो उस बालक को भी बवासीर हो सकता है या कष्टदायक होता है.

जानें- पुराने से पुराना बवासीर को जड़ से ख़त्म करने के आजमाया हुआ आयुर्वेदिक उपाय


बवासीर की घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय-

1 .लवण भास्कर चूर्ण 1 ग्राम, स्वादिष्ट विरेचन चूर्ण 1 ग्राम या चेतकी चूर्ण आधा ग्राम और सज्जी खार आधा ग्राम ऐसी मात्रा दिन में तीन बार लें. और अर्षेशु वटी दो-दो गोली दिन में तीन बार ठंडे पानी से सेवन करें.

2 .मस्सों पर लगाने के लिए काशीशादि तेल या पापड़ खार 1 ग्राम मक्खन 20 ग्राम का मरहम बनाकर लगावे इसके लगाने से मस्से धीरे धीरे सूखने लगते हैं.

3 .किसी भी तरह के बवासीर को ठीक करने के लिए इन चीजों का सेवन करें-

1 .कांचनार गुग्गुल दो- दो गोली सुबह- शाम पानी के साथ.

2 .गंधक रसायन 1-1 ग्राम सुबह- शाम पानी के साथ.

3 .त्रिफला चूर्ण 5 ग्राम रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ.

इन तीनों का नियमित सेवन करने से बवासीर के दर्द एवं खून आने की समस्या से 2 दिन के अंदर फर्क नजर आता है एवं लगातार तीन से छह महीना नियमित सेवन करने से बवासीर जड़ से खत्म हो जाती है. यह आजमाया हुआ आयुर्वेदिक उपाय है.

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