वास्तु शास्त्र के अनुसार करें ये उपाय, होगी धन वृद्धि

वास्तु शास्त्र- हर किसी की चाहत होती है कि उसके पास इतना धन- दौलत हो कि वह ऐसो आराम की जिंदगी बिता और इसके लिए कड़ी मेहनत भी करते हैं. मेहनत के बाद कुछ लोग तो कामयाबी हासिल कर लेते हैं लेकिन कुछ लोग कड़ी मेहनत के बावजूद भी धन की समस्या से हमेशा परेशान रहते हैं. एक तरफ धन तो आता है लेकिन दूसरी तरफ निकलता जाता है. अगर वास्तु की माने तो आपके घर में रखा कुछ सामान या रहन- सहन के कारण भी ऐसा हो सकता है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार करें ये उपाय, होगी धन वृद्धि

चलिए जानते हैं विस्तार से-

वास्तु अपने आप में एक संपूर्ण ज्ञान है और ऐसा माना जाता है कि जो लोग वास्तु पर विश्वास रखते हैं वह इसका बखूबी जानते ही हैं. हमारा जीवन छोटी-बड़ी घटनाओं से हमेशा ही भरा रहता है. हमारा सामाजिक स्तर हमारा घर परिवार सब कहीं न कहीं वास्तु से जुड़े होते हैं. इसलिए हमें वास्तु को हमेशा ठीक रखने की कोशिश करनी चाहिए. अन्यथा हमें परेशानियों का सामना करते रहना पड़ता है.

* अपने घर के ईशान कोण यानी उत्तर- पूर्वी दिशा में 7 की संख्या में सफेद या फिर पीले रंग का क्रिस्टल रखें. इससे घर में सकारात्मक एनर्जी बढ़ेगी और धन लाभ होगा.

* यदि आप अपने ग्रहों को अनुकूल बनाना चाहते हैं और बृहस्पति का प्रभाव लाना चाहते हैं तो घर के पीछे में एक चुटकी हल्दी जरूर मिला लें. इससे घर में बृहस्पति का प्रभाव बना रहेगा, धन की हानि नहीं होगी.

* घर पर नकारात्मक ऊर्जा बढ़ रही है और आप को ऐसा लग रहा है कि घर तरक्की नहीं हो रही है तो घर में प्लास्टिक के पौधे यदि रखे हैं तो इसे हटा दें. इससे परेशानियां बढ़ती है.

* गुरुवार के दिन घर की उत्तर दिशा में गुलाबी कमल रखने से धन में बढ़ोतरी होती है. गुलाबी फूल रखने से पहले आप मां लक्ष्मी का ध्यान अवश्य करें.

* अपने सोने वाले कक्ष में जल रखना वर्जित है. किसी भी बड़े जलाशय फिश, फिश एक्वेरियम या वाटर टैंक रखने से ऐसे व्यक्ति के जीवन में कर्ज बढ़ते हैं और वह हमेशा उधार में फंसा रहता है.

* अपने घर की तिजोरी में कभी भी परफ्यूम न रखें, इससे बहुत ज्यादा नुकसान होता है.

* घर की दक्षिण दीवार पर मंदिर है तो ऐसे में आप जीवन में बहुत बड़े संघर्ष महसूस करेंगे. ऐसे में कर्ज भी, व्यक्ति दिवालिया भी हो जाता है. मंदिर को हमेशा ईशान कोण में ही स्थापित करना चाहिए.

नोट- यह पोस्ट शैक्षनिक उद्देश्य से लिखा गया है अधिक जानकारी के लिए किसी वास्तु विशेषज्ञ की सलाह लें. धन्यवाद.

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