प्रतिदिन गौ माता के दर्शन मात्र से हो जाता है 33 कोटि देवी- देवताओं का दर्शन, जानिए घर में रखने के फायदे

धर्मशास्त्र- शास्त्रों के मुताबिक गाय पालना बहुत ही शुभ माना जाता है. गाय का दूध नियमित सेवन करना स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है. लेकिन शास्त्रों की मानें तो जिस घर में गाय की सेवा होती है वहां हमेशा सुख- समृद्धि बनी रहती है. इतना ही नहीं प्रतिदिन गाय के दर्शन मात्र से 33 कोटि देवी- देवताओं का दर्शन भी हो जाता है.

प्रतिदिन गौ माता के दर्शन मात्र से हो जाता है 33 कोटि देवी- देवताओं का दर्शन, जानिए घर में रखने के फायदे

चलिए जानते हैं विस्तार से-

* कहा गया है कि गौ माता जिस जगह खड़ी रहकर आनंद पूर्वक चैन की सांस लेती है वहां का वास्तु दोष खत्म हो जाता है.

* जिस जगह गाय खुशी से रंभाने लगे उस जगह देवी- देवता पुष्प वर्षा करते हैं.

* गौमाता के गले में घंटी बांधना बहुत ही शुभ बताया गया है, इससे घंटी बजती रहती है और गौ माता की आरती होती है.

* जो व्यक्ति गौ माता की सेवा पूजा करता है उस पर आने वाली सभी प्रकार की विपदाओं को गौ माता हर लेती है.

* गौ माता के खुर में नाग देवता का वास होता है. जहां गौमाता विचरण करती है उस जगह सांप बिच्छू नहीं आते हैं.

* गौ माता के गोबर मे लक्ष्मी जी का वास होता है.

* गौ माता की एक आंख में सूर्य और दूसरी आंख में चंद्र देव का वास होता है.

* गौ माता के दूध से स्वर्ण तत्व पाया जाता है जो रोगों की क्षमता को कम करता है.

* गौ माता की पूंछ में हनुमान जी का वास होता है. किसी व्यक्ति को बुरी नजर लग जाए तो गौ माता की पूंछ से झाड़ा लगाने से नजर दोष समाप्त हो जाती है.

* गौ माता की पीठ पर उभरा हुआ कूबड़ होता है उसमे सूर्य, केतु नाड़ी होती है, प्रतिदिन सुबह आधा घंटा गौ माता की कूबड़ पर हाथ फेरने से रोगों का नाश होता है.

* एक गौ माता को चारा खिलाने से 33 कोटि देवी- देवताओं को भोग लग जाता है.

* गौ माता के दूध, घी, मक्खन, दही, गोबर, गोमूत्र के मिश्रण को पंचगब्य कहते हैं. इसके सेवन से असाध्य रोग भी दूर हो जाते हैं.

* जिस व्यक्ति के भाग्य रेखा की सोई हुई हो तो वह व्यक्ति अपनी हथेली में गुड़ को रखकर गौमाता को जीभ से चटाए, गौ माता की जीभ हथेली पर रखे गुड़ को चाटने से व्यक्ति की सोई हुई भाग्य रेखा खुल जाती है.

* गौ माता के चारों चरणों के बीच से निकलकर परिक्रमा करने से इंसान भयमुक्त हो जाता है.

* गौ माता के गर्भ से ही महान विद्वान धर्म रक्षक गोकर्ण जी महाराज पैदा हुए थे.

* गौ माता की सेवा के लिए ही इस धरती पर देवी-देवताओं ने अवतार लिए हैं.

* जब गौमाता बछड़े को जन्म देती है तब पहला दूध बांझ स्त्री को पिलाने से उनका बांझपन मिट जाता है.

* स्वास्थ्य गौमाता का गोमूत्र प्रतिदिन 2 तोला 7 तह कपड़े में छानकर सेवन करने से जटिल से जटिल बीमारी दूर हो जाती है.

* गौमाता वात्सल्य भरी निगाहों से जिसे भी देखती है उसके ऊपर गौ कृपा हो जाती है.

* काली गाय की पूजा करने से नवग्रह शांति रहती हैं जो ध्यानपूर्वक धर्म के साथ गौ पूजन करता है उनको शत्रु दोषों से मुक्ति मिलती है.

* गाय एक चलता फिरता मंदिर है. हमारे सनातन धर्म में 33 कोटि देवी- देवता है. हम प्रतिदिन 33 कोटि देवी देवताओं के मंदिर जाकर उनके दर्शन नहीं कर सकते हैं. लेकिन गौ माता के दर्शन से सभी देवी- देवताओं के दर्शन प्राप्त कर सकते हैं.

* कोई भी शुभ कार्य रुका हुआ हो, बार-बार प्रयास करने पर भी सफलता नहीं मिल रही है तो गौ माता के कान में कहिए. रुका हुआ काम अवश्य ही पूरा हो जाएगा.

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