इम्यूनिटी कम होने पर शरीर देता है यह संकेत, जानें बढ़ाने के उपाय

कल्याण आयुर्वेद- हमारे शरीर के लिए इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना अति आवश्यक होता है क्योंकि यदि हमारे शरीर का इम्यूनिटी कमजोर हो तो हमारे शरीर पर कई तरह की बीमारियां हावी होने लगती है. खासकर मौसम बदलने के साथ सर्दी, खांसी, जुकाम का होना आम हो जाता है जो बिना दवाई ठीक नहीं हो पाता है. लेकिन यदि हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत हो तो साधारण सा में एलर्जी, सर्दी, खांसी, जुखाम, बुखार खुद ही एक-दो दिन में ठीक हो जाते हैं.

इम्यूनिटी कम होने पर शरीर देता है यह संकेत, जानें बढ़ाने के उपाय

इम्यून सिस्टम कमजोर होने के कई कारण हो सकते हैं. जैसे कि पहले से कोई बीमारी या फिर जरूरत से ज्यादा सिगरेट या शराब पीने की लत, इसके अलावा भरपूर नींद नहीं लेना, खराब खानपान, शरीर को एक्टिव नहीं रखना आदि के कारण हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है. इम्यून सिस्टम कमजोर होने से आप बार-बार बीमार पड़ सकते हैं और आपको ठीक होने में काफी समय लग सकता है. इसलिए यदि शरीर में यह 6 संकेत दिखे तो आप समझ जाएं कि आपका इम्यून पावर कमजोर है.

1 .थकान- काम करने या चलने फिरने के बाद थकान होना कोई बड़ी बात नहीं है. इसके साथ ही भरपूर नींद नहीं लेना, तनाव, एनीमिया या क्रॉनिक फेटिंग सिंड्रोम अगर आपको इसकी वजह का पता नहीं चल रहा है पूरी नींद लेने के बाद भी आप थकान महसूस करते हैं तो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है.

2 .बार बार बीमार होना- मौसम बदलने की साथ बीमार होना आम बात है खासकर सर्दियों के महीने में. लेकिन अगर आप हर मौसम में बार- बार बीमार पड़ते हैं तो ऐसा इसलिए हो सकता है कि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है. इम्यून सिस्टम बैक्टीरिया, वायरस और बीमारी से लड़ता है. अगर आपको अक्सर यूरिन इंफेक्शन के साथ जुकाम की शिकायत रहती है तो आपको इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

3 .एलर्जी होना- बहुत लोगों को एलर्जी की शिकायत रहती है जिसकी वजह से उन्हें मौसमी बुखार होता रहता है. लेकिन अगर आपकी आंखों में हमेशा पानी रहता है खाने की किसी चीज से आपको रिएक्शन हो जाता है. स्किन रैशेज, जोड़ों में दर्द और पेट में हमेशा दिक्कत रहती है तो यह भी आपके इम्यून सिस्टम कमजोर होने की ओर इशारा करता है.

4 .घाव भरने में देर लगना- घाव भरने के दौरान त्वचा पर सूखी पपड़ी बनती है जो खून को शरीर से बाहर निकलने से रोकती है. अगर आपका घाव जल्दी नहीं भरता है तो हो सकता है कि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर हो गया है. यही समस्या सर्दी और फ्लू के साथ ही है. ज्यादातर लोग 1 सप्ताह के बाद ठीक हो जाते हैं लेकिन अगर आपको अधिक समय रहता है तो हो सकता है कि आपका शरीर संक्रमण से नहीं लग पा रहा है यानी आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है.

5 .पाचन संबंधी समस्या- आँतों में मौजूद बैक्टीरिया इम्यून सिस्टम पर सीधा असर डालते हैं. अगर आपको बार-बार दस्त, अल्सर के सूजन, ऐंठन की समस्या रहती है तो यह इस बात की ओर इशारा करता है कि आपका इम्यून सिस्टम सही ढंग से काम नहीं कर रहा है. प्रोबायोटिक्स, लेक्टोबेसिल्ली और बीफिडोबैक्टीरिया होते हैं और यह संक्रमण से आपकी रक्षा करते हैं. इन बैक्टीरिया की कम मात्रा में इम्यून सिस्टम को कमजोर बनाती है.

6 .बालों का झाड़ना- कमजोर इम्यून सिस्टम सेहत पर सीधा प्रभाव डालता है. जिसकी वजह से आपको थकावट से लेकर बाल झड़ने तक की समस्या हो सकती है. अपनी इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए आपको हेल्थी डाइट के साथ एक्सरसाइज करना चाहिए एवं भरपूर नींद लेना चाहिए.

कुछ शोध में यह पाया गया है कि कुछ खाद पदार्थ स्वास्थ्य में सुधार करते हैं और शरीर में अन्य आक्रामक वायरस से लड़ने की क्षमता को मजबूत करते हैं.

तो चलिए जानते हैं कि इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए डाइट में किन-किन चीजों को शामिल करना चाहिए-

लाल शिमला मिर्च- फल और सब्जियों में लाल शिमला मिर्च में सबसे ज्यादा विटामिन सी मौजूद होता है. एक कप कटी हुई लाल शिमला मिर्च में लगभग 218 फ़ीसदी विटामिन सी होता है जो कि संतरे में पाए जाने वाले विटामिन सी का दोगुना होता है. 2017 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार विटामिन सी शरीर में उन कोशिकाओं को मजबूत करता है जो इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं. साथ ही श्वसन संक्रमण के खतरे को भी कम करता है. विटामिन सी शरीर के ऊतकों को भी मजबूत बनाता है.

ब्रोकली- ब्रोकली में भी विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. आपको बता दें कि आधे कप ब्रोकली में 43 फ़ीसदी विटामिन सी होता है. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार आपके शरीर को प्रतिदिन इतने ही विटामिन सी की जरूरत होती है. ब्रोकली फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है जो हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है. इसमें विटामिन ई भी मौजूद होता है जो एक एंटीऑक्सीडेंट है और यह बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मददगार होता है.

चना- चना में बहुत सारा प्रोटीन पाया जाता है. इसमें अमीनो एसिड से बना आवश्यक पोषक तत्व पाया जाता है जो शरीर के ऊतकों को बढ़ने और मजबूत करने में मदद करता है. यह एंजाइमों को सही ढंग से बनाए रखता है ताकि हमारे शरीर का सिस्टम ठीक से काम कर सके. इसके अलावे चने में प्रचुर मात्रा में जिंक पाया जाता है जो इम्यून सिस्टम ऑफ इम्यून रिस्पांस को नियंत्रित करता है.

स्ट्रॉबेरी- 1 दिन के विटामिन सी की जरूरत को पूरा करने के लिए आधा कप स्ट्रॉबेरी काफी है. क्योंकि आधे कप स्ट्रॉबेरी में 50 फ़ीसदी विटामिन सी पाया जाता है. पर्यावरण की वजह से हमारी कोशिकाओं को कई तरीके से नुकसान पहुंचता है और विटामिन सी इन्हें क्षति ग्रस्त होने से बचाता है.

लहसुन- लहसुन खाने के स्वाद को तो बढ़ाता ही है. यह सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद होता है. जैसे ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़े खतरों को कम करना लहसुन में पाए जाने वाले सल्फर यौगिक की वजह से यह संक्रमण से लड़ने में मदद करता है. इसके अलावा यह इम्यूनिटी भी बढ़ाता है. लहसुन शरीर को सर्दी, खांसी से भी बचाता है. इसलिए आपको अपने आहार में नियमित लहसुन को शामिल करना चाहिए.

मशरूम- विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की किरणें ही है लेकिन यह मशरूम सहित कुछ अन्य खाद्य पदार्थों के जरिए भी प्राप्त किया जा सकता है. साल 2018 में विटामिन डी स्रोत के रूप में मशरूम के उपयोग पर एक समीक्षा की गई थी. इसमें पाया गया कि मशरूम कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाता है जो हड्डियों के लिए बेहतर होता है. इसके अलावा कुछ प्रकार के कैंसर और श्वसन संबंधी समस्याओं से भी रक्षा करता है.

सूरजमुखी के बीज- इसके बीज में बहुत सारा विटामिन पाया जाता है जो एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है और इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करता है. आपको बता दें कि भुने हुए सूरजमुखी के बीज का केवल एक ऑंस आपको 1 दिन में 49 फ़ीसदी विटामिन प्रदान कर सकता है.

पालक- पालक विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है जो पर्यावरण से होने वाले नुकसान से हमारी कोशिकाओं की रक्षा करता है. इसके अलावा पालक में बीटा कैरोटीन पाया जाता है जो विटामिन ए का मुख्य स्रोत है. विटामिन ए इम्यून फंक्शन को सही ढंग से चलाने के लिए जरूरी होता है.

यदि आपके शरीर में इम्यून सिस्टम कमजोर होने के लक्षण दिखाई दे तो आपको उपर्युक्त चीजों का सेवन नियमित रूप से करना फायदेमंद साबित होगा. यह सभी चीजें आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मददगार साबित होंगे.

नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है अधिक जानकारी के लिए योग्य डॉक्टर की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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