घर या बाहर के कुत्ते में दिखे ये लक्षण तो हो जाएँ सावधान, नही तो जा सकती है जान

कल्याण आयुर्वेद- बहुत से घरों में पालतू जानवर पाले जाते हैं. जैसे- कुत्ता, बिल्ली, खरगोश इत्यादि. लेकिन कई बार यह जानवर पागल भी हो जाते हैं. यह अपने मालिक को भी नहीं पहचानते. किसी को भी काट लेते हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं जब कुत्ता पागल होने लगता है या हो जाता है तो यह लक्षण दिखाई देने लगते हैं.

घर या बाहर के कुत्ते में दिखे ये लक्षण तो हो जाएँ सावधान, नही तो जा सकती है जान 

यदि कुत्ता पागल हो जाता है और किसी को काट ले तो उस व्यक्ति को सही एवं उचित इलाज न किया जाए तो हाइड्रोफोबिया हो जाता है और हाइड्रोफोबिया हो जाने के बाद इसका कोई उपचार नहीं हो पाता है जिसके वजह से व्यक्ति मौत के मुंह में समा जाता है.

यदि कुत्ता पागल हो गया है, किसी को काट ले तो एंटी रेबीज वैक्सीन ही मात्र एक उपाय है जो हाइड्रोफोबिया होने से बचा सकता है. इसलिए कुत्ते को काटते डॉक्टरी सलाह लेकर सही उपचार करानी चाहिए. 

घर या बाहर के कुत्ते दिखे यह लक्षण तो हो जाएं सावधान-

जब कुत्ता पागल होने लगता है वह जाता है तो निम्न लक्षण दिखाई देने लगते हैं.

1 .कुत्ता शुरुआत में घर वालों से ही अधिक प्रेम प्रदर्शित करता है और उनके अंगों को बार-बार चाटने की कोशिश करता है.

2 .कुत्ते में कुछ अकस्मात परिवर्तन आने लगते हैं, वह काल्पनिक वस्तु के पीछे दौड़ता है और भागता है. वह जानवरों अथवा कुत्तों तथा मनुष्यों को अकस्मात काटने के लिए दौड़ता है. वह दीवार और लकड़ी आदि प्रत्येक वस्तु को काटने लगता है.

3 .कुत्ते की भूख अधिक हो जाती है, जिससे कि वह घास, लकड़ी, पत्थर आदि सभी अखाद्य वस्तुओं को भी खाने लगता है.

4 .पागल कुत्ते का मुंह फैल जाता है. इसके मुंह से बराबर लार गिरती रहती है.

5 .पागल कुत्ता बड़ी दूर- दूर तक भागा चला जाता है और उसके रास्ते में जो भी मिलता है बस उसी को काटने के लिए दौड़ता है. उसकी पूंछ बराबर लटकी हुई रहती है.

6 .अंत में पैर एवं जबड़े की मांसपेशियों में लकवा होकर कुत्ता मर जाता है.

7 .कुत्ते में पागलपन की अवधि 5 से 7 दिन और अधिक से अधिक 10 दिन तक की होती है.


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