जानें उपाय जो जीवन ला दे खुशहाली

तुलसी पंछिन के पिये, घटे न सरिता नीर !

दान दिये धन ना घटे जो सहाय रघुवीर !!

महाकवि तुलसीदास जी इस दोहा में कहते हैं कि केवल पक्षी ही नहीं बल्कि असंख्य जानवर और मनुष्य प्रतिदिन नदी से पानी लेते हैं, पर क्या कभी नदी का पानी कम हो जाता है ? नहीं ! ठीक इसी तरह तुलसीदास कहते हैं कि दान देने से मनुष्य का धन नहीं घटता, दान करना परोपकार है जिससे व्यक्ति को ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है इसलिए हर किसी को यथासंभव दान करना चाहिए? इससे किसी का काम चल जाता है और भगवान के साथ उसका आशीर्वाद प्राप्त होता है और आपको कभी धन की कमी नहीं होती है.

रहिमन वे नर मर चुके, जो कछु मांगन जाहि !

उनसे पहले वे मुए, जिन मुख निकसत नाहिं !!

कवि रहीम इस दोहे में कहते हैं पुरुषार्थ के बल पर जीवन यापन करने वाले व्यक्ति का समाज में आदर होता है, लेकिन जो श्रम ना कर परिस्थितियों के समक्ष घुटने टेक देते हैं एवं दूसरों के सामने हाथ फैला देते हैं, ऐसी मनुष्य का आत्मसम्मान मर हो चुका होता है. किंतु ऐसे लोगों से पहले वह मृतक हो जाते हैं जिनके मुख से याचना करने वाले के लिए कुछ नहीं निकलता अर्थात जो समर्थ होते हुए भी दान करने के इच्छुक नहीं होते हैं.

मरू पर मांगू नहीं, अपने तन के काज !

परमारथ के कारने, मोहि ना आवे लाज !!

कवि संत कबीर दास जी अपनी इस दोहे में कह रहे हैं, अपने लिए दूसरों के सामने हाथ फैलाना मरने के बराबर है. व्यक्ति को अपने लिए कभी याचना नहीं करनी चाहिए. किंतु यदि बात दूसरों के हित की हो तो व्यक्ति को 100 बार भी हाथ फैलाने पड़े तब भी वह पुण्य का भागी बनता है, अर्थात परमार्थ के लिए, दूसरों की सहायता के लिए याचना करनी पड़े तो मुझे तनिक भी लज्जा नहीं होनी चाहिए?

उपाय जो जीवन में ला दे खुशहाली-

ऐसी मान्यताएं हैं कि घर में नियमित रूप से नमक मिले पानी से भूमि को पोछने से गृह कलह नष्ट होकर शांति और सौहार्द्र का वातावरण बनता है और आप उस घर में खुशहाल रहते हैं.

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