सेहत का खजाना है मुलेठी, कई परेशानियों को करता है दूर

कल्याण आयुर्वेद- गले में खराश हो या फिर खांसी मुलेठी से राहत मिलती है. यह आप सभी जानते होंगे. परंतु आपको बता दें कि इसके अलावा भी मुलेठी में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शायद आपने पहले नहीं सुना होगा. आयुर्वेद में माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार मुलेठी के जड़ को उखाड़ने के बाद भी 2 वर्षों तक उसमें औषधीय गुण रहते हैं. आज के इस पोस्ट में हम आपको मुलेठी के फायदे बताएंगे.

सेहत का खजाना है मुलेठी, कई परेशानियों को करता है दूर 

तो आइए जानते हैं विस्तार से-

पीलिया- हेपेटाइटिस और फैटी लीवर जैसे लिवर से संबंधित रोगों का इलाज करता है. उसके प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर के विषैले पदार्थ को बाहर निकालता है और इनसे लीवर की रक्षा करता है.

खांसी- मुलेठी गले में खराश, सर्दी, खांसी और दमा के रूप में सांस रोगों के संक्रमण का भी इलाज करती है. इसमें पाए जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण यह नाड़ियों की सूजन को कम करने और वायु मार्ग को शांत करने में मदद करता है. यह बलगम को निकालता है जिससे खांसी में आराम मिलता है.

दांत- मुलेठी में जीवाणुविरोधी गुण होने के कारण कैविटी वाले बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकता है इसलिए दांतों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मुलेठी जड़ के पाउडर का प्रयोग करना चाहिए.

इम्यून सिस्टम- मुलेठी लिंफोसाइटों और मैक्रोफेज जैसे रसायनों के उत्पादन में मदद करती हैं. इससे हमारी रक्षा प्रणाली में सुधार आता है. मुलेठी में मौजूद लिकोरिस जड़ कब्ज, अम्लता, सीने में जलन, पेट के अल्सर जैसी पाचन समस्याओं के इलाज में मददगार होता है.

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