सांप काटे व्यक्ति को देखकर कैसे जानें सांप जहरीला था या नहीं ?

कल्याण आयुर्वेद- किसी भी रंग के चमकदार सांप जहरीले और धूमिल सांप ( कम चमकीला ) बिना बिष के होते हैं. सांप के काटने से बने घाव और रोगी की हालत को देखकर यह सही- सही मालूम करें कि सांप जहरीला था या रोगी केवल डर का शिकार होकर बेहोश हो गया है या घबरा रहा है.

सांप काटे व्यक्ति को देखकर कैसे जानें सांप जहरीला था या नहीं ?

जहर के दांत जो बहुधा दो ही होते हैं. बाकी दातों से ज्यादा मोटे और लंबे होते हैं. इसलिए सबसे पहले सांप के काटे घाव को देखना चाहिए. अगर घाव के सारे छेद बराबर है तो समझ लेना चाहिए कि सांप जहरीला नहीं था और अगर कुछ छोटे छेद के इधर-उधर दो बड़े और गहरे छेद हों तब समझें कि सांप जहरीला था.

अगर केवल डर का ही असर है तब रोगी को थोड़ा नौसादर और चूना मिलाकर सुंघाने से, थोड़ी शराब पिला देने से और केवल विश्वास दिला देने से ही वह अच्छा हो जाएगा. लेकिन किसी घाव की देखभाल करना जरूरी है नहीं तो उसमें सेप्टिक होने का डर रहता है. इसलिए घाव का उपचार करना चाहिए.

विषैले सांपों के काटने के बाद नशा सा आता है, आंखें झपकती है और व्यक्ति सो जाना चाहता है.

विषैले सांप के काटने पर निम्नलिखित उपाय काम में लानी चाहिए.

* शीघ्रता से घाव के ऊपर कठोर पट्टी बांध दें क्योंकि ऐसा करने से बिष को खून तथा दिल में फैलने से रोका जा सकता है.

* बिष को घाव से निकालने की व्यवस्था करें. इसके लिए सांप ने जहाँ काटा हो, उस जगह पर ब्लेड से जोड़ के आकार में काटें, अब एक सिरिंज लें और आगे का भाग काट कर उसके मुंह को चौड़ा कर लें. अब अच्छी तरह से घाव पर सिरिंज को चिपका लें और पिस्टन को बाहर की ओर खींचे, इससे जो खून निकलता है उसे फेकते जाएँ. जब तक खून काला निकलता रहे निकालते जाएं और अच्छा खून आने लगे तो घाव पर बंडेज कर दें.

* घाव को खुरचकर पोटाश परमानेंट को अच्छी प्रकार से भर दे.

* किसी भी व्यक्ति को सांप काट ले तो उसे बिना देर किए हॉस्पिटल पहुंचाने की व्यवस्था करें.

स्रोत- एलोपैथिक गाइड.

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