इन 6 गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करता है शीशम का पेड़, जानें इस्तेमाल करने की विधि

कल्याण आयुर्वेद- शीशम का पेड़ लगभग सभी क्षेत्रों में प्रायः देखने को मिलता है. इसकी लकड़ी बहुत ही कीमती होती है. जिसका इस्तेमाल इमारतों और फर्नीचर बनाने में किया जाता है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी इमारतों और फर्नीचर के लिए उपयोगी तो है ही लेकिन आपके स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में भी काफी मददगार है.

इन 6 गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करता है शीशम का पेड़, जानें इस्तेमाल करने की विधि

तो चलिए जानते हैं शीशम पेड़ से स्वास्थ्य के लिए उपयोग के बारे में-

शीशम प्रकृति में कड़वा, जोरदार और कसैला होता है. यह पौधा आंतरिक रूप से गर्म होता है और सूजन को दूर करने में मददगार होता है.

1 .त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए- शीशम के कुछ पत्तों को स्वीट ऑइल मिलाएं. इस मिश्रण को प्रभावित हिस्से पर लगाएं या रोगी को इसकी पत्तियों का काढ़ा बनाकर 50 से 100 मिलीलीटर की मात्रा में दिन में 2 बार पिलाएं. यह प्रभावी रूप से फोड़े और अल्सर को दूर करने का काम करता है.

2 .साइटिका के लिए- शीशम के पेड़ की छाल का 10 किलो पाउडर लें. अब इसे 23 लीटर पानी में डालकर उबालें जब 4 लीटर पानी रह जाए तो इसे छानकर फिर से पकाना शुरू करें. पकते- पकते जब यह गाढ़ा हो जाए तो सुरक्षित रखें. अब 10 ग्राम की मात्रा में घी या दूध के साथ 21 दिन तक दिन में तीन बार सेवन करें. इससे साइटिका दूर हो जाती है.

3 .बुखार के लिए- यदि किसी को बुखार की समस्या है तो 320 मिलीलीटर पानी और 160 मिलीलीटर दूध में शीशम के पत्तों का रस 20 ग्राम मिलाकर अच्छी तरह से उबालें और दिन में तीन बार रोगी को पिलाएं. बुखार की समस्या दूर हो जाएगी.

4 .अल्सर के लिए- अल्सर से प्रभावित हिस्से पर शीशम के तेल लगाएं. इससे खुजली, उत्तेजना और अल्सर को दूर करने में मदद मिलती है.

5 .मासिक धर्म चक्र में रक्तस्राव के लिए- 8-10 शीशम के पत्ते लें और उन्हें 25 ग्राम चीनी के साथ पीसकर दिन में 2 बार सेवन कराएं. कुछ ही दिनों के अंदर मासिक धर्म से रक्त स्राव का अधिक आना सामान्य हो जाता है.

6 .श्वेत प्रदर के लिए- शीशम के 15-20 कोमल पत्तों को चटनी की तरह पीसकर आधा गिलास पानी में रात को डालकर शीत में रख दें और सुबह खाली पेट इस पानी को पी लें. 7 दिन तक नियमित सेवन करने से श्वेत प्रदर की समस्या दूर हो जाती है.

नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है किसी भी प्रयोग से पहले योग्य डॉक्टर की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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