गर्भवती महिला के अतिसार दूर करने के घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

कल्याण आयुर्वेद- गर्भावस्था में अतिसार होना एक आम समस्या है जो विशेष रूप से गर्भावस्था के अंतिम महीनों में मिलने वाला रोग है. इसमें गर्भवती महिला को बार- बार दस्त मालूम पड़ता है. कभी-कभी तो पानी के समान ही दस्त आते हैं. इस रोग की उत्पत्ति गर्भवती महिला की पाचन शक्ति के कमजोर होने तथा गर्भ के दबाव पड़ने के कारण होती है. अधिक दस्त आने पर महिला अतिशय दुर्बल हो जाती है. इसलिए इसका 1-2 दस्त होने के तुरंत बाद इलाज शुरू कर देना चाहिए. अधिक दस्त होने के कारण महिला के साथ- साथ बच्चे को भी नुकसान होने की संभावना रहती है.

गर्भवती महिला के अतिसार दूर करने के घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय
चलिए जानते हैं गर्भवती महिला के अतिसार दूर करने के घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय-

1 .लवंगादि चूर्ण, जातिफलादि रस या सर्वांगसुंदर, महागंधक- मोथे के रस एवं मधु के साथ सेवन कराएं. इससे अतिसार की समस्या दूर हो जाती है.
2 .यदि अतिसार के साथ- साथ बुखार भी हो तो अमृतार्नव देना चाहिए.
3 .धनिया, गिलोय, खरैटी, पीतपापड़ा, खस,जवासा, लाल चंदन और सुगंधबाला एवं अरलू सभी औषधियों का काढ़ा बनाकर पिलाने से अतिसार संग्रहणी ज्वर आदि दूर हो जाते हैं.
4 .नागकेसर 6 ग्राम, सौफ 6 ग्राम, बड़ी इलायची के दाने 3 ग्राम, काला नमक 3 ग्राम इन सभी को कूट पीसकर चूर्ण बना लें. ऐसी एक मात्रा सुबह-शाम गुनगुने पानी के साथ सेवन कराएं. कुछ ही दिनों के सेवन से गर्भवती महिला का अतिसार निश्चय ही ठीक हो जाता है.

5 .अतिस चूर्ण 3 ग्राम मधु के साथ चटाने से अतिसार बंद हो जाता है.
6 .पूरे अनार को पुटपाक रीति से पका कर रस निकाल लें. आधा औंस से 1 औंस बराबर मात्रा में शहद मिलाकर पिलाने से अतिसार में लाभ होता है.

स्रोत- स्त्रीरोग चिकित्सा.

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