गर्मियों में इस फल के सेवन से कई बीमारियों से लड़ने की आ जाएगी ताकत, सेवन करें और स्वस्थ रहें

कल्याण आयुर्वेद- गर्मियों ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है. इसलिए हमें सावधानी बरतने की जरूरत है. क्योंकि गर्मियों में कई तरह की बीमारियां हमारे शरीर को प्रभावित करने लगती है. खासकर डिहाइड्रेशन की समस्या आम हो जाती है जो कई तरह की बीमारियों को जन्म देता है. इसलिए डिहाइड्रेशन से बचना काफी जरूरी हो जाता है तो वहीं अन्य तरह की पेट से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है. वही दिमाग अशांत हो जाता है इसलिए अपनी पेट और दिमाग को शांत रखना जरूरी हो जाता है.

गर्मियों में इस फल के सेवन से कई बीमारियों से लड़ने की आ जाएगी ताकत, सेवन करें और स्वस्थ रहें

ऐसे में पेट और दिमाग से जुड़ी समस्याओं को शांत करने में बेल एक ऐसा फल है जो काफी मददगार होता है. इसका उपयोग गर्मियों में अधिक किया जाता है. आयुर्वेद के अनुसार बेल फल और पत्र दोनों ही समान रूप से उपयोगी माना गया है. फल की मजा में क्युसिलेज पेक्टिन तथा टेनिन आदि रसायन पाए जाते हैं. बेल का गुदा, बेलपत्र, मूल एवं छाल का चूर्ण उपयोग में लाए जाते हैं.

बेल का चूर्ण बनाने के लिए कच्चा, मुरब्बे के लिए अधपका और ताजे के शरबत के लिए पक्के में फल का उपयोग किया जाता है.

तो चलिए जानते हैं फायदे-

अस्थमा- बेलपत्र से बना हुआ काढ़ा सर्दी- जुकाम के कहर को कम करता है. यह सर्दी से होने वाली श्लेष्मा यानी कफ के उत्पन्न कम करता है और अस्थमा विकार को शांत करता है.

आंखों का संक्रमण- बेल पत्रों को आंखों में होने वाले विभिन्न संक्रमण तथा सूजन के निदान व्यवहार किया जाता है. खासतौर पर नेत्रशोथ पर यह काफी प्रभावी होता है.

बुखार- बेल मूल तथा बेल छाल से बने विभिन्न तरह के बुखारों का इलाज किया जाता है. आयुर्वेद चिकित्सा में वात, पीत और कफ से होने वाले दोषों तथा बुखार को ठीक किया जाता है.

कब्ज- पेट के विकारों में बेल का फल अचूक दवा के रूप में काम करता है. फल का नियमित सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है. बेलफल उदर की स्वच्छता के अलावा आंतों को साफ करता हैं ताकत भी देता है.

डायरिया- गर्मियों में प्रायः डायरिया की वजह से पतले दस्त होने लगते हैं. ऐसी स्थिति में कच्चे बेल को आग में भूनकर उसका गुदा रोगी को खिलाने से तुरंत लाभ मिलता है. बेल का मुरब्बा खाने से पीत और अतिसार में लाभ होता है. पेट के सभी रोगों में बेल का मुरब्बा खाना फायदेमंद होता है.

लू से बचाव- गर्मियों में जरा सी असावधानी के कारण लू लगने का खतरा बना रहता है. इसलिए गर्मियों में बेल का सेवन जरूर करना चाहिए. अगर लग जाए तो इससे छुटकारा पाने के लिए बेल के ताजे पत्तों को पीसकर मेहंदी की तरह पैर के तलवों पर ठीक से मलें. इसके अलावा सिर, हाथ, छाती पर भी मालिश करने से अच्छा लाभ मिलता है. बेल को शरबत में मिलाकर पीने से लू से तुरंत राहत मिलती है.

कैंसर- कई अध्ययनों से पता चला है कि बेल के शत में एंटी प्रोलीफरेटिव एक्टिविटी होती है जो मनुष्य में ट्यूमर सेल के फैलाव को रोकने में मदद करती है. गुदे से बने शरबत में जल में घुलनशील एंटीऑक्सीडेंट्स, फेनोलिक तत्व तथा एंटी म्युटाजेन्स पाए जाते हैं जो कैंसर रोधी होते हैं तथा यह शरीर की फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से भी बचाते हैं.

डायबिटीज- मधुमेह रोगियों के लिए बेल का फल बहुत ही फायदेमंद होता है. इसकी पत्तियों को पीसकर उसके रस का दिन में 2 बार सेवन करने से मधुमेह का खतरा कम हो जाता है. बेल के शत से ब्लड यूरिया तथा कोलेस्ट्रोल को सार्थक तरीके से कम करने में मदद मिलती है. बेल प्राकृतिक तौर पर एक फल है जो शरीर से जहरीले पदार्थ निकलता है और अम्लीयता को कम करता है.

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