सावधान इन बीमारियों की तरफ इशारा करता है यूरिन का बदलता रंग, न करें लापरवाही

कल्याण आयुर्वेद- शरीर के ज्यादातर विषाक्त पदार्थ यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकलते हैं. यही कारण है कि विशेषज्ञ लोग ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह देते हैं. आज के इस पोस्ट में हम आपको यूरिन के बदलते रंग से मिलने वाले संकेतों के बारे में बताएंगे जो हमें बीमारियों के बारे में संकेत देता है.

सावधान इन बीमारियों की तरफ इशारा करता है यूरिन का बदलता रंग, न करें लापरवाही

तो आइए जानते हैं विस्तार से-

लाल या गुलाबी रंग- यदि आप खाने में चुकंदर वगैरह खा रहे हैं तो इसके प्रभाव से यूरिन का रंग लाल या गुलाबी हो सकता है. लेकिन अगर ऐसा नहीं है फिर भी यूरिन गुलाबी या लाल रंग जैसा नजर आ रहा है तो हो सकता है कि यह किडनी ट्यूमर या फिर यूरिनरी ट्रेक संक्रमण का संकेत हो.

नीला या हरा रंग- हरा या नीला रंग किसी दवाइयां खाद्य पदार्थ की वजह से सामान्य माना जाता है. लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो यह पोरफायरिया या ब्लू डायपर सिंड्रोम जैसी गंभीर बीमारी की वजह से हो सकता है.

दूध या सफेद रंग- आमतौर पर यूरिन में 95% पानी होता है और बाकी हिस्सा खनिज, यूरिक एसिड आदि का होता है. लेकिन अगर आपको एकदम सफेद दूधिया रंग का यूरिन हो रहा है तो संभव है कि यूरिन के साथ अधिक मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस खनिज पदार्थ बाहर आ रहे हैं ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ के पास जरूर जाएँ.

काला रंग या डार्क ब्राउन- यदि आप लंबे समय से एलोवेरा का सेवन कर रहे हैं या फिर सावा बींस ले रहे हैं तो यूरिन का रंग डार्क ब्राउन या काला हो सकता है. लेकिन अगर बिना किसी वजह के आपको ऐसा यूरिन हो रहा है तो यह चिंता की बात हो सकती है.

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