जानें- ह्रदय रोग होने के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

कल्याण आयुर्वेद- आज के समय में ह्रदय रोग का होना एक आम बीमारी बनती जा रही है. ह्रदय रोग से ना सिर्फ बूढ़े शिकार हो रहे हैं बल्कि युवा भी हृदय रोग की चपेट में तेजी से आ रहे हैं. ह्रदय को शरीर में सबसे महत्वपूर्ण अंग माना गया है इसका सीधा अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यह लगातार 24 घंटे काम करते रहता है कुछ सेकंड भी यह कार्य करना बंद कर दे तो व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है.

जानें- ह्रदय रोग होने के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

एक स्वस्थ व्यक्ति का हृदय 1 मिनट में लगभग 72 बार धड़कता है और 24 घंटे में लगभग 1,00,800 बार धड़कता है. यह ह्रदय हमारे शरीर में खून की पंपिंग का काम करता है और हमारे शरीर के हर अंग तक रक्त का प्रवाह करता है.

ह्रदय रोग होने के कारण-

जैसे- जैसे व्यक्ति की उम्र अधिक होती जाती है उसके शरीर में वसा का जमाव होने लगता है. इसी वसा के जमने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में वृद्धि होने लगती है. ह्रदय को रक्त पहुंचाने वाले नलिका में जब कोलेस्ट्रोल जमा होने लगता है तो धीरे-धीरे खून का प्रवाह अवरुद्ध लगता है और एक ऐसा समय आता है जब पूर्ण रूप से कोलेस्ट्रॉल हृदय को रक्त पहुंचाने वाली नलिका में जमा हो जाता है तो ह्रदय घात यानी हार्ट अटैक की स्थिति उत्पन्न हो जाती है.

उम्र बढ़ने के साथ-साथ यदि खाने में वसा को नियंत्रित नहीं किया जाए तो हृदय रोग होना आम बात हो जाता है. लेकिन आज के युवा भी इस भयंकर रोग की चपेट में आ रहे हैं. इसके पीछे मुख्य कारण शारीरिक श्रम ना करना, गलत खानपान, धूम्रपान, अधिक करना शराब पीना. जो युवा अपने शरीर पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं और लगातार लंबे समय तक तैलीय भोजन का प्रयोग करते हैं, बिल्कुल भी शारीरिक श्रम नहीं करते हैं, ऐसे युवा को हृदय रोग होने का खतरा कई गुना तक अधिक हो जाता है.

हृदय रोग होने के कुछ अन्य कारण भी हैं जैसे- हाई ब्लड प्रेशर, लो ब्लड प्रेशर, मधुमेह, हाई कोलेस्ट्रोल और मोटापा इत्यादि. यह सभी रोग जिस भी रोगी को होते हैं उन्हें भी हृदय रोग होने की संभावना काफी बढ़ जाती है.

ह्रदय रोग होने के लक्षण-

छाती में बाई तरफ ठीक ह्रदय वाले स्थान पर भयंकर दर्द होना, सुई चुभने की तरह पीड़ा होना, ह्रदय वाले स्थान पर भारीपन या किसी प्रकार का दबाव महसूस होना, यह सभी ह्रदय रोग के लक्षण हो सकते हैं. हार्ट अटैक आपको बिना किसी लक्षण दिखाई दिए एकदम से भी हो सकता है. जिससे तुरंत व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है.

ह्रदय रोग से बचने के उपाय-

हृदय रोग से बचाव करना स्वयं व्यक्ति का हाथ में होता है. ह्रदय रोग से बचने के लिए संतुलित भोजन करना चाहिए. साथ में योगासन, व्यायाम, सुबह की सैर, कसरत करना, दौड़ना या फिर खेल खेलना. इस प्रकार के शारीरिक गतिविधियों वाला काम करने से शरीर में अतिरिक्त कोलेस्ट्रोल नहीं होता है. ह्रदय के पीछे सबसे बड़ा कारण है शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना. यदि आप कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित रखते हैं तो आपको हृदय रोग होने की संभावना कम हो जाती है.

40 वर्ष की उम्र के बाद व्यक्ति को भोजन में वसा का प्रयोग नहीं करना चाहिए. अगर आपकी भी उम्र 40 से अधिक है तो अपने खाने में वसा की मात्रा को कम करें. वसा भोजन से प्राप्त होती है जैसे- तेल, घी, मक्खन इत्यादि.

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