क्या आप भी बैठकर पीते हैं दूध, तो आज ही बदल लें अपनी यह आदत, जानें यह 5 नियम

कल्याण आयुर्वेद - आप सब बड़े बुजुर्गों को कहते सुना होगा, कि पानी बैठकर पीना चाहिए और दूध खड़े होकर पीना चाहिए. लेकिन अक्सर बच्चे उनकी बातों को अनसुना कर देते हैं. लेकिन सही मायने में बुजुर्गों की यह बातें काफी तजुर्बे वाली होती है. जिनमें सेहत के कई राज छुपे होते हैं. अगर आप भी अब तक बैठकर दूध का सेवन करते आए हैं, तो आज ही अपनी यह आदत बदल लें. ताकि आपको इसके सेवन का पूरा लाभ मिल सके. आज के इस पोस्ट में हम आपको दूध पीने को लेकर कुछ नियम के बारे में बताएंगे.

क्या आप भी बैठकर पीते हैं दूध, तो आज ही बदल लें अपनी यह आदत, जानें यह 5 नियम

तो आइए जानते हैं विस्तार से -

1.आयुर्वेद में कहा गया है, कि बैठकर दूध पीने से पाचन संबंधी परेशानियां होती है और पाचन की समस्याएं होने से पूरा शरीर प्रभावित होता है. जब खड़े होकर दूध पीने से शरीर को इसका पूरा लाभ मिलता है और त्रिदोष यानी वात और पित्त तथा कफ संतुलित रहता है .

2.खड़े होकर दूध पीने से और भी कई फायदे मिलते हैं. आपको बता दें यदि आप खड़े होकर दूध पीते हैं, तो इससे मांसपेशियां मजबूत रहती हैं और घुटने खराब नहीं होते हैं. इसके अलावा हृदय रोग और बीपी जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है. यह आंखों और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है.

3.दूध हमेशा रात को सोने से आधे घंटे पहले गुनगुना करके पीना चाहिए और इसमें शक्कर का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए. आप चाहे तो इसमें थोड़ा गुड़ मिला सकते हैं. अगर दूध में एक चम्मच गाय का घी मिला दिया जाए तो यह और भी फायदेमंद हो जाता है.

3.आजकल पैकेट वाले दूध को लोग बहुत पसंद करने लगे हैं. लेकिन आपको बता दें कि यह दूध सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए इसे पीने से परहेज करें. हमेशा ताजा और जैविक दूध पिएं.

4.आयुर्वेद का कहना है, कि दूध को हमेशा उबालकर ही पीना चाहिए. अगर यह आपको भारी लगता हो, तो आप इसमें थोड़ा पानी भी मिला सकते हैं. इससे यह हल्का और सुपाच्य हो जाता है. यदि आप दूध का पूरा लाभ लेना चाहते हैं, तो आप इसे रात के डिनर के 2 घंटे बाद और सोने से आधे घंटे पहले पिएं. रात का डिनर 7:30 बजे तक कर लेना चाहिए.

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