कोविड से उबरने के बाद फाइब्रोसिस कर रहा परेशान, जानें लक्षण

कल्याण आयुर्वेद- कोविड के नए स्वरूप से प्रभावित होने वाले लोगों में ठीक होने के बाद भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इनमें एक आम परेशानी है फेफड़ों में सिकुड़न पैदा हो जाना. जिसे मेडिकल भाषा में फाइब्रोसिस करते हैं. इसकी वजह से ठीक हुए मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होती है इसलिए यह बहुत जरूरी है कि नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद हम अपने शरीर में आ रहे बदलाव पर ध्यान दें. जो बुजुर्ग कोविड ठीक हुए हैं उनसे लक्षणों के बारे में बातचीत करते रहें, जितनी जल्दी इसका पता चल जाएगा उतना जल्दी ही इसे काबू में लाना आसान होगा.

कोविड से उबरने के बाद फाइब्रोसिस कर रहा परेशान, जानें लक्षण

फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है यह बीमारी-

पोस्ट कोविड पलमोनरी फाइब्रोसिस तब होता है जब कोविड संक्रमण के कारण फेफड़ों के नाजुक हिस्सों को नुकसान पहुंचता है और उनमें झिल्ली बन जाती है. इससे फेफड़ों की कार्य क्षमता कम हो जाती है. जाहिर सी बात है कि जब उनकी कार्य क्षमता कम हो जाएगी तो शरीर में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन गड़बड़ाने लगेगा. इसे अगर समय रहते ठीक नहीं किया गया तो जीवन भर का रोग बन सकता है.

किनको है ज्यादा खतरा-

अमेरिका के नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफॉरमशन के अनुसार जो मरीज मोटापा, फेफड़ों की बीमारी, मधुमेह इत्यादि से पीड़ित रहे हो उनको पल्मोनरी फाइब्रोसिस का खतरा अधिक होता है. लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रह चुके लोगों में इसका खतरा होता है. ज्यादातर यह समस्या 60 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों में देखने को मिलती है.

तुरंत लें डॉक्टरी सलाह-

कोविड से उबर चुके वे लोग जिनको चलने में थकान हो जाती है या सांस फूलने लगती हो उन्हें डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए. अगर खांसते या छींकते समय छाती में दर्द होता है तो हो सकता है कि आप पल्मोनरी फाइब्रोसिस के शिकार हुए हैं, बेहतर होगा कि आप किसी पोस्ट कोविड सेंटर में जाकर अपनी जांच करवाएं. सीटी स्कैन से पता लगाया जा सकता है कि आपकी फेफड़ों को कितना नुकसान पहुंच चुका है.

एक्सरसाइज करती है मदद-

फेफड़ों की कसरत ( एक्सरसाइज ) हमेशा मदद करती है. कोविड संक्रमण के दौरान कि मरीजों को फेफड़ों की कसरत अथवा योग करने की सलाह दी जाती है. योग में अनुलोम-विलोम और गहरी सांसें लेने, छोड़ने और उदर, स्वसन से फेफड़ों की क्षमता में इजाफा होता है. इसके अलावा गुब्बारे फुलाने की सरल सी कसरत भी फेफड़ों को मजबूत बनाती है.

इन 5 लक्षणों को मिलते ही हो जाएं सावधान-

1 .सांस लेने में परेशानी.

2 .बहुत थकान महसूस होना.

3 .ऑक्सीजन लेवल में उतार-चढ़ाव.

4 .कुछ दूर चलने पर सांस फूलने की समस्या.

5 .सूखी खांसी आना.

नोट- कुछ मरीजों में कोरोना से ठीक होने के बाद पल्मोनरी फाइब्रोसिस के मामले देखे गए हैं. खांसते या छींकते समय छाती में दर्द होना, सीढियाँ चढ़ने या टहलने में सांस फूलने जैसी शिकायत होती है तो डॉक्टर से संपर्क करें. सीटी स्कैन जांच में इसका पता लग जाता है.




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