मुलेठी के 10 फायदे, जो जटिल बीमारियों को करता जड़ से ख़त्म

कल्याण आयुर्वेद- मुलेठी एक जड़ी- बूटी है जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में कई दवाओं को स्वादिष्ट बनाने के साथ ही कई बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है.

मुलेठी के 10 फायदे, जो जटिल बीमारियों को करता जड़ से ख़त्म 

मुलेठी स्वाद में मीठी होती है. इसका उपयोग आयुर्वेद के साथ-साथ चीनी दवाओं में भी प्राचीन काल से ही प्रयोग होता आ रहा है. इसके अलावा इसका मिठाई बनाने, चबाने वाली चिलगम, टूथपेस्ट, शीतल पेय पदार्थ और बीयर जैसे पेय पदार्थों में व्यापक रूप से एक स्वादिष्ट एजेंट के रूप में उपयोग किया जाता है.

मुलेठी में पाए जाने वाले पोषक तत्व-

कैल्शियम, एंटीऑक्सीडेंट, ग्लिसराइजिक एसिड, एंटीबायोटिक, प्रोटीन, विटामिन बी, विटामिन ई, फास्फोरस, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, सेलेनियम, मैग्नीशियम, सिलिकॉन जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं.

आयुर्वेद में मुलेठी का उपयोग खांसी, जुकाम, उल्टी, पीत को बंद करने के साथ-साथ पेट की जलन, पेट दर्द, पेप्टिक अल्सर तथा इनसे होने वाली खून की उल्टी को रोकने के लिए किया जाता है.

मूलेठी के फायदे-

1 .सर्दी- जुकाम-

मुलेठी से सर्दी, जुकाम, खांसी दूर हो जाती है. मुलेठी चबाने से गले की खराश, गला बैठना जैसी समस्याएं दूर हो जाती है. मुलेठी चबाने से आवाज भी मधुर बनता है.

2 .सीने की जलन को करें दूर-

यदि आपके गले में जलन या सूजन है तो मुलेठी मुंह में रखकर सूचना चाहिए. ऐसा करने से गले की जलन और सूजन में आराम मिलेगा और आपके पेट में एसिड के स्तर को भी नियंत्रित करती है. अगर आपके सीने में जलन हो रही है और भोजन सही तरीके से नहीं पच पा रहा है तो मुलेठी को मुंह में रखकर सूचना लाभदायक होगा. इससे आपको सीने की जलन और खाना न पचने की समस्या से राहत मिलेगी.

3 .छाती में जमा कफ को करता है बाहर-

अगर आपको खांसी या छाती में सूखा कफ रहता है तो आपको मुलेठी का सेवन करना चाहिए. जब गले से कफ नहीं निकलता है तो रोगी खांसता ही रहता है. इसके लिए दो कप पानी में 5 ग्राम मुलेठी का चूर्ण उबालकर पीना लाभदायक होता है.

4 .कमजोरी को करें दूर-

प्रतिदिन मूलेठी चूसने से शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती है. 10 ग्राम पिसा हुआ मुलेठी का चूर्ण, घी और शहद मिलाकर चाटने से और ऊपर से मिश्री मिले हुए दूध को पीने से कमजोरी के रोग कुछ ही दिनों में दूर हो जाते हैं.

5 .पेशाब की समस्या होती है दूर-

यूटीआई की समस्याएं जैसे- पेशाब में जलन, पेशाब रुक- रुक कर आना, पेशाब अधिक आना, घाव, खुजली और पेशाब से जुड़ी सभी समस्याएं मुलेठी के प्रयोग से दूर होती है. इसके लिए खाना खाने के बाद प्रतिदिन 4 बार 2 घंटे के अंतराल पर मुलेठी चूसते रहना चाहिए.

6 .गंजापन को करे दूर-

गंजेपन और डैंड्रफ से बचने के लिए मुलेठी का पाउडर, दूध और थोड़ी सी केसर इन तीनों को मिलाकर पेस्ट बनाकर नियमित रूप से बाल आने तक सिर पर लगाएं. इससे बालों का झड़ना और बालों की रूसी आदि में अच्छा लाभ होता है. मुलेठी और तील को भैंस के दूध में पीसकर सिर पर लेप करने से बालों का झड़ना रूक जाता है.

7 .पीलिया रोग-

पीलिया रोग में एक चम्मच मुलेठी का चूर्ण शहद के साथ मिलाकर या इसका काढ़ा बनाकर पीने से अच्छ लाभ होता है. 2 से 5 ग्राम मुलेठी का चूर्ण पानी और मिश्री के साथ सेवन करने से पेट में गैस कम हो जाती है.

8 .मलेरिया बुखार-

मलेरिया बुखार का होना आजकल एक आम समस्या बन गया है. मलेरिया बुखार से राहत पाने के लिए 10 ग्राम मुलेठी, 5 ग्राम अजवाइन तथा थोड़ा-सा सेंधा नमक को मिलाकर दिन में 3-4 बार पीने से मलेरिया बुखार में अच्छा लाभ होता है.

9 .मुंह के छाले-

मुंह में छाले होना एक आम समस्या है जो किसी भी उम्र में हो सकती है. मुंह में छाले होने पर मुलेठी के चूर्ण को फुले हुए कथा के साथ मिलाकर लगाएं और लार को बाहर टपकाएं. इससे मुंह की गंदगी खत्म होकर मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं. मुलेठी का चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से भी मुंह के छाले जल्दी ठीक हो जाते हैं.

10 .पेट और आंतों के घाव-

पेट और आंतों के घाव में मुलेठी के चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में एक कप दूध के साथ दिन में 3 बार सेवन करना फायदेमंद होता है. इसके लगातार सेवन करते रहने से अल्सर कुछ ही सप्ताह में भर जाएंगे. इस प्रयोग के समय मिर्च, मसालों, तीखे चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.

नोट- यह पोस्ट शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है किसी भी प्रयोग से पहले योग्य डॉक्टर की सलाह जरूर लें. धन्यवाद.

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