प्रेग्नेंट महिला को होता है छाती में दर्द, तो हो सकता है इस गंभीर बीमारी का संकेत

कल्याण आयुर्वेद - प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की समस्याएं होती रहती हैं. इसलिए वह तमाम समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेती है. ज्यादातर महिलाएं इन समस्याओं को प्रेगनेंसी वजह से होने वाली समस्या मानकर इग्नोर कर देती है. इनमें से एक है छाती में दर्द की समस्या. आम तौर पर यह समस्या पेट और फेफड़ों पर दबाव पड़ने की वजह से होती है. दरअसल बढ़ते हुए शिशु की वजह से गर्भाशय का आकार बढ़ता है. इसके कारण पेट और फेफड़ों पर दबाव डालता है. जिसके कारण सांस लेने में तकलीफ होने लगती है और सीने में दर्द होने लगता है. कई बार ऐसा गैस और एसिडिटी के कारण भी होता है. आज के इस पोस्ट में हम आपको छाती में दर्द होना किस बात का संकेत है इसके बारे में बताएंगे.

प्रेग्नेंट महिला को होता है छाती में दर्द, तो हो सकता है इस गंभीर बीमारी का संकेत

तो आइए जानते हैं विस्तार से -

1.पलमोनरी एंबॉलिज्म - प्रेगनेंसी के दौरान कभी-कभी फेफड़ों की बाहरी नसों में ब्लड क्लोट के कारण पलमोनरी एंबॉलिज्म की समस्या हो जाती है. इस दौरान फेफड़ों में मौजूद धमनी में ब्लॉकेज हो जाता है. यह स्थिति बेहद ही खतरनाक साबित हो सकती है.

2.हार्ट डिजीज - हार्ट संबंधी तमाम परेशानियों का एक लक्षण है. सीने में दर्द होना. क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान बीपी और शुगर लेवल में कई बार उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. ऐसे में यह स्थिति महिला और उनके बच्चे के लिए मुसीबत बढ़ा सकता है. इसलिए इस स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

3.प्री एक्लेम्प्सिया - यह एक उच्च रक्तचाप बेकार है, इसमें यूरिन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है. जिसके कारण महिला का ब्लड प्रेशर अचानक से बढ़ने लगता है. यह समस्या आमतौर पर गर्भावस्था के 21वें सप्ताह के बाद होती है. इसकी वजह से सीने में दर्द की समस्या होती है. यह स्थिति मां और बच्चे दोनों के लिए घातक साबित हो सकते हैं.

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