आंखों का फड़कना शुभ या अशुभ नहीं, बल्कि इन खतरनाक बीमारियों का देता है संकेत, आप भी जान लें

कल्याण आयुर्वेद - कई लोग आंख के फड़कने को धर्म से जोड़ कर देखते हैं. लोगों का मानना है, कि आंखों का फड़कना और शुभ तथा अशुभ घटनाओं को दर्शाता है. लेकिन विज्ञान के अनुसार यह एक हेल्थ इश्यू है. दरअसल आंख का फड़कना सही कारणों से हो सकता है. यह आपको कई तरह के संकेत देता है. इसका संकेत खतरनाक भी हो सकता है. आज के पोस्ट में हम आपको इसके बारे में बताएंगे.

आंखों का फड़कना शुभ या अशुभ नहीं, बल्कि इन खतरनाक बीमारियों का देता है संकेत, आप भी जान लें

तो आइए जानते हैं विस्तार से -

इन बीमारियों का हो सकता है संकेत -

ब्लेफेरोस्पाज्म और हेमिफेशियल स्पाज्म -

ब्लेफेरोस्पाज्म और हेमिफेशियल स्पाज्म काफी गंभीर स्थिति होती है. इस दौरान इंसान की आंखें कई दिनों या कई महीनों तक बंद हो सकती है. इससे आपकी आंखें आपके जीवन भर के लिए भी प्रभावित हो जाती हैं. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से तुरंत संपर्क कर लेना चाहिए.

इसका कारण -

1.विशेषज्ञों की मानें तो हमारी लाइफ स्टाइल या खानपान हमारे आंखों के फड़कने की वजह बन सकती है. दरअसल कई केस में इसके कारण ब्रेन डिसऑर्डर भी हो जाता है.

2.तनाव के कारण भी आंखें फड़कने की समस्या होती है. यदि कोई व्यक्ति ज्यादा तनाव में रहता है तो इस दौरान आंखें अधिक पडक सकती है.

3.यदि आप लगातार लैपटॉप मोबाइल की स्क्रीन व अन्य आंखों पर जोर देने वाले कार्य करते हैं, तो इससे भी आपकी आंखें प्रभावित होती हैं और आंखें फड़कती है. इसलिए आपको अपनी आंखों का खास ख्याल रखना चाहिए.

4.भागदौड़ भरी जिंदगी में पूरी तरह से नींद नहीं ले पाते हैं, जिसके कारण भी इस समस्या से जूझना पड़ता है. विशेषज्ञों के अनुसार इंसान को कम से कम 7 से 9 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए.

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