आप भी जानें- महात्मा गौतम बुद्ध के द्वारा बताए गए अनमोल विचार

गौतम बुद्ध इतिहास के सबसे महान व्यक्तियों में से एक है जिन्होंने बौद्ध धर्म के रूप में मानवता को एक अनमोल तोहफा दिया है. उनके द्वार स्थापित धर्म को आज 40 करोड़ से भी ज्यादा लोग मानते है और यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा धर्म है. महात्मा बनने से पहले बुद्ध एक राजा थे. वो बचपन से ही ऐसे प्रश्नों के उत्तर की तलाश में खोए रहते थे जिनका जवाब बड़े-बड़े संत और महात्माओं के पास भी नहीं हुआ करता था. बौद्ध ग्रंथों के अनुसार गौतम बुद्ध के जन्म से 12 वर्ष पूर्व ही एक ऋषि ने भविष्यवाणी की थी कि यह बच्चा या तो एक सार्वभौमिक सम्राट या महान ऋषि बनेगा. 35 वर्ष की आयु में गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी. गौतम बुद्ध विवाह के बाद ही अपने परिवार को छोड़कर सत्य की तालाश में निकल पड़े थे.



तो आइए जानते हैं महात्मा गौतम बुद्ध के द्वारा दिए गए कुछ अनमोल विचारों के बारे में

  • जीवन में हजारों लड़ाइयां जीतने से अच्छा है कि तुम स्वयं पर विजय प्राप्त कर लो, फिर जीत हमेशा तुम्हारी होगी, इसे तुमसे कोई नहीं छीन सकता है.
  • हजारों खोखले शब्दों से अच्छा वह एक शब्द है जो शांति लाए.
  • अतीत पर ध्यान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान क्षण पर केंद्रित करो.
  • किसी भी हालात में तीन चीजें कभी भी छुपी नहीं रह सकती, वो है- सूर्य, चन्द्रमा और सत्य.
  • सभी बुरे कार्य मन के कारण उत्पन्न होते हैं, अगर मन परिवर्तित हो जाये तो क्या अनैतिक कार्य रह सकते हैं?
  • किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से ज्यादा डरना चाहिए, जानवर तो बस आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है.
  • जीवन में किसी उद्देश्य या लक्ष्य तक पहुंचने से ज्यादा महत्वपूर्ण उस यात्रा को अच्छे से संपन्न करना होता है.
  • स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफ़ादारी सबसे बड़ा सम्बन्ध है.
  • बुराई से बुराई कभी खत्म नहीं होती है. घृणा को तो केवल प्रेम द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है, यह एक अटूट सत्य है.
  • तुम अपने क्रोध के लिए दंड नहीं पाओगे, तुम अपने क्रोध द्वारा दंड पाओगे.
  • जैसे मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती , मनुष्य भी आध्यात्मिक जीवन के बिना नहीं जी सकता है.
  • भविष्य के सपनों में मत खोओ और भूतकाल में मत उलझो सिर्फ वर्तमान पर ध्यान दो, जीवन में खुश रहने का यही एक सही रास्ता है.
  • वह जो पचास लोगों से प्रेम करता है उसके पचास संकट हैं, वो जो किसी से प्रेम नहीं करता उसके एक भी संकट नहीं है.
  • सत्य के मार्ग पर चलते हुए व्यक्ति केवल दो ही गलतियां कर सकता है, पहली या तो पूरा रास्ता न तय करना, दूसरी या फिर शुरुआत ही न करना.
  • अपने मोक्ष के लिए खुद ही प्रयत्न करें, दूसरों पर निर्भर ना रहे.
  • जिस तरह एक जलते हुए दीये से हजारों दीपक रोशन किए जा सकते है, फिर भी उस दीये की रोशनी कम नहीं होती, उसी तरह खुशियां बांटने से हमेशा बढ़ती है, कभी कम नहीं होती है.
  • आपके पास जो कुछ भी है उसे बढ़ा-चढ़ा कर मत बताइए, और ना ही दूसरों से ईर्ष्या कीजिये. जो दूसरों से ईर्ष्या करता है उसे मन की शांति नहीं मिलती है.
  • जीवन में आप चाहें जितनी अच्छी-अच्छी किताबें पढ़ लो, कितने भी अच्छे शब्द सुनो, लेकिन जब तक आप उनको अपने जीवन में नहीं अपनाते तब तक उसका कोई लाभ नहीं होगा.
  • चाहे आप जितने पवित्र शब्द पढ़ लें या बोल लें, वो आपका क्या भला करेंगे जब तक आप उन्हें उपयोग में नहीं लाते हैं.
  • बिना सेहत के जीवन जीवन नहीं है, बस पीड़ा की एक स्थिति है- मौत की छवि है.
  • मैं कभी नहीं देखता की क्या किया जा चुका है, मैं हमेशा देखता हूँ कि क्या किया जाना बाकी है.
  • हमेशा क्रोधित रहना, जलते हुए कोयले को किसी दूसरे व्यक्ति पर फेंकने की इच्छा से पकड़ रखने के समान है. यह क्रोध सबसे पहले आपको ही जलाता है.
  • शक की आदत से भयावह कुछ भी नहीं है. शक लोगों को अलग करता है. यह एक ऐसा बिष है जो मित्रता ख़त्म करता है और अच्छे रिश्तों को तोड़ता है. यह एक काँटा है जो चोटिल करता है, एक तलवार है जो वध करती है.
  • क्रोध में हजारों शब्दों को गलत बोलने से अच्छा, मौन वह एक शब्द है जो जीवन में शांति लाता है.
  • किसी विवाद में हम जैसे ही क्रोधित होते हैं हम सच का मार्ग छोड़ देते हैं और अपने लिए प्रयास करने लगते हैं.

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