सूर्य से उर्जा कैसे और कब प्राप्त करें ? जानिए हमारे लिए क्यों जरुरी है ?

कल्याण आयुर्वेद- सूर्य ऊर्जा का एक महान स्त्रोत है। सभी पेड़-पौधे जीव-जंतु सूर्य की रोशनी से ही उगते हैं। सूर्य की रोशनी एक प्राकृतिक दवाई के समान है।जिसे हजारों वर्षों से हमारे पूर्वज प्रयोग करते आ रहे हैं। हमारे पूर्वज सूर्य की ऊर्जा गायत्री मंत्र से शुरू करके ग्रहण करते थे।

सूर्य से उर्जा कैसे और कब प्राप्त करें ? जानिए हमारे लिए क्यों जरुरी है ? 

आज जहां हर चीज में मिलावट है। ऐसी कोई चीज नहीं है जिसमें मिलावट ना हो। चाहे फल हो या सब्जियां चाहे दूध हो या कोई भी अन्य खाद्य पदार्थ हर चीज में मिलावट है। लेकिन एक सूर्य की रोशनी ही ऐसी है जो प्राकृतिक रूप से बिल्कुल शुद्ध है।

सूर्य की उर्जा कैसे प्राप्त करें-

सूर्य की ऊर्जा प्राप्त करने के लिए हम सूर्य की रोशनी में आधा घंटा बाहर खुले में लेट जाए। जिस समय हम सूर्य की रोशनी ग्रहण करें उस समय हम यही कोशिश करें कि हम कम से कम वस्त्र पहने। अगर हम पहनते भी हैं तो सफेद पतले सूती वस्त्र ही पहने।इससे हम सूर्य की रोशनी का पूर्णतया लाभ उठा सकते हैं।

पहले हम शरीर के 15 मिनट तक आगे वाले हिस्से में सूर्य की रोशनी लगने दे और फिर 15 मिनट तक शरीर के पिछले हिस्से को सूर्य की रोशनी लगने दें। जब हमें पसीना आने लग जाए तब हम अंदर आ जाए। सूर्य की रोशनी हम अंदर कमरों में ना लें।

सूर्य की रोशनी से हमारे जोड़ों में होने वाले दर्द भी ठीक हो जाते हैं। अगर हमारे जिस भी जोड़ में दर्द है उसे अगर हम सूर्य की रोशनी देते हैं तो वह जोड़ हमारा बिना किसी दवाई के ठीक हो जाता है।

सूर्य से ऊर्जा लेने का सही समय -

सूर्य की रोशनी को लेने का सही समय प्रात: काल जब सूर्य उदय हो रहा होता है उसके 1 घंटे तक या फिर शाम को सूर्य अस्त होने से एक घंटा पूर्व तक का समय ही उचित समय होता है। दोपहर को तेज धूप में सूर्य की रोशनी ना लें।

सूर्य की रोशनी को कैसे देखें-

जिस तरह से हम मोबाइल या टी वी इत्यादि देखते हैं उसी तरह से हमने सूर्य की किरणों को देखना है।हम कोशिश यही करें कि हम सूर्य की किरणों को नंगे पैर खड़े होकर ग्रहण करें।इस तरह से अगर हम सूर्य की रोशनी ग्रहण करते हैं तो हमारी आंखों की रोशनी बढ़ती है और हमारा दिमाग भी तेज होता है।

सूर्य की रोशनी हमारे लिए भोजन के समान है। सूर्य की रोशनी से हमें बल ,बुद्धि और शक्ति सब कुछ मिलता है। 

सूर्य से ऊर्जा प्राप्त करना हमारे शरीर के लिए क्यों जरूरी है?

यह तो हमें पता है कि सूर्य की रोशनी से पेड़ पौधे बढ़ते हैं , परन्तु मनुष्य शरीर भी इसके बिना नहीं रह सकता |

(1 ) सूर्य की रोशनी में हमारे टिशूस और सेल्स सही से काम करते हैं |

(2 ) सूर्य की रोशनी के अभाव में, हड्ड़ियां खोखली और कमजोर हो जाती हैं, जिससे ओएस्ट्रोप्रोसिस, घुटनों के दर्द , कमर के दर्द आदि बीमारियां कम उम्र में ही तंग करने लगती हैं |

(3 ) जिन देशों में सूर्य कई-कई दिन तक नजर नहीं आता या दोपहर को कुछ देर के लिए निकलता है, वहां लोगों में अवसाद (डिप्रेशन) बढ़ने लगता है जिसे सीजनल अफ्फेक्टिवे डिसऑर्डर कहते हैं | विज्ञान के अनुसार रोशनी कम होने से उदासी बढ़ती है |

(4 ) सूर्य की रोशनी न मिलने से बच्चों में सिखने और याददाश्त की कमी होने लगती है |

(5 ) सूर्य की रोशनी के बिना हमारे pancreas,ovaries,हार्ट,स्किन कुछ भी ठीक से काम नहीं करते |

(6 ) सूर्य एक प्राकृतिक अनीसेप्टिक है, इसमें घाव के कीटाणु मारने की ताकत है , इस की रौशनी में कुछ देर घाव को रखने से जल्दी भरते हैं |

(7) बंद कमरे की बजाय मरीज को हमेशा खुले कमरे में रखा जाता है , जहां प्रयाप्त मात्रा में सूर्य का प्रकाश हो, क्योंकि सूर्य का प्रकाश हीलिंग में मदद करता है |

(8 ) सूर्य की रोशनी हमारे शरीर के रक्त को शुद्ध करती है और तरह तरह की गंदगी के जमाव से हुए गाढ़े खून को पतला कर इसकी गति को सुचारु करती है | खून को साफ कर कितनी ही बिमारियों से बचाती है |

(9 ) स्किन के छिद्र खोल कर कचरे को बाहर निकलने में मदद करती है , स्किन को ढेरों बिमारियों से बचाती है |

(10) सूर्य की रोशनी में कई सारे विटामिन मिलते हैं , जो हमें स्वास्थ्य देते हैं |

(11 ) ऑखों को कीटाणु मुक्त कर,आँखों की सभी बिमारियों को दूर करती है |

(12 ) सूर्य की ऊर्जा पेट की जेठा अग्नि को जागृत कर भोजन पचाने में मदद करती है , यही कारण है कि काफी लोग सूर्यास्त से पहले भोजन कर लेते हैं |

(13 )आपने अक्सर लोगों को गेंहूँ , चावल और दालों को धूप में सूखाते देखा होगा | बरसातों में जब सूर्य कम निकलता है तो हमारे आसपास कीड़ें- मकोड़ों की संख्या अचानक बढ़ जाती है |सूर्य एक प्रकार का प्राकृतिक pestiside है |

नोट- अगर आप लोगों को मेरी यह जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया मुझे कमेंट करना ना भूलें।

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