जलेबी की शुरुआत कहां से हुई ? जानें खाने के फायदे

कल्याण आयुर्वेद- जलेबी एक बहुत ही स्वादिष्ट मिठाई है. इसका नाम सुनते ही बहुत लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. चाहे सर्दी हो या गर्मी हर मौसम में लोगों द्वारा गरमा-गरम जलेबी खाई जाती है. यह मिठाई सिर्फ हमारे देश में ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी खाई जाती है. जलेबी खासतौर पर उत्तर भारत, पाकिस्तान व मध्यपूर्व का एक लोकप्रिय व्यंजन है. जलेबी आकार में घुमावदार होती है और स्वाद में मीठी. क्या आपने सोचा है कि इस स्वादिष्ट मिठाई का इतिहास क्या है? अगर नहीं, तो चलिए अपने इस लेख में हम आपको जलेबी के इतिहास और प्रकारों के बारे में बताएंगे.



जलेबी की शुरुआत कहां से हुई ?

आपकी जानकारी के लिए बता दें जलेबी मूल रूप से अरबी शब्द है. इसका असली नाम जलाबिया है. कुछ लोग इसे 'जल-वल्लिका' भी कहते हैं. रस से परिपूर्ण चासनी में सराबोर होने के कारण इस मिठाई को यह नाम मिला. फ़ारसी और अरबी में इसका नाम बदलकर जलाबिया कर दिया गया. अगर बात करें उत्तर पश्चिमी भारत और पाकिस्तान की तो इस मिठाई को जलेबी कहा जाता है. वहीं महाराष्ट्र में इसे जिलबी और बंगाल में इसका उच्चारण जिलपी करते हैं.

प्राचीन पुस्तकों में भी जलेबी का है जिक्र-

प्राचीन काल में भी जलेबी स्वाद के मामले में सभी मिठाइयों को पीछे छोड़ देती थी. बता दें कि 13वीं शताब्दी में मुहम्मद बिन हसन अल-बगदादी ने प्रसिद्ध व्यंजनों के ऊपर एक किताब लिखी थी. इस किताब का नाम था अल-तबीख. इस किताब में पहली बार ज़ौलबिया यानी कि जलेबी का ज़िक्र किया गया था. आपकी जानकारी के लिए बता दें मध्यकाल के दौरान जलेबी फ़ारसी और तुर्की व्यापारियों के साथ भारत आई और फिर इस स्वादिष्ट मिठाई को हमारे देश में ही बनाया जाने लगा. फ़ारसी भाषा में इसे ज़ौलबिया कहते थे और भारत में आने के बाद इसका नाम जलेबी में तब्दील हो गया. यह फ़ारसी मिठाई कब भारतीय बन गई पता ही नहीं चला.

जलेबी के प्रकारों के बारे में जानिए-

जलेबी बहुत स्वादिष्ट मिठाई है. अगर यह गरमा-गरम मिल जाए तो सोने पर सुहागा वाला काम हो जाता है. बता दें कि जलेबी को आप कई प्रकार से बना सकते हैं. आप इसके अंदर पनीर भरकर बना सकते हैं. इसके अलावा आप खोये के इस्तेमाल से भी जलेबी बना सकते हैं. आप जलेबी को कैसे भी बना लें यह आपको स्वादिष्ट ही लगेगी. आमतौर पर जलेबियों को छोटा और घुमावदार बनाया जाता है लेकिन अगर हम बात करें मध्यप्रदेश के इंदौर जिले की तो वहां आपको ऐसी जलेबी मिलेगी जिसका आकार आम जलेबियों से बहुत बड़ा होता है. उस एक जलेबी का वजन लगभग 250 ग्राम होता है और यह खाने में बहुत ही ज्यादा मजेदार लगती है.

जलेबी खाने के फायदे-

* आपने अक्सर देखा होगा जिन लोगों के शरीर में खून की कमी होती है उन्हें पीलिया की शिकायत हो जाती है| अगर आपको भी पीलिया की शिकायत है तो आपको जलेबी का सेवन जरूर करना चाहिए| जलेबी का सेवन करने से हमारा रक्त संचरण होगा और ऐसा नियमित करते रहने से पीलिया पीड़ित को काफी रात मिलेगी|

* यदि किसी इंसान को प्रतिदिन सर दर्द रहता है, साथ ही अधिकतर यह सर के आधे हिस्से में रहता है| जब हम कोई चीज उठाने के लिए नीचे झुकते है, तो आपके सर पर ऐसा लगता है जैसे कि किसी ने बहुत ज्यादा वजन रख दिया हो| अगर आप इस से छुटकारा पाना चाहते हैं तो प्रतिदिन सुबह दूध और जलेबी का सेवन करें| यह आपके स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है, साथ ही इससे आपका सर दर्द हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा
* अगर आपके हाथ पांव में अक्सर दर्द रहता है, साथ ही आप मेहनती काम करते हैं, तो इसके लिए आपको रोजाना दूध और जलेबी का सेवन करना चाहिए| दूध और जलेबी का सेवन करने से आपको शरीर को ऊर्जा प्राप्त होगी साथ ही आप की हड्डियां भी मजबूत होंगी|

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