गर्भनिरोधक गोली खाने से पहले जान लें इसके खतरनाक नुकसान, नहीं तो पड़ेगा पछताना

कल्याण आयुर्वेद - गर्भनिरोधक गोलियां लेने से आपके शरीर के अंदर ओव्यूलेशन बंद हो जाता है. जब ओव्यूलेशन ही नहीं होगा तो एग्स का भी उत्पादन नहीं होगा और जब एग्स बनेंगे ही नहीं तो स्पर्म के साथ मिलकर फर्टिलाइज होने का खतरा भी नहीं होगा, तो कुल मिलाकर कहें तो प्रेग्नेंसी के रिस्क भी नही रहेगा. सिर्फ प्रेग्नेंसी रोकने के लिए ही नहीं बल्कि अनियमित माहवारी को सही करने के लिए, पीरियड्स के दौरान होने वाला अधिक दर्द की समस्या से छुटकारा पाने के लिए और प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम पीएमएस की दिक्कत से निपटने के लिए भी इन गोलियों का इस्तेमाल किया जाता है.

गर्भनिरोधक गोली खाने से पहले जान लें इसके खतरनाक नुकसान, नहीं तो पड़ेगा पछताना

अगर इन गोलियों का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह काफी असरदार होती हैं. लेकिन आपको बता दें गर्भनिरोधक गोलियां केवल प्रेग्नेंसी को रोक सकती हैं. सैक्सुएली ट्रांसमिटेड डिजीज यानी एसटीडी को नहीं उसके लिये आपको कंडोम का इस्तेमाल करना होगा. आपको बता दें अगर प्रेग्नेंसी से बचने के लिए आप नियमित रूप से गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं, तो इससे कई साइड इफेक्ट्स होते हैं. इसलिए इसका सेवन करने से पहले इसके नुकसान जान लेना बहुत जरूरी है.

तो आइए जानते हैं विस्तार से -

1.मेंस्ट्रुअल स्पॉटिंग -

जब आप गोली लेना शुरू करती है, तो 2 पीरियड्स साईकल के बीच आपको वजाइनल ब्लीडिंग हो सकती है और यह बेहद कॉमन प्रॉब्लम है. हालांकि बता दें गोली लेने के 3 महीने तक ऐसा होता है. बाद में धीरे धीरे यह समस्या ठीक हो जाती है. ये ब्लीडिंग इसलिए होती है क्योंकि आपका शरीर अलग अलग लेवल्स के हार्मोन्स के साथ तालमेल बिठाना सिख रहा होता है.

2.जी मिचलाना या उल्टी आना -

बहुत सी महिलाएं जब पहली बार गर्भनिरोधक गोलियां लेना शुरू करती हैं, तो उन्हें जी मिचलाने की दिक्कत होने लगती है. हालांकि कुछ समय बाद यह लक्षण भी ठीक हो जाता है. अगर आप गोली को खाली पेट लेने की बजाय खाने के साथ या सोने से पहले लीया जाए तो जी मिचलाने या उल्टी की समस्या नहीं होगी. अगर 3 महीने के बाद भी ये समस्याएं जारी रहे तो आप डॉक्टर से सम्पर्क करें.

3.सिरदर्द और माइग्रेन -

इस बात की आशंका ज्यादा होती है, कि गर्भनिरोधक गोलियों में मौजूद हार्मोन्स सिरदर्द और माइग्रेन को बढ़ा दें. दरअसल ये गर्भनिरोधक गोलियां अलग अलग टाइप और डोज की होती हैं. इसलिए अगर कम डोज वाली गोली ली जाए तो सिरदर्द कम होता है. इसके भी लक्षण समय के साथ कम होने लगते हैं. लेकिन अगर गोली लेते ही तेज दर्द होने लगे, तो डॉक्टर से सम्पर्क करें.

4.वजन बढ़ना -

क्लिनिकल स्टडीज में गर्भनिरोधक गोली का सेवन करने और वजन बढ़ने के बीच लिंक पाया गया है. बहुत सी स्टडीज में यह बात सामने आई है, कि अगर 6 से 12 महीने तक सिर्फ प्रोजेस्टिन वाली गर्भनिरोधक गोली का सेवन किया जाए, तो 2 किलो तक वजन बढ़ सकता है.

5.सेक्स इच्छा में कमी -

सबके साथ ऐसा हो ये जरूरी नही है, लेकिन गर्भनिरोधक गोली में मौजूद हार्मोन्स की वजह से बहुत सी महिलाओं में सेक्स ड्राइव या लिबिडो में कमी देखने को मिलती है. अगर ये लक्षण भी लंबे समय तक बना रहे और सेक्स की इच्छा में कमी आपको परेशान कर रही है, तो आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए.

आपको यह जानकारी कैसी लगी ? हमें कमेंट में जरूर बताइये और अगर अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को लाइक तथा शेयर जरूर करें. साथ ही चैनल को फॉलो जरूर कर लें. इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद.

इसे भी पढ़ें-कंपवात रोग क्या है? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

वृक्क पथरी क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

प्रतिश्याय ( सर्दी ) क्यों हो जाती है ? जानें कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

चेचक क्या है ? जाने कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

आमाशय व्रण ( पेप्टिक अल्सर ) क्या है ? जाने कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

उन्डूकपुच्छशोथ ( Appendicitis ) क्या है? जानें कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

हैजा रोग क्या है ? जानें कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

सर्दियों में सिंघाड़ा खाने के फायदे

अफारा (Flatulence ) रोग क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

जठर अत्यम्लता ( Hyperacidity ) क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

हिचकी क्या है? जाने कारण, लक्षण एवं घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय

विटामिन डी क्या है ? यह हमारे शरीर के लिए क्यों जरूरी है ? जाने प्राप्त करने के बेहतर स्रोत

सेहत के लिए वरदान है नींबू, जाने फायदे

बच्चों को मिर्गी होने के कारण, लक्षण, उपचार एवं बचाव के तरीके

हींग क्या है ? जाने इसके फायदे और इस्तेमाल करने के तरीके

गठिया रोग संधिशोथ क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

पुरुषों को नियमित करना चाहिए इन चीजों का सेवन, कभी नही होगी कमजोरी की समस्या

सोना, चांदी आदि धातु से बने गहने पहनने के क्या स्वास्थ्य लाभ होते हैं? जरुर जानिए

दूध- दही नहीं खाते हैं तो शरीर में कैल्शियम की पूर्ति के लिए करें इन चीजों का सेवन

मर्दाना शक्ति बिल्कुल खत्म हो चुकी है उनके लिए अमृत समान गुणकारी है यह चूर्ण, जानें बनाने और सेवन करने की विधि

स्पर्म काउंट बढ़ाने में इस दाल का पानी है काफी फायदेमंद, जानें अन्य घरेलू उपाय

एक नहीं कई बीमारियों का रामबाण दवा है आंवला, जानें इस्तेमाल करने की विधि

रात को सोने से पहले पी लें खजूर वाला दूध, फायदे जानकर हैरान रह जाएंगे

महिला व पुरुषों में प्रजनन क्षमता बढ़ाने के कारगर घरेलू उपाय

दिल और दिमाग के लिए काफी फायदेमंद है मसूर दाल, मोटापा को भी करता है नियंत्रित

कई जटिल बीमारियों का रामबाण इलाज है फिटकरी, जानें इस्तेमाल करने के तरीके

बरसात के मौसम में होने वाली 8 प्रमुख बीमारियां, जानें लक्षण और बचाव के उपाय

स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए पुरुषों को इन फलों का सेवन करना चाहिए

पुरुषों में शारीरिक कमजोरी मिटाकर नया जोश प्राप्त कराने के आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

श्वेत प्रदर ( ल्यूकोरिया ) होने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

ये राज पता हो तो हर कोई पा सकता है सुंदर, गोरा और निखरी त्वचा

सिर दर्द होने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपचार

बच्चों को सुखंडी ( सुखा ) रोग होने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

वृक्क ( किडनी ) में पथरी होने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपचार

राजयक्ष्मा ( टीबी ) होने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

आयुर्वेद के अनुसार संभोग करने के नियम, जानें सेक्स से आई कमजोरी दूर करने के उपाय

अशोकारिष्ट बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

कुमारी आसव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

सारस्वतारिष्ट बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

महासुदर्शन चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

लवंगादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

त्रिफला चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

जलोदर होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपचार

अल्जाइमर रोग होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपचार

रक्त कैंसर होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपचार

बवासीर होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपचार

छाती में जलन होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपचार

अग्निमांद्य रोग होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

रैबीज ( जलसंत्रास ) होने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

खांसी होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपचार

 

 

Post a Comment

0 Comments