पेट से आती है गुड़गुड़ की आवाज ? तो हो सकती हैं ये 6 बीमारियां, तुरंत शुरू कर दें इन चीजों का सेवन

कल्याण आयुर्वेद - पेट के अंदर से गुड़ गुड़ की आवाज आती रहती है. मेडिकल भाषा में इसे स्टमक ग्रॉलिंग नाम से जाना जाता है. अक्सर इस तरह की आवाज को भोजन पचने से जोड़कर देखा जाता है. आमतौर पर पाचन के दौरान इस तरह की आवाज पेट और आंतों के भीतर से आती है. चुकी आंतें खाली होती है इसलिए जब खाना पानी वहां से गुजरता है तो ऐसी आवाज आती है. इसे अक्सर सामान्य माना जाता है. हालांकि बार-बार सामान्य रूप से पेट से तेज आवाज आना पाचन तंत्र के भीतर किसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकती है. जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

पेट से आती है गुड़गुड़ की आवाज ? तो हो सकती हैं ये 6 बीमारियां, तुरंत शुरू कर दें इन चीजों का सेवन

जब भोजन छोटी आंत में पहुंचता है, तो शरीर खाद्य पदार्थों को तोड़ने और पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए एंजाइम जारी करता है. इस पाचन की क्रिया के दौरान ऐसी आवाज आ सकती है. भूख लगना इसका दूसरा बड़ा कारण हो सकता है. कई बार देर तक कुछ ना खाने से शरीर नियमित रूप से पाचन की प्रक्रिया शुरू कर देता है. ऐसा माना जाता है कि एक बार में इस तरह की आवाज करीब 20 मिनट तक आ सकती है और खाना खाने तक हर घंटे फिर से शुरू हो सकती है.

जब आप दुखी होते हैं तो मस्तिष्क में हार्मोन जैसे पदार्थ खाने की इच्छा को सक्रिय करते हैं, जो तब आता और पेट को संकेत भेजता है. नतीजा आपके पाचन तंत्र में मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और आवाज का कारण बनती हैं

भूख लगना और पाचन होना इसके दो सामान्य कारण है. हालांकि इस तरह की आवाज के पीछे कुछ वजह से भी हो सकती हैं. आपको बता दें इसके पीछे क्रोहन रोग, फूड एलर्जी, बेस्ट गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग, संक्रामक आंत्रशोथ और बड़ी आंत में सूजन जैसे गंभीर बीमारियों के कारण भी ऐसी आवाज आ सकती है. जिसके लिए तुरंत जांच कराना चाहिए अगर आपको आवाज के साथ पेट में कुछ और गड़बड़ी भी महसूस हो रही है, तो बेहतर है कि आप डॉक्टर से संपर्क करें. अब चलिए जानते हैं पेट की आवाज को रोकने के लिए क्या उपाय किया जा सकता है.

1.पानी पिए -

एक गिलास पानी पीना पेट की आवाज को रोकने का एक प्रभावी उपाय हो सकता है. खासकर अगर समय पर कुछ खाना संभावना न हो. पानी पेट भरने के साथ-साथ पाचन क्रिया में भी मदद करता है. यह दोनों क्रियाएं पेट को बढ़ने से रोकने या उसकी आवाज को कम करने में मदद करते हैं. बेहतर रिजल्ट के लिए पूरे दिन में धीरे-धीरे पानी पीना चाहिए.

2.उसी समय कुछ खाएं -

पेट से आवाज आना इस बात का संकेत हो सकता है, कि पेट को कुछ चाहिए. एक छोटा भोजन या नाश्ता खाने से अस्थाई रूप से यह आवाज बंद हो सकती है. पेट भरा रहने से पेट बढ़ने की मात्रा कम हो जाती है. आप दिन में तीन बार बड़े भोजन के बजाय दिन में चार से छह बार छोटे भोजन ले सकते हैं.

3.हर्बल टी -

पुदीना, अदरक, सिंहपरनी जड़ और सौंफ से बना हर्बल टी आपके पाचन में मदद करती है और आपकी आंखों की मांसपेशियों को आराम देती है. कैमोमाइल पेट की ऐंठन को कम करने के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है. अदरक सूजन को कम करता है और पुदीना गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल तनाव के लक्षणों को दूर करने में सक्षम है.

4.लहसुन -

लहसुन में एलर्जी नामक तत्व पाया जाता है. ऐसा माना जाता है कि यह रसायन पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करता है. एलीफीन पेट की सूजन को भी कम करता है. आपकी पाचन में मदद करने के लिए सुबह सबसे पहले लहसुन का एक कच्चा टुकड़ा खाए.

5.पाचन को दुरुस्त रखने वाली चीजें -

पाचन को बढ़ावा देने और पेट को दुरुस्त रखने के लिए आप अपने खाने में दही, कविनोवा, चिया सीड्स, मिर्च, अदरक, मछली आदि को शामिल करें. इसके अलावा हाइड्रेटेड रहना ना भूलें. क्योंकि स्वास्थ्य पाचन के लिए पानी पीना बहुत ही आवश्यक है.

6.कॉफी की जगह ग्रीन टी पीए -

कॉफी एक अम्लीय भोजन है, जिसकी अधिक सेवन से पेट खराब हो सकता है. इसके बजाय आप एक कप ग्रीन टी पी सकते हैं. यह बहुत ही अच्छा विकल्प है. यह सूजन और पेट की गैस को दूर करता है. यह पेट के अल्सर में भी सहायक होता है. ग्रीन टी में हेल्दी बायो एक्टिव योगीक और एंटी ऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं.

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