यह छोटी सी गलती दिमाग का कर सकती है सत्यानाश, जिंदगी भर करना पड़ेगा अफसोस

कल्याण आयुर्वेद - दिमागी सेहत के लिए मस्तिष्क का खास ख्याल रखना तो जरूरी होता है. साथ ही कई ऐसी आदतें हैं, जिन्हें बदलना और अपने लाइफस्टाइल पर ध्यान देना भी जरूरी होता है. आप सभी ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो तो जरूर देखी होगी. जिसमें एक औरत पपीते उठाकर लगातार फेंके जा रही थी. यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसे देखकर सभी इस बारे में बात कर रहे हैं. वायरल वीडियो में ठेलेवाला औरत से मिन्नतें करता दिख रहा है. लेकिन औरत अपनी गाड़ी में पपीते से भरा थैला लगने से इतना गुस्सा थी, कि आंखों के सामने सिर्फ बदला दिख रहा था. शायद बाद में औरत को ऐसा करने का अफसोस भी, हो लेकिन सवाल यह है, कि लोगों के दिमाग पर गुस्सा आखिर क्यों इतना हावी हो जाता है. इस क्रोध का कारण क्या होता है और आयुर्वेद इसके बारे में क्या कहता है. इस आर्टिकल में हम आपको यह बताएंगे.

यह छोटी सी गलती दिमाग का कर सकती है सत्यानाश, जिंदगी भर करना पड़ेगा अफसोस

धूप में ज्यादा आता है गुस्सा -

आयुर्वेद एक्सपर्ट और कई किताबों के लेखक बताते हैं, कि जिन लोगों का पितदोष असंतुलित हो जाता है, उन्हें छोटी-छोटी बातों पर क्रोध आने लगता है. इसका मतलब आग होता है. इसलिए धूप में गुस्सा आने का खतरा ज्यादा होता है. क्रोध की स्थिति में किसी भी काम को करने में देर कर देनी चाहिए. क्योंकि क्रोध के दौरान आपकी बुद्धि निम्न स्तर पर होती है. ऐसे में कोई भी फैसला लेने या बदला लेने से बाद में आपको अफसोस होना लाजमी है. समय बीतने के साथ गुस्सा शांत होने लगता है और आप समझदारी से कोई फैसला ले पाते हैं.

गुस्सा शांत करने के लिए क्या करें -

1.डॉक्टर के अनुसार क्रोध के वक्त इसे शांत करने के लिए व्यक्ति को गहरी साँसे लेनी चाहिए. यदि आपको तेज गुस्सा आ रहा है तो उसे शांत करना काफी मुश्किल होता है. परंतु अगर आप थोड़ी देर के लिए गहरी सांसे लेते हैं तो इससे गुस्सा शांत हो सकता है.

2.गुस्से को शांत करने के लिए और इसे कम करने के लिए आपको अपनी डाइट पर खास ख्याल रखना भी जरूरी है. क्योंकि शरीर में कई पोषक तत्वों की कमी की वजह से भी ऐसा होता है. इसके लिए आपको रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और दूध को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए.

3.पित्त दोष को संतुलित और शांत करने के लिए फूड जैसे केले का रोजाना सेवन करें. यह आपके लिए फायदेमंद रहेगा इससे पित्त दोष को संतुलित करने में मदद मिलेगी.

4.यदि आपको भी गुस्सा आने की समस्या है तो आपको अपनी डाइट में खट्टे फलों और खट्टे आहार से बचना चाहिए. यह आपकी इस समस्या को और बढ़ा सकते हैं. इसलिए खट्टे फलों को खाने से बचें. इसके अलावा जब आपको गुस्सा आ रहा हो तो उस वक्त आपको खट्टे फल बिल्कुल भी नहीं खाने चाहिए.

5.यदि आप धूप में या गर्म वातावरण में ज्यादा रहते हैं, तो आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए या गर्म वातावरण में गुस्सा अधिक आता है. ऐसे में आप छाया या शीतल वातावरण में चले जाएं. इससे आपका गुस्सा धीरे-धीरे शांत होने लगेगा.

गुस्सा करने का फायदा भी हो सकता है -

मेडिकल साइंस भी गुस्से को सेहत के लिए हानिकारक मानता है, जिसके कारण हाई ब्लड प्रेशर, तेज धड़कन, सिर दर्द, पसीना, स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का अधिक उत्पादन, एंग्जायटी आदि समस्याएं हो सकती हैं. इतना ही नहीं ज्यादा गुस्से के कारण स्ट्रोक ओर हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है.

एक शोध के अनुसार गुस्सा विरोध करने का एक तीव्र अभाव है, जो कि कभी-कभी फायदेमंद भी साबित हो सकता है. अगर सीमित मात्रा और तरीके से जाहिर किया जाए, तो इससे आपके दिमाग को नेगेटिव फीलिंग तुरंत निकल जाती हैं.

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