सर्दी-खांसी और फ्लू को दूर करने में वरदान है तुलसी का काढ़ा, इम्यूनिटी होती है मजबूत, इस तरह करें तैयार

कल्याण आयुर्वेद - कोरोनावायरस संक्रमण से बचने के लिए व्यक्ति के शरीर की इम्युनिटी पावर का मजबूत होना बहुत ही जरूरी है. प्राचीन काल से तुलसी का इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों को दूर करने में किया जा रहा है. तुलसी का केवल धार्मिक महत्व ही नहीं है, बल्कि इसमें औषधीय गुण भी भरपूर होते हैं. इसलिए इसका इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है. तुलसी में एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटीमाइक्रोबियल्स गुण पाए जाते हैं. इसका सेवन करने से बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है. तुलसी काढ़ा न केवल सर्दी जुकाम को दूर करता है, बल्कि व्यक्ति के शरीर की इम्युनिटी को भी मजबूत करता है.

सर्दी-खांसी और फ्लू को दूर करने में वरदान है तुलसी का काढ़ा, इम्यूनिटी होती है मजबूत, इस तरह करें तैयार

आइए जानते हैं तुलसी का काढ़ा बनाने के लिए सामग्री -

तुलसी का काढ़ा बनाने के लिए आपको 10 से 12 तुलसी की पत्तियां, आधी लेमनग्रास, चाय की पत्ती, 1 इंच अदरक का टुकड़ा, चार कप पानी, तीन चम्मच गुड़ या 3 छोटी डली.

बनाने की विधि - इसे बनाने के लिए सबसे पहले तुलसी की पत्तियों और लेमन ग्रास को अच्छी तरह से धो लें. एक पैन में पानी डालकर मध्यम आंच पर उबलने के लिए रख दें. जब हल्का गर्म हो जाए, तो इसमें तुलसी की पत्तियां लेमनग्रास और अदरक डालकर 4 से 5 मिनट के लिए उबालें. इसके बाद इसमें गुड़ डालकर आंच बंद कर दें. काढ़े को चम्मच से चलाते रहना है ताकि गुड घुल जाए, 1 से 2 मिनट के बाद कप में छानकर चाय की तरह थोड़ा-थोड़ा पिए. आप चाहे तो तुलसी के काढ़े में दो से तीन काली मिर्च भी मिला सकते हैं. अगर इसमें फ्लेवर चाहिए तो इसमें एक इलायची भी कूटकर डाल दें. लेमनग्रास ना मिले तो कोई बात नहीं बिना इसके भी तुलसी का काढ़ा बना सकते हैं.

इसके फायदे -

1.बदलते मौसम की वजह से सर्दी में होने वाले जुकाम और गले में खराश की समस्या से छुटकारा दिलाने में तुलसी का काढ़ा सबसे मददगार साबित होता है.

2.तुलसी के पत्ते के काढ़े में चुटकी भर सेंधा नमक मिलाकर पीने से फ्लू रोग जल्दी ठीक हो जाते हैं. वहीं कोरोना काल के दौरान बुखार से ग्रस्त रोगी तुलसी और सेंधा नमक लेने की सलाह देते हैं.

3.पथरी निकालने में सबसे बेहतर होता है तुलसी का काढ़ा. यदि इस काढ़े में रोजाना एक चम्मच शहद मिलाकर नियमित रूप से 6 महीने तक इसका सेवन किया जाए, तो पथरी को पेशाब के जरिए बाहर निकाला जा सकता है.

4.देश के आदिवासी बहुल इलाकों में पानी को शुद्ध करने के लिए तुलसी के पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है. बर्तन में पानी भरकर इसे तुलसी की पत्तियां डालकर एक-दो घंटे रख दिया जाता है, इसके बाद इसे छान कर दिया जाता है. यह पानी एकदम शुद्ध हो जाता है.

5.बरसात और सर्दी के मौसम में त्वचा से संबंधित रोग होने का खतरा अधिक रहता है. ऐसे में तुलसी की पत्तियों को त्वचा पर रगड़ने से संक्रमण खत्म हो जाता है, तुलसी में पाया जाने वाला तत्व त्वचा रोगों में काफी फायदेमंद होता है. इसके अलावा तुलसी का काढ़ा का सेवन करते हैं तो आपको त्वचा से संबंधित समस्या नहीं होती है.

6.जिन लोगों को दिल की बीमारी है उन्हें तुलसी का सेवन जरूर करना चाहिए. यह उनकी कोलेस्ट्रोल को कंट्रोल करती है. हार्ट के मरीजों को रोजाना तुलसी के रस का सेवन करना चाहिए. दूसरी ओर हल्दी के पानी का सेवन करना शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को नियंत्रित रखती है.

7.चेहरे की चमक की रंगत को बनाए रखने में तुलसी बहुत ही बढ़िया काम करती है. इससे बेहतर कोइ भी क्रीम नहीं हो सकती .है तुलसी की पत्तियों का रस निकालकर बराबर मात्रा में इसमें नींबू का रस मिलाकर रात को चेहरे पर लगाकर सो जाएं. इससे झाइयां खत्म हो जाती है. साथ ही चेहरे पर होने वाली फुंसियां भी ठीक हो जाती है.

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