लगातार हो रही है खांसी ? तो भूलकर भी ना करें इग्नोर, जानलेवा हो सकता है कारण

कल्याण आयुर्वेद - फांसी एक ऐसी समस्या है जिसे लोग हल्के में लेते हैं ज्यादातर लोग तो डॉक्टर के पास जाने से भी संकोच करते हैं सर्दियों के मौसम में खांसी की समस्या होना काफी आप मानी जाती है लेकिन अगर आती खांसी कई हफ्तों तक ठीक नहीं होती है तो यह कई चीजों की तरफ इशारा कर दिया ऐसा मैं आपको डॉक्टर से संपर्क करना बहुत जरूरी हो जाता है खांसी के कई कारण हो सकते हैं जैसे एलर्जी इंक्शन स्मोकिंग आदि ऐसे में अगर आपको खांसी लंबे समय से ठीक होने का नाम नहीं ले रही है तो इसका कारण जानना भी बहुत जरूरी है.

लगातार हो रही है खांसी ? तो भूलकर भी ना करें इग्नोर, जानलेवा हो सकता है कारण

कितने प्रकार की होती है खांसी -

एक्यूट खांसी - यह लगभग 2 से 3 हफ्ते तक रहती है और उसके बाद अपने आप ठीक हो जाती है

सबएक्यूट - यह लगभग 3 से 8 हफ्तों तक रह सकती है

क्रॉनिक खांसी - यह खांसी लगभग आठ हफ्तों से ज्यादा रहती है और किसी बड़ी बीमारी की और संकेत देती है

लंबे समय तक खांसी होने के कारण -

1.धूम्रपान करना -

यदि आपको लंबे समय तक खांसी हो रही है, तो इसका मुख्य कारण धूम्रपान भी हो सकता है. धूम्रपान करने वाले लोगों में अक्सर खांसी की समस्या बनी रहती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तंबाकू में मौजूद केमिकल फेफड़ों में जलन पैदा करते हैं. खांसी के जरिए शरीर से बाहर निकालने की कोशिश में बलगम बनाता है. कई बार धूम्रपान करने वाले लोग अपनी खांसी पर ध्यान नहीं देते, जिससे आगे चलकर उनकी समस्या बहुत बढ़ जाती है.

2.इंफेक्शन -

इंफेक्शन की वजह से सर्दी जुकाम ठीक होने के बाद भी मरीज को बहुत दिनों तक खांसी की समस्या बनी रहती है. इस प्रकार की खांसी कई बार 2 महीने तक बनी रह सकती है. जिसमें स्वसन मार्गों में इन्फेक्शन होती है और आपको खांसी की समस्या होती है, जिसे ठीक होने में समय लगता है.

3.कोविड-19 -

लंबे समय तक होने वाली खांसी का एक कारण कोविड-19 भी है. खांसी कोविड-19 के अन्य लक्षणों में से एक माना जाता है. सामान्य फ्लू की तुलना में कोविड-19 के कारण खासी काफी लंबे समय तक बनी रह सकती है. सूखी खांसी इसके मुख्य लक्षणों में से एक है. इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करें.

4.अस्थमा -

श्वशन के दौरान जिस हवा में हम सांस लेते हैं, वह नाक, गले और फेफड़ों में जाती है. अस्थमा होने पर वायु मार्ग के आसपास की मांस पेशियां सिकुड़ने लगती है. इससे बलगम बनता है, जिससे वायु मार्ग अवरुद्ध हो जाता है और जो आगे फेफड़ों में ऑक्सीजन की आपूर्ति को रोकता है. इसके कारण अस्थमा के मरीज को काफी खांसी आती है. अस्थमा में सुखी और गीली दोनों प्रकार के खांसी आ सकती है. पर सूखी खांसी बहुत कॉमन है.

5.पोस्ट नेजल ड्रिप -

शरीर से बलगम बाहर आ जाता है. जब यही बलगम नाक से बाहर ना आकर वापस गले में पहुंचने लगता है, तो इस स्थिति को पोस्ट नेजल ड्रिप कहा जाता है. अगर बलगम सामान्य से अधिक मात्रा में बनने लगता है, तो इस स्थिति में यह समस्या पैदा हो जाती है. सर्दी जुकाम और एलर्जी होने पर यह समस्या काफी बढ़ जाती है. जिससे काफी खांसी की समस्या होती है और यह लंबे समय तक बनी रहती है. ठंडी और सुखी हवा में सांस लेने से गले में खराश की समस्या होने लगती है.

6.जर्ड -

गैस्ट्रोएसोफागीयल रिफ्लक्स डिजीज ऑफ़ डाइजेस्टिव डिसऑर्डर्स है. जिसमें पेट में उत्पन्न एसिड या पेट में मौजूद खाना भोजन नली में वापस आ जाता है. इस कारण भोजन नली की अंदरूनी सतह में जलन होने लगती है. जिससे आपको खांसी की समस्या होने लगती है. यह एक ट्यूब जैसी संरचना है जो आपके पेट और मुंह को जोड़ती है.

7.फेफड़ों का कैंसर -

लंबे समय तक होने वाली खांसी का कारण फेफड़ों का कैंसर भी हो सकता है. फेफड़ों का कैंसर होने पर खांसते समय खून भी आता है. लेकिन अगर आप धूम्रपान नहीं करते हैं. अगर आपकी फैमिली में किसी को भी लंग कैंसर नहीं है, तो आपकी खांसी का कुछ और कारण भी हो सकता है. वैसे तो धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा कारण है. लेकिन तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण की वजह से भी इसके मामले बढ़ते जा रहे हैं.

डॉक्टर को कब दिखाएं -

आमतौर पर होने वाली खांसी कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है. लेकिन अगर आपको तीन से चार हफ्तों तक खांसी की समस्या की वजह से सांस लेने में तकलीफ बुखार और खांसी में खून आना ऐसी समस्याएं हैं, तो बिना किसी देरी के तुरंत आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए.

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