नवजात शिशुओं में दिख रहे हैं ऐसे लक्षण, तो तुरंत जाएं डॉक्टर के पास, नहीं तो पड़ेगा पछताना

कल्याण आयुर्वेद - जब घर में बच्चे का जन्म होता है, तो उसके शुरुआती दिनों की देखभाल बहुत ही मुश्किल भरी होती है. थोड़ी सी लापरवाही नवजात शिशु के लिए घातक बन सकती है. ऐसे में पेरेंट्स के लिए यह जानना जरूरी है कि नवजात शिशुओं का केयर किस तरह करना चाहिए और किन परिस्थितियों में उसे डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत होती है. आपको बता दें कि नवजात शिशुओं की सेहत से जुड़ी कोई भी समस्या होने पर पहले कुछ लक्षण नजर आते हैं. जिन्हें अगर आप समय रहते पहचान लें और डॉक्टर के पास ले जाए, तो बड़ी परेशानियों को दूर रख सकते हैं. इन लक्षणों को पहचानकर आप सही समय में मेडिकल सुविधाएं ले सकते हैं और किसी भी तरह की अनहोनी को रोक सकते हैं.

नवजात शिशुओं में दिख रहे हैं ऐसे लक्षण, तो तुरंत जाएं डॉक्टर के पास, नहीं तो पड़ेगा पछताना

तो आइए जानते हैं विस्तार से -

1.तेज बुखार आना - 

यदि आपका बच्चा 6 महीने से छोटा है और उसे तेज बुखार आया है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इस उम्र में अगर तापमान 102 डिग्री या उससे ज्यादा हो जाए, तो यह खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे में यह ध्यान रखें, कि शिशु को सांस लेने में बहुत जोर तो नहीं लगाना पड़ रहा.

2.आंखें ऊपर चढ़ जाना -

अगर शिशु की आंखें अचानक ऊपर चढ़ जाए, तो दौरा पड़ने के लक्षण हो सकते हैं. ऐसे में शिशु का शरीर स्थिर हो जाता है और पैर अकड़ सकते हैं. ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

3.आंख लाल होना -

अगर आप के नवजात शिशु की आंखें लाल है, तो हो सकता है कि उसे कंजंक्टिवाइटिस हो गया हो. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और बताई गई दवा का इस्तेमाल करें. इसके अलावा हाइजीन का भी खास ख्याल रखने की जरूरत है.

4.जरूरत से ज्यादा रोना -

अगर आपका बच्चा बहुत ज्यादा रो रहा है, तो पहले चेक करें कि उसे भूख तो नहीं लगी या डाइपर बदलने की जरूरत तो नहीं है. अगर ये दोनों कारण नहीं है उसके कपड़े उतार कर पूरी तरह चेक करें कि कोई कीड़ा तो नहीं काट रहा. अगर बच्चा घण्टों से बिना कारण रो रहा है, तो इसे डॉक्टर के पास ले जाना ही सही उपाय है.

5.सांस फूलना -

सांस फूलना एक गम्भीर समस्या है, यह आपको घुटन का एहसास करवाता है. यदि आपके बच्चे को सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है और उसकी सांस फूल रही है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए. इसे इग्नोर या छोटी मोटी समस्या समझकर भूलने की गलती ना करें. आप तुरंत बच्चे को डॉक्टर के पास लेकर जाएं.

आपको यह जानकारी कैसी लगी ? हमें कमेंट में जरूर बताइये और अगर अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को लाइक तथा शेयर जरूर करें. साथ ही चैनल को फॉलो जरूर कर लें. इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद.

ayurvedgyansagar.com पर पढ़ें-

हिस्टीरिया रोग क्या है ? जाने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

जानें- बेहोशी होने के कारण, लक्षण और आपातकालीन उपचार

कमर दर्द ( कटि वेदना ) होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपचार

श्वसनीविस्फार ( ब्रोंकाइटिस ) होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपचार

कंपवात रोग क्या है? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

बदलते मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार जैसी समस्या से छुटकारा पाने के घरेलू नुस्खे

वृक्क पथरी क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

प्रतिश्याय ( सर्दी ) क्यों हो जाती है ? जानें कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

बुढ़ापे में भी मर्दाना कमजोरी दूर करने के 9 घरेलू उपाय

चेचक क्या है ? जाने कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

आमाशय व्रण ( पेप्टिक अल्सर ) क्या है ? जाने कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

उन्डूकपुच्छशोथ ( Appendicitis ) क्या है? जानें कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

हैजा रोग क्या है ? जानें कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

सर्दियों में सिंघाड़ा खाने के फायदे

अफारा (Flatulence ) रोग क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

जठर अत्यम्लता ( Hyperacidity ) क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

हिचकी क्या है? जाने कारण, लक्षण एवं घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय

विटामिन डी क्या है ? यह हमारे शरीर के लिए क्यों जरूरी है ? जाने प्राप्त करने के बेहतर स्रोत

सेहत के लिए वरदान है नींबू, जाने फायदे

बच्चों को मिर्गी होने के कारण, लक्षण, उपचार एवं बचाव के तरीके

हींग क्या है ? जाने इसके फायदे और इस्तेमाल करने के तरीके

गठिया रोग संधिशोथ क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

पुरुषों को नियमित करना चाहिए इन चीजों का सेवन, कभी नही होगी कमजोरी की समस्या

सोना, चांदी आदि धातु से बने गहने पहनने के क्या स्वास्थ्य लाभ होते हैं? जरुर जानिए

दूध- दही नहीं खाते हैं तो शरीर में कैल्शियम की पूर्ति के लिए करें इन चीजों का सेवन

मर्दाना शक्ति बिल्कुल खत्म हो चुकी है उनके लिए अमृत समान गुणकारी है यह चूर्ण, जानें बनाने और सेवन करने की विधि

स्पर्म काउंट बढ़ाने में इस दाल का पानी है काफी फायदेमंद, जानें अन्य घरेलू उपाय

एक नहीं कई बीमारियों का रामबाण दवा है आंवला, जानें इस्तेमाल करने की विधि

रात को सोने से पहले पी लें खजूर वाला दूध, फायदे जानकर हैरान रह जाएंगे

महिला व पुरुषों में प्रजनन क्षमता बढ़ाने के कारगर घरेलू उपाय

दिल और दिमाग के लिए काफी फायदेमंद है मसूर दाल, मोटापा को भी करता है नियंत्रित

कई जटिल बीमारियों का रामबाण इलाज है फिटकरी, जानें इस्तेमाल करने के तरीके

पेट में कृमि ( कीड़ा ) होने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

पित्ताशय में पथरी होने के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

 

जानें- स्वास्थ्य रक्षा की सरल विधियां क्या है ?

सारस्वतारिष्ट बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

बाजीकरण चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

अश्वगंधादि चूर्ण बनाने की विधि उपयोग एवं फायदे

शतावर्यादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

स्वादिष्ट विरेचन चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

शतपत्रादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

लवण भास्कर चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

अमृतारिष्ट बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

गंधक रसायन चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

महामंजिष्ठादि क्वाथ बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

योगराज और महायोगराज गुग्गुल बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

आयुर्वेद के अनुसार किस ऋतु में कौन सा पदार्थ खाना स्वास्थ्य के लिए हितकर होता है, जानें विस्तार से

ब्रेन ट्यूमर होने के कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपचार

श्रीखंड चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

ब्राह्मी चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

बिल्वादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

तालीसादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

सितोपलादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

दाड़िमपुष्प चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग और फायदे

मुंहासे दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

सफेद बालों को काला करने के आयुर्वेदिक उपाय

गंजे सिर पर बाल उगाने के आयुर्वेदिक उपाय

कर्पूरासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

वासासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

मृगमदासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

द्राक्षासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

अर्जुनारिष्ट बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

खदिरारिष्ट बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

चंदनासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

महारास्नादि क्वाथ बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

रक्तगिल चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

नारसिंह चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

कामदेव चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

शकाकलादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

विदारीकंदादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

प्रद्रांतक चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

माजूफलादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

मुसल्यादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

सारिवादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

कंकोलादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

प्रवालादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

जातिफलादि चूर्ण बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

अद्रकासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

लोहासव बनाने की विधि, उपयोग एवं फायदे

औषधि प्रयोग के लिए पेड़- पौधों से कब लेना चाहिए फल, फूल, छाल, पत्ते व जड़ी- बूटियां ?

दिल की धड़कन रोग क्या है ? जाने कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

अपतानिका ( Tetany ) रोग क्या है? जानें कारण, लक्षण और घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपाय

शरीर की कमजोरी, थकान, खून की कमी दूर कर मर्दाना ताकत को बेहतर बढ़ाती है ये 12 चीजें

मर्दाना कमजोरी दूर करने के लिए बेहतर उपाय है किशमिश और शहद का ये नुस्खा, जानें इस्तेमाल करने के तरीके

जाड़े में कमर और जोड़ों के दर्द के लिए रामबाण है मेथी का लड्डू, जाने बनाने की विधि

Post a Comment

0 Comments