एक्सरसाइज से फायदे की जगह हो सकते हैं नुकसान, इन बातों का रखें ख्याल

कल्याण आयुर्वेद - कोरोनावायरस के कारण घर बैठे रहने और फिजिकल एक्टिविटी पर विराम लगने से कई लोगों का रूटीन गड़बड़ा गया. वहीं कुछ लोगों ने इस कठिन दौर में ये समझ भी लिया कि आने वाली चुनौतियों से लड़ने में अच्छी सेहत सबसे बड़ी नियामत है. यही कारण था कि लॉकडाउन खुलते ही बड़ी संख्या में लोगों ने जिम और एरोबिक्स जैसी जगहों को ज्वाइन कर लिया. यह एक अच्छा संकेत भी रहा कि लोग सेहत को लेकर जागरूक हुए. लेकिन बिना विचारे, बिना सही मार्गदर्शन के लिए एक्सरसाइज करना मुश्किल भी खड़ी कर सकता है. यह केवल कोरोना के बाद की स्थिति ही नहीं है. अधिकांश लोग एक्सरसाइज शुरू करने या फिटनेस एक्टिविटी की शुरुआत करते समय विशेषज्ञ से राय लेने के बारे में नहीं सोचते हैं. ज्यादातर मामलों में किसी की देखा देखी या कहीं से सुनकर पढ़कर लोग कोई भी एक्टिविटी अचानक से शुरू कर देते हैं. बिना सोचे समझे कि इसका उनके शरीर पर क्या असर होगा. खासकर अगर पहली बार या बड़े लंबे गैप के बाद एक्सरसाइज शुरू कर रहे हो, तो हर एक शरीर अलग तरह से प्रक्रिया देता है. इसलिए जरूरी है कि एक्सरसाइज फिटनेस शुरू करने से पहले मार्गदर्शन लिया जाए.

एक्सरसाइज से फायदे की जगह हो सकते हैं नुकसान, इन बातों का रखें ख्याल

जानिए कैसे एक्सरसाइज भी बन सकती है आपके लिए मुश्किल -

1.योग -

योगा एक्सरसाइज की प्राचीन भारतीय पद्धति है, जो न केवल शरीर बल्कि दिमाग की तंदुरुस्ती के लिए भी बहुत ही अच्छा विकल्प होता है. लेकिन इसका असर उल्टा नुकसानदायक भी हो सकता है. अगर आपने इसे गलत तरीके से अपनाया तो योग पद्धति में शरीर के हर हिस्से के लिए कोई व्यायाम या क्रिया होती है, इसी तरह हर समस्या के लिहाज से क्रियाओं के परहेज भी होते हैं. उदाहरण के लिए शीर्षासन हर व्यक्ति को करने की सलाह नहीं दी जाती. इसी प्रकार पेट के रोगों से ग्रसित या किसी सर्जरी से गुजर रहे लोगों को भी बहुत दबाव डालने वाली योग क्रिया करने से मना किया जाता है. यहां तक कि ओम का जाप भी कुछ परिस्थितियों में वर्जित होता है. इसलिए यदि आप योग को चुन रहे हैं तो पहले सही प्रशिक्षक को चुनें.

2.ट्रेडमिल पर चलना -

ट्रेडमिल या जिम वाली साइकिल साइकिल आजकल लोग आसानी से खरीदकर घर ले आते हैं. अधिकांश मामलों में कुछ दिनों बाद यह मशीनें घर के एक कोने में उपेक्षित पड़ी नजर आती है. इन दोनों ही मशीनों पर अचानक या जरूरत से ज्यादा समय बिताना हानिकारक साबित हो सकता है. आपने कई बार सुना होगा कि ट्रेडमिल पर चलते चलते किसी को हार्ट अटैक आ गया है. ऐसा होने की आशंका ज्यादा होती है, जब वजन ज्यादा हो, या बहुत दिनों के बाद एक्सरसाइज भी की जा रही हो, व्यक्ति हाई बीपी या शुगर का पेशेंट हो और यह दोनों ही कंट्रोल में ना हो या कोई पहली बार यह एक्सरसाइज कर रहा हो. यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि ट्रेडमिल और जिमिंग वाली साइकिल दोनों ही अधिकांश जगह पर होती है. ऐसे में उनका उपयोग करने पर पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है और यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बन सकता है.

3.दौड़ लगाना या जोगिंग करना -

जोगिंग एक बहुत ही अच्छा व्यायाम है, जिसका फायदा पूरे शरीर को मिलता है. लेकिन एक दिन अचानक उठकर दौड़ने लगना हर उम्र और शारीरिक स्थिति के लिए फायदेमंद नहीं होता है. अगर आप 40 साल के बाद बढ़े हुए वजन के साथ अचानक दौड़ना या जोगिंग करना शुरू कर देते हैं, तो यह आपकी हड्डियों के साथ-साथ आपकी दिल की सेहत के लिए भी मुश्किल खड़ी कर सकता है. नियमित व्यायाम करने वाले खिलाड़ी या आर्मी जवान रोजाना कई किलोमीटर दौड़ते हैं और इससे उन्हें फायदा भी मिलता है लेकिन यह उनका रूटीन होता है और इसके लिए वे वार्मअप, स्ट्रैचिंग, सही रूटीन और तरीके से दौड़ने का मार्गदर्शन भी लेते हैं. यह एक तथ्य है कि दौड़ते या जोगिंग करते वक्त शरीर का पूरा वजन एक साथ पैरों पर पड़ता है. वही दिल पर एक्स्ट्रा लोड हो जाता है. आपकी अब तक कड़क हो चुकी मसल्स को इससे नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है. इसलिए अगर दौड़ना शुरू कर रहे हैं, तो पहले कुछ दिन पहले जूते पहनकर लगातार तेज चलकर अभ्यास करें. इसके बाद 5 मिनट दौड़ने से शुरुआत करें. फिर धीरे धीरे इस समय को बढ़ाएं.

4.अन्य शारीरिक व्यायाम -

इसी तरह जुंबा, एरोबिक्स, रस्सी कूदना, किसी प्रकार का मार्शल आर्ट आदि जैसी एक्टिविटीज को भी एकदम से शुरू करने से बचना चाहिए. यह आपकी हड्डियों, मसल आदि को नुकसान पहुंचाने से लेकर आपकी रीड को खतरे में डाल सकती है और ह्रदय, लीवर आदि जैसे अंगों के लिए मुश्किल भी खड़ी कर सकती है. अगर आपको वरवट हैं पहले से किसी समस्या से ग्रसित है, तो सबसे अच्छा तरीका है डॉक्टर की सलाह से एक्सरसाइज चुनना. आप ब्रिस्क वॉक यानी तेज चलने का विकल्प चुन सकते हैं. यह हर व्यक्ति और हर उम्र के लिए कारगर होता है.

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