गर्भनिरोधक गोलियों का करते हैं अधिक सेवन ? तो जान लें इसके 6 खतरनाक साइड इफेक्ट

कल्याण आयुर्वेद - अनचाही प्रेगनेंसी से बचने के लिए ज्यादातर महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती है. मार्केट में तरह-तरह की ऐसी गोलियां पाई जाती है जिसका सेवन बिना डॉक्टर की सलाह करना बहुत ही नुकसानदायक साबित हो सकता है. कुछ गोलियों में 72 घंटों के अंदर लेने होते हैं, जो गर्भ धारण करने की संभावनाओं को काफी हद तक कम कर देते हैं. हालांकि इनके जब मर्जी सेवन करने से कई तरह के साइड इफेक्ट होते हैं. आपका पीरियड्स अनियमित हो सकता है. मूड स्विंग की समस्या हो सकती है. इसके अलावा भी ढेरों नुकसान होते हैं, जिसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

गर्भनिरोधक गोलियों का करते हैं अधिक सेवन ? तो जान लें इसके 6 खतरनाक साइड इफेक्ट

गर्भनिरोधक गोलियों के नुकसान -

1.ब्लड क्लोट का खतरा बढ़ाता है -

एक रिपोर्ट के अनुसार बर्थ कंट्रोल या कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के सेवन से महिलाओं में ब्लड क्लोट होने का रिस्क 3 गुना तक बढ़ जाता है. यदि आपको कार्डियोवैस्कुलर डिजीज होने के जोखिम कारक जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, स्मोकिंग की आदत नहीं है तो ब्लड क्लोट का रिश्ते काफी हद तक कम रहता है. यदि आपको ब्लड क्लोटिंग की कोई भी लक्षण नजर आते हैं. जैसे सीने में दर्द, पैरों में सूजन तो आपको इन दवाओं का सेवन करना तुरंत बंद कर देना चाहिए और किसी विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए.

2.ब्रेस्ट में दूध का निर्माण हो सकता है कम -

यदि आपका पहला बच्चा है और उसे ब्रेस्ट फीड कराती है और दूसरा बच्चा जल्दी ना करने के लिए बहुत ज्यादा गर्भनिरोधक गोलियों पर निर्भर रहती हैं तो यह बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है. जी हां इससे ब्रेस्ट मिल्क निर्माण कम हो जाता है. इन दवाओं में एस्ट्रोजन पाया जाता है, जो दूध बनने की प्रक्रिया को 5% तक कम कर देता है. इससे गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करने की बजाय आप कुछ नेचुरल चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

3.पीरियड के लक्षणों में आ सकता है बदलाव -

बर्थ कंट्रोल पिल्स के सेवन से आपके पीरियड्स के लक्षणों में भी बदलाव नजर आने लगते हैं. आपको सिर दर्द, स्तनों में सूजन, वाटर रिटेंशन, मूड स्विंग, उल्टी, मतली जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं. हालांकि यह लक्षण अधिक गंभीर नहीं होते हैं, जो पीरियड खत्म करने के बाद समाप्त हो जाते हैं. अगर इसके बाद भी यह लक्षण बने रहे तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

4.मूड रहता है खराब -

कुछ महिलाओं में कॉन्ट्रासेप्टिव पील्स खाने से मूड खराब होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो किसी में इसे लक्षण नहीं होते हैं. वह अक्सर डिप्रेशन, तना,व चिड़चिड़ापन महसूस करती है. किसी भी तरह के भावनात्मक दुष्प्रभाव आने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

5.लिबिडो होता है कम -

इन दवाओं से कुछ महिलाओं में लिबिडो में भी कमी देखने को मिली है. उनमें सेक्स के प्रति रुचि कम हो जाती है. क्योंकि यह दवाइयां टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर देती है. हालांकि यह गर्भनिरोधक सभी महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम करते हैं. लेकिन कुछ महिलाओं में ही कामेच्छा में कमी देखी जाती है.

6.बढ़ सकता है अवसाद -

यदि आप लगातार गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन कर रही है, तो आप अवसाद की समस्या से जूझ सकती है. इससे शरीर में प्रोजेस्टेरोन एस्ट्रोजन नामक हार्मोन में गड़बड़ी आती है, जो डिप्रेशन, तनाव को बढ़ावा देते हैं. मूड हमेशा खराब रहता है, जो कि मानसिक सेहत के लिए सही नहीं है. इससे आप मानसिक रोगी भी बन सकते हैं. इसलिए आपको ऐसी दवाओं का सेवन करना बंद कर देना चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

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