पुरुषों की सबसे बड़ी समस्या है धातु रोग, इस घरेलू उपचार से होगा कमाल, नहीं पड़ेगी दवाइयों की जरूरत

कल्याण आयुर्वेद - संभोग और यौन उत्तेजना के बिना किसी पुरुष में वीर्य पात होने की स्थिति को धातु रोग कहा जाता है और निश्चित रूप से वीर्य निकलना या बहना पुरुषों में एक ही यौन समस्या है. धात गिरना ही धातु रोग कहलाता है. कुछ मामलों में कब्ज होने पर, मल त्याग करते समय, मूत्र के साथ वीर्य निकलने लगता है. वहीं कुछ ऐसे मामले भी पाए गए हैं, जिनमें मूत्र से पहले वीर्य निकलता है. कई बार सोते समय भी ऐसा होता है.

पुरुषों की सबसे बड़ी समस्या है धातु रोग, इस घरेलू उपचार से होगा कमाल, नहीं पड़ेगी दवाइयों की जरूरत

धातु रोग का कारण -

1.अत्यधिक हस्तमैथुन या सेक्स करना. 

2.पाचन तंत्र या शारीरिक कमजोरी. 

3.मूत्र और जनन अंगों से संबंधित कोई समस्या. 

4.यौन असंतोष, मूत्र मार्ग का सिकुड़ना. 

5.मलाशय से संबंधित विकार जैसे बवासीर.

6.त्वचा में फोड़े फुंसी आदि भी धातु रोग का कारण बन सकते हैं 

7.जब वृषण ज्यादा गर्मी के प्रभाव में आते हैं तो शुक्राणुओं की सप्लाई क्षतिग्रस्त हो जाती है. जैसे रात को सोने के बाद शुक्राणु जारी होने लगते हैं. हालांकि जो लोग ऐसे दृश्य की कल्पना करते हैं, जिससे यौन उत्तेजना होने लगती है तो ऐसे में वीर्यपात हो सकता है.

धातु रोग का लक्षण -

धातु रोग के सामान्य कारणों में कमर के निचले भाग में दर्द, अंडकोष वाले हिस्से में दर्द, पसीना आना, चक्कर आना, कमजोरी, रात को पसीना आना, गर्म हथेलिया व तलवे शामिल है.

उपचार के तरीके -

धातु रोग के उपचार के लिए जीवन शैली में कुछ बदलाव करना जरूरी है. जिनमें शराब का सेवन कम करना, रात के समय कम भोजन करना, बहुत मुलायम बिस्तर पर न सोना, जननांगों को अच्छी तरह से साफ रखना, मल त्याग सही से होना आदि. इसके उपचार में सहायक है. पुरुषों की ये समस्याएँ सुबह के कुछ घंटों में होती है, तो ऐसे में अलार्म की मदद से सुबह जल्दी उठने की कोशिश करें. रात में सोते समय टाइट कपड़े पहनने से बचें. इसके अलावा संतुलित और पौष्टिक आहार भी उपचार में मदद करते हैं.

अपनाएं घरेलू उपाय -

1.धातु रोग की समस्या आम तौर पर नौजवानों में ज्यादा होती है. इस रोग को ठीक करने में नियमित रूप से तरबूज, एवोकाडो का सेवन करना फायदेमंद होता है.

2.अजमोद एक शक्तिशाली उत्तेजक है, जिसमे एंड्रोस्टेनोल पाया जाता है. यह एक प्रकार का सुगंध रहित हार्मोन है जो पुरुषों में पसीने के साथ निकलता है. सोने से पहले अजमोद की पत्तियों का जूस पीना फायदेमंद रहेगा. 

3.शारीरिक शक्ति को बढ़ाने और फिट रहने के लिए रोजाना दो से तीन कप दही का सेवन करें. यह स्वप्न दोष को कम करने में मदद करता है और अच्छी नींद आने में भी सहायता करेगा. इस रोग को जड़ से खत्म करने के लिए आप मेथी का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह हार्मोन का संतुलन करने वाली दिक्कतों की जांच में असरदार होता है. यह पाचन को ठीक रखता है. इसके अलावा सोने से पहले मेथी का रस और शहद मिलाकर पीना भी फायदेमंद है.

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