कई तरह के कैंसर की वजह है ये 4 कुकिंग ऑयल, कहीं आपके घर में भी तो नहीं बनता इनसे खाना

कल्याण आयुर्वेद - कैंसर एक घातक व जानलेवा बीमारी है. यह तो हम सभी जानते हैं. माना जाता है कि अगर कैंसर के लक्षणों का शुरुआत में पता चल जाए, तो इसका सही इलाज हो सकता है. अगर इसे पहचानने में देरी हो जाए तो यह शरीर को धीरे-धीरे कमजोर करके मौत का कारण बन जाता है, जो दूरभाग्य से कैंसर के कई कारण हो सकते हैं. जिनमें आपके खाने में इस्तेमाल हो रहा कुकिंग आयल भी शामिल है.

कई तरह के कैंसर की वजह है ये 4 कुकिंग ऑयल, कहीं आपके घर में भी तो नहीं बनता इनसे खाना

बेशक हम सभी जानते हैं. खाना बनाने के लिए तेल जरूरी होता है. परंतु आजकल लोग भारी मात्रा में तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं. आजकल फ्राइड और डीप फ्राइड फूड का चलन तेजी से बढ़ रहा है. ज्यादातर लोगों को ऐसे फूड खाना बहुत पसंद आता है. ऐसा माना जाता है कि तेल शरीर में पीएच संतुलन को बिगाड़ देता है और लीवर, पाचन, मोटापा, कोलेस्ट्रोल, कब्ज और बवासीर जैसी समस्याओं का कारण बनता है.

शोध बताते हैं कि मक्खन और चर्बी जैसे सेचुरेटेड फैट्स के मुकाबले रोजाना इस्तेमाल होने वाले कुछ वेजिटेबल और सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा खतरनाक साबित होते हैं. हम आपको कुछ रोजाना खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न तरह के तेल के बारे में बताने जा रहे हैं, जो एक नहीं बल्कि कई तरह के कैंसर के जोखिम को बढ़ा देते हैं. इन तेलों का इस्तेमाल आपको जल्द बंद कर देना चाहिए.

कौन-कौन से तेल है कैंसर का ज्यादा जोखिम -

ऐसा माना जाता है कि गर्म होने पर कोर्न, सनफ्लावर, पाम और सोयाबीन के तेल एल्डिहाइड नामक रसायन छोड़ते हैं. यह खतरनाक तत्व है, जो विभिन्न कैंसर से जुड़े हुए हैं. कुछ अध्ययनों से पता चलता है, कि जहरीले योगिक रेटीना एल्डिहाइड के ऑक्सीकरण को बढ़ावा दे सकते हैं. इसे रेटिनोइसी एसिड में बदल सकते हैं. यह बदले में कैंसर कोशिकाओं को जन्म दे सकता है.

तेल से क्यों है कैंसर का जोखिम -

दरअसल तेल में पॉलीअनसैचुरेटेड फैट की बहुत अधिक मात्रा पाई जाती है. तेल को गर्म करने पर यह एल्डिहाइड में टूट जाता है. यही वजह है कि तेल को गर्म करने पर उसमें एक गंदगी आती है. वैसे भी गर्म तेल खाने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

वेजिटेबल ऑयल में कैंसर वाले तत्व -

एक शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि वनस्पति तेलों में तले हुए भोजन में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन द्वारा अनुशंसित दैनिक मात्रा की तुलना में 200 गुना अधिक एल्डिहाइड होता है.

ऑलिव आयल से कैंसर का खतरा होता है कम -

अब आपको यह भी बता दें कि कौन सा तेल आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है. दरअसल अध्ययन में पाया गया कि ओलिव आयल यानी कि जैतून के तेल चर्बी और मक्खन में एल्डिहाइड की मात्रा बहुत कम पाई जाती है. जिस वजह से इसका सेवन करने से कैंसर का जोखिम कम होता है. इसलिए आज से आप अपनी डाइट में जैतून के तेल का इस्तेमाल करें. जैतून का तेल हमारे सेहत के लिए फायदेमंद होता है. यह तो आप सभी ने सुना होगा. परंतु आज हम आपको बता दें कि यह आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है और आपको कैंसर से बचाने में मदद करता है.

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