महिलाएं पीरियड्स में जरुर अपनाएं ये 9 आदतें, मिलेंगे फायदे ही फायदे

कल्याण आयुर्वेद - पीरियड्स महिलाओं के स्वास्थ्य का एक जटिल हिस्सा है, जो कि उनके संपूर्ण स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव डालता है. अगर पीरियड के दौरान महिलाएं साफ सफाई का ध्यान नहीं रखती हैं, तो इससे उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. इसलिए महिलाओं को स्वस्थ रहने के लिए पीरियड्स के दौरान कुछ आदतों को जरूर अपनाना चाहिए. आइए आज उनके बारे में जानते हैं.

महिलाएं पीरियड्स में जरुर अपनाएं ये 9 आदतें, मिलेंगे फायदे ही फायदे

पीरियड क्यों होते हैं -

पीरियड्स को मेंस्ट्रुएशन भी कहा जाता है. जब महिला के गर्भाशय यानी यूटरस की अंदरूनी परत खुद को संभावित गर्भावस्था के लिए तैयार करती है, तो वह उभर जाती है और रक्त वाहिकाओं से परिपूर्ण हो जाती है. लेकिन जब प्रेगनेंसी नहीं होती है, तो गर्भाशय की ऊपरी परत ब्लीडिंग के साथ गिरने लगती है. यह बिल्डिंग आमतौर पर 3 से 8 दिन तक रह सकती है.

पीरियड के दौरान महिलाएं जरूर अपनाएं ये आदतें -

पीरियड्स के दौरान महिलाओं को साफ सफाई से जुड़ी आदतों को जरूर अपनाना चाहिए. जिनके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

तो चलिए जानते हैं विस्तार से -

1.पीरियड के दौरान पूरे दिन में कम से कम 2 बार नहाए और खुद को अच्छी तरह से साफ रखने की कोशिश करें. नहाने के दौरान प्राइवेट पार्ट्स को अच्छी तरह से साफ करें और कीटाणु रहित रखने का प्रयास करें.

2.वजाइनल हाइजीन को सही रखने के लिए हर 4 से 6 घंटे में सेनेटरी नैपकिन या टैंपून को बदलने की कोशिश करें. क्योंकि पीरियड के दौरान होने वाली बिल्डिंग कई सूक्ष्म जीवों को आकर्षित करती है, जो कि रक्त की गर्माहट में काफी जल्दी विकसित हो जाते हैं. इसके कारण जलन, रैशेज और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है.

3.संवेदनशील अंगों तक पर्याप्त हवा जाने और पसीना बदबू और संक्रमण से बचने के लिए टाइट नहीं बल्कि ढीले कपड़े पहने.

4.टॉयलेट में सेनेटरी, नैपकिन प्लस ना करें. इससे टॉयलेट ब्लॉक हो सकता है. नैपकिन को अखबार में अच्छी तरह से लपेटकर कचरे में डाल दें.

5.अत्यधिक ब्लीडिंग होने के कारण पैड ड्रेसेस हो सकते हैं. जिसके लिए डॉक्टर से अच्छे ऑइंटमेंट के बारे में जानकारी ले पीरियड्स के दौरान खुद को ड्राई रखें.

6.महिलाओं का जननांग खुद को साफ करने की क्षमता रखता है. इसलिए उसे सिर्फ माइल्ड साबुन से साफ कर सकते हैं. खुशबूदार और बाजार के प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने पर वजाइना का पीएच बैलेंस बिगड़ सकता है.

7.संवेदनशील त्वचा वाली महिलाओं को प्लास्टिक लाइनिंग वाले सेनेटरी पैड का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इससे खुजली और छाले की समस्या हो सकती है.

8.हर बार पेशाब जाने के बाद वजाइना को साबुन या हाइजीन प्रोडक्ट्स से साफ ना करें. इस से गुड बैक्टीरिया भी नष्ट हो जाते हैं. आपको बस गुनगुने पानी से जननांगों को धोना चाहिए.

9.ध्यान रखें कि हर बार सेनेटरी पैड, टैम्पून या मैचुअल कप बदलने के बाद अपने हाथों को साबुन और गुनगुने पानी से जरूर धोएं. एक्सपर्ट के मुताबिक महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य के लिए मेंसट्रूअल हाइजीन का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है.

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