क्या आपको भी बैठे-बैठे पैर हिलाने की है आदत ? तो इस बीमारी का है संकेत

कल्याण आयुर्वेद - कई बार हम काम करते हुए अपने काम में मन लगाने के लिए कोई एक ऐसी एक्टिविटी करते हैं. जिससे हमारा ध्यान उस काम में केंद्रित रह सके, वहीं कुछ लोग अपना मन लगाने के लिए पैर हिलाते हैं. लेकिन आपको बता दें कि बैठे-बैठे पैरों को हिलाना या फिर सोते समय ऐसा करना वैसे तो एक आम आदत होती है. लेकिन क्या आपको पता है यह किस बीमारी का संकेत भी हो सकता है. चलिए आज हम आपको बताएंगे की कुर्सी पर बैठकर पैर हिलाने के पीछे क्या वजह हो सकती है.

क्या आपको भी बैठे-बैठे पैर हिलाने की है आदत ? तो इस बीमारी का है संकेत

बैठे-बैठे पैर हिलाना चिंता का है संकेत -

वैसे तो इसके कई कारण हो सकते हैं. लेकिन इसका एक कारण रिस्टलेस लेग सिंड्रोम हो सकता है, जो कि 10% लोगों को होता है. यह एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जो नर्वस सिस्टम से जुड़ी होती है. यह समस्या महिला और पुरुष दोनों में देखी जाती है. इस समस्या की वजह से भी आपको पैर हिलाने की आदत हो सकती है. ऐसे में इग्नोर करना काफी खतरनाक साबित हो सकता है. आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए.

क्या है रिस्टलेस लेग सिंड्रोम -

यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को बैठने और सोने में अचानक से दर्द होने लगता है और जब हम पैरों को मूव करते हैं तो इस दर्द से काफी राहत मिलने लगता है. जब यह दर्द की स्थिति बार-बार होने लगती है, तो इसे रिस्टलेस लेग सिंड्रोम कहा जाता है. यह समस्या आयरन की कमी के कारण भी हो सकती है.

जेनेटिक भी हो हैं इसके कारण -

वैसे तो इस सिंड्रोम का सही कारण बता पाना मुश्किल होता है. लेकिन कई बार यह जेनेटिक भी हो सकता है. कई बार अगर घर में माता-पिता को यह समस्या होती है तो इस समस्या का बच्चे में होने की संभावना भी रहती है.

कैसे हो सकता है इलाज -

इस सिंड्रोम को ठीक करने के लिए फिजियोथैरेपी ट्रीटमेंट किया जा सकता है. इसके अलावा मसल की स्ट्रैचिंग करके भी इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है.

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